किन्नर: बदलनी होगी हमारी सोच

किन्नरों को हरदम सामाजिक तिरस्कार का सामना करना पड़ता हैं। क्या गुनाह किया हैं किन्नरों ने? भगवान ने उन्हें बीच का इंसान बनाया इसमें किन्नरों की क्या गलती हैं? किन्नरों के प्रति हमें हमारी सोच बदलनी होगी...

किन्नर: बदलनी होगी हमारी सोच
किन्नरों को हरदम सामाजिक तिरस्कार का सामना करना पड़ता हैं। क्या गुनाह किया हैं किन्नरों ने? भगवान ने उन्हें बीच का इंसान बनाया इसमें किन्नरों की क्या गलती हैं? 84 लाख योनियों में ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना 'इंसान' हैं और सबसे विकृत रचना हैं, 'किन्नर'! इंसानों की दो ही जाति स्त्री और पुरुष समाज में स्विकार्य हैं, तीसरी जाति ‘किन्नर’ शब्द ही श्राप सा प्रतित होता हैं। किन्नर को आज भी एक आम इंसान जैसा जीवन नसीब नहीं होता। समाज से आज भी उन्हें अपमान और नफरत ही मिलती हैं। अपनी पूरी जिंदगी ये लोग सामाजिक तिरस्कार का सामना करते ही जीते हैं। कहा जाता हैं कि ईश्वर हमेशा हमारे साथ नहीं रह सकता इसलिए उसने 'माँ' को बनाया। लेकिन यहीं 'माँ' समाज के डर से अपने कलेजे के टुकड़े को, किन्नर को पैदा होते ही ठुकरा देती हैं...कोई स्कूल इन्हें दाखिला नहीं देता...कोई इन्हें नौकरी नहीं देता...किन्नर भी चाहते हैं आम इंसान की तरह मेहनत कर पैसा कमाना...आम इंसान की तरह गुजर-बसर करना...लेकिन समाज उन्हें हरदम दुत्कारता ही रहता हैं! इनका जन्म भी किसी माँ के गर्भ से ही होता हैं। लेकिन इन्हें बेटा या बेटी के रुप में मान्यता नहीं मिलती। ऐसा लगता हैं जैसे ये आसमान से टपक गए हो! 

किन्नर कौन हैं? 
कोई कहता हैं, 'हिजड़ा'...!
कोई कहता हैं, 'छक्का'...!
कोई कहता हैं, 'बीचका'...!
कम्बख्तों, मैं भी हिस्सा हूँ, 'इंसानों की भीड़' का!!
यहीं सच्चाई हैं किन्नरों की। किन्नर न तो पूरी तरह नर होता है और न नारी। इन्हें हिजड़ा, छक्का या ट्रांसजेंडर के नाम से भी संबोधित किया जाता हैं। किन्नर का अर्थ होता हैं स्वर्ग के गायक या गाना बजाने का पेशा करने वाली एक जाति। माना जाता हैं कि पुरुष वीर्य की अधिकता से पुत्र उत्पन्न होता हैं और स्त्री रक्त (रज) की अधिकता से कन्या उत्पन्न होती हैं। यदि वीर्य और रज समान मात्रा में हो तो किन्नर संतान उत्पन्न होती हैं। महाभारत में उल्लेख मिलता है कि अर्जुन भी एक शाप के कारण साल भर किन्नर रूप में रहे थे। 2011 की जनगणना के अनुसार तब भारत में ट्रांसजेंडरों की जनसंख्या 4.88 लाख थी। 

शादी-ब्याह या बच्चे का जन्म जैसी खुशियों के मौके पर एकाएक किन्नर कहीं से आ धमकते हैं और दुआए देकर बख्शिस लेकर अपनी दुनिया में लौट जाते हैं। ट्रेन में, बस में या ट्रेफिक सिग्नल पर रुकी गाडियों के शिशे थपकाते हुए भी आपने किन्नरों को देखा होगा। हट्टे-कट्टे किन्नरों को यू मांगते देख आम इंसान यहीं सोचता हैं कि आलसी हैं...मेहनत करना नहीं चाहते इसलिए भीख मांग कर खाते हैं! लेकिन किन्नर बेचारे क्या करे क्योंकि कोई उन्हें काम ही नहीं देना चाहता! किन्नरों का जीवन कितना संघर्षमय हैं...अपमानजनक हैं इसकी कल्पना भी आम इंसान नहीं कर सकता! औरों के जलसों को रोशन करनेवाले किन्नरों के खुद के जीवन में हमेशा अंधेरा ही रहता हैं। दूसरों को दुआ देने वाले किन्नरों को कोई दुआ नहीं देता। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर यानि किन्नर को थर्ड जेंडर यानि तीसरे लिंग के तौर पर कानूनी मान्यता दी। फिर भी इनका शोषण, सामाजिक तिरस्कार और उसके बाद जीवन के लिए की जा रही जद्दोजहद और संघर्ष कम होने का नाम नहीं ले रहा है। 

किन्नरों की शादी- 
आमतौर पर यह माना जाता है कि किन्नर विवाह नहीं करते। लेकिन कम लोगों को पता है कि किन्नर भी शादी करते हैं और इनकी शादी आम लोगों से अलग होती है। इनकी शादी जीवन भर के लिए नहीं बल्कि महज एक रात की होती है। एक रात में ही यह सुहागन से विधवा बन जाते हैं। महाभारत के युद्ध में पांडवों को एक राजकुमार की बलि देनी थी। बलि के लिए कोई भी राजुकमार तैयार नहीं हुआ। तब अर्जुन और नागकन्या उलूपी का पुत्र इरावन तैयार हो गया, लेकिन उसकी एक शर्त थी कि वह बिना शादी किए बलि पर नहीं चढेगा। ऐसे राजकुमार से कौन शादी करता, जिसको अगले दिन मरना हैं। तब भगवान श्रीकृष्ण ने मोहिनी रुप धारण कर इरावन से शादी की। अगले दिन इरावन के मरने के बाद श्रीकृष्ण ने विधवा बन कर विलाप किया। तभी से यह परंपरा चली आ रही हैं। किन्नर एक दिन के लिए अपने भगवान इरावन से शादी करते हैं और दूसरे दिन विलाप करते हैं। 

किन्नरों का अंतिम संस्कार- 
माना जाता हैं कि किन्नरों को मौत का आभास हो जाता हैं। ऐसा आभास होने के बाद वे खाना बंद कर सिर्फ़ पानी पीते हैं और ईश्वर से दूसरे किन्नरों के लिए दुआ करते हैं। मान्यता हैं कि मरणासन्न किन्नर की दुआ काफ़ी असरदार होती हैं इसलिए दूरदराज के किन्नर मरणासन्न किन्नर की दुआ लेने आते हैं। किन्नरों में शव को खड़ा करके अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता हैं। मान्यता हैं कि यदि आम लोग मृत किन्नर का शरीर देख ले तो मृतक को दूबारा किन्नर का ही जन्म मिलता हैं। इसलिए किसी बाहरी व्यक्ति को मरणासन्न किन्नर या किन्नर के मौत की बिल्कुल ख़बर न हो, ये एहतियात बरती जाती हैं। यदि उन्हें भनक भी लग जाए कि बाहरी व्यक्ति अंतिम संस्कार देख रहा हैं, तो ये उस दर्शक के लिए खतरनाक हो सकता हैं। किन्नर खुद अपने जीवन को इतना शापित मानते हैं कि शवयात्रा से पहले मृतक को जूते-चप्पलों से पीटा जाता हैं और गालियां दी जाती हैं ताकि जीते-जी किन्नर ने यदि कोई अपराध किया हो, तो उसका प्रायश्चित हो जाए और अगला जन्म आम इंसान का मिले। 

कामयाबी को छुते किन्नर- 
किन्नरों में आज कुछ किन्नर ऐसे हैं, जो समाज की रुढिवादिता को तोड कर अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं। इन किन्नरों ने दुनिया को दिखा दिया कि अपनी पहचान को अपनी कमजोरी न बनाते हुए उसे अपनी ताकत बनाकर भी दुनिया को अपनी मुट्ठी में किया जा सकता हैं। कई किन्नरों ने भीख मांगने से भी मना कर दिया हैं। जैसे कि, 
• जमशेदपुर (झारखंड) की किन्नर डॉली। इसने अपना स्वयं का छोटा सा फूड कोर्ट खोला हैं। 
• देश की पहली किन्नर विधायक शबनब मौसी का कहना हैं, ‘शासन करने की बेहतर क्षमता का लिंग से क्या संबंध’। 
• केरल की तिरुवनंतपुरम की रहनेवाली किन्नर जारा शेख को एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में वरिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त हैं। जारा शेख भारत की पहली ऐसी किन्नर हैं, जो बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करती हैं। 
• 2017 में केरल की एक फैशन डिझायनर शर्मिला ने अपने साडियों के कलेक्शन को प्रस्तुत करने के लिए दो किन्नर 'माया मेनन' और 'गोवरी सावित्री' को अपनी मॉडल चुन कर किन्नरों को सम्मान दिलाया।

किन्नर: बदलनी होगी हमारी सोच 
किन्नरों के प्रति हमारी दुषित मानसिकता के कारण ही हमारे देश में अधिकांश किन्नर दीन-हीन जीवन जीने को मजबूर हैं। हमारा समाज ये तो मानता हैं कि किन्नरों की दुआओं में बड़ा असर होता हैं, लेकिन उनके हित के लिए कोई भी कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं! वे किन्नर हैं इसमें उनका स्वयं का कोई दोष नहीं हैं, ईश्वर ने ही उन्हें ऐसा बनाया हैं। वे भी हमारी तरह इंसान ही हैं। किन्नरों के प्रति हमारी जो दुषित सोच हैं, वो बदलनी चाहिए...उनके साथ जो सामाजिक भेदभाव होता हैं, वो दूर होना चाहिए...उनके लिए रोजगार के साधन उपलब्ध किए जाने चाहिए...तभी किन्नर समाज अपनी सामाजिक बेड़िया तोड़ कर स्वाभिमान से जी सकेगा! 

Keywords: Kinnara, hijra, eunuch, shabnam mausi, Fashion designer Sharmila, Maya Menon, Gowri savithri

COMMENTS

BLOGGER: 9
  1. बहुत ज़रूरी लेख! हमारी संवेदनहीनता को उधेड़ कर रख देता हुआ लेख !

    जवाब देंहटाएं
  2. सही कहा ज्योति आपनेंं ,किन्नर जिंदगी भर अपमानित जीवन जीते हैं ...हमें अपनी सोच को बदलना होगा ।
    बहुत ही सशक्त विषय चुना है आपने ..।

    जवाब देंहटाएं
  3. जी आपने अति संवेदनशील विषय को उठाया है। हमारे मिर्जापुर जनपद के अहरौरा नगर पालिका परिषद से पूर्व में चुनाव रेखा किन्नर लड़ी थी और विजयी भी हुई थी। इस दौरान मुझे किन्नरों का साक्षात्कार लेने का अवसर मिला और मैं उन्हें करीब से समझ सका , हालांकि रेखा किन्नर काफी संपन्न थी।
    परंतु शेष में तो वह सामर्थ्य नहीं है।

    जवाब देंहटाएं
  4. सही कहा समाज को और स्वयं किन्नरों को भी अपनी सोच बदलनी होगी...जब किन्नर फूड कोर्ट, विधायक और बहुराष्ट्रीय कम्पनीयों में तक कार्यरत है तो इसका मतलब है कि इनके उज्जवल भविष्य के लिए रास्ते साफ हैं अब जरूरत है कि किन्नर के माता-पिता अपनी अन्य संतानों की तरह ही इनका पालनपोषण करेंऔर इन्हें स्वावलंबी बनायें लिंगभेद से बाहर निकलें.....।
    बहुत सुन्दर चिन्तनपरक लेख।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सुधा दी, अब किन्नर भी आगे आ रहे हैं। लेकिन उन्हें परिवार का सुख मतलब माँ-बाप भाई-बहन का प्यार नहीं मिल पाता।

      हटाएं
  5. प्रकृति के अन्याय के शिकार इस वर्ग के प्रति समाज का तिरस्कारपूर्ण व्यवहार तथा उन्हें मूलभूत मानवीय सुविधाओं तक से वंचित किया जाना उस संवेदनहीनता का ही परिचायक है जो हमारी रग-रग में व्याप्त हो गई लगती है । आपके लेख में व्यक्त सभी विचारों से मैं सहमत हूँ । इनका जीवन अन्याय की वह गाथा है जिसमें कोई व्यक्ति नहीं, संपूर्ण समाज ही खलनायक है ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. जितेंद्र भाई, किन्नर के विशिप्त जीवन के लिए असल में हमारा पूरा समाज ही जिम्मेदार हैं। हर कोई इस बात को जानता हैं। लेकिन सभी मैं क्या कर सकता हूँ यह सोच कर चूप रह जाता हैं।

      हटाएं
  6. किन्नर होना किसी के हाथ में नहीं है फिर भी मनुष्यों ने भेदभाव की एक दीवार खड़ी कर दी है | जिससे उनका जीवन और दुष्कर हो गया है | आज ईस बात को समझा जा रहा है | गोष्ठियां हो रहीं है | आप का ये लेख भी इस दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम है | उम्मीद है समाज समझेगा और उन्हें भी सामान्य जीवन जीने का मौका मिलेगा |

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,25 दिसम्बर,1,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,15,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,9,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,25,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,6,आंवला कैंडी,1,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आंवले का शरबत,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,2,आलू को स्टोर करना,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,ईसा मसीह,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,4,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,24,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,किन्नर,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कैंडी,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्रिसमस डे,2,क्रिसमस डे की शुभकामनाएं,1,क्रिस्पी डोसा बनाने के सिक्रेट्स,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,खोया,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,6,गाजर अप्पे,1,गाजर के पैनकेक,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर मूली का अचार,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं का आटा,1,गैस बर्नर,1,गोभी और चना दाल के बडे,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,ग्रीन टी,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,6,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,5,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,2,जाम,1,जिंदगी,1,जींस,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,36,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,डोसा,1,ड्राई फ्रूट,1,ड्राई फ्रूट्स लड्डू,1,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,3,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तिल गुड़ की रेवड़ी,1,तेल,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,5,दही वाली लौकी की सब्जी,1,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुबई,1,दुबई यात्रा,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,31,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,6,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नागरिकता संशोधन कानून,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,49,नारी अत्याचार,11,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परफ्यूम,1,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पर्स,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,2,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्रियंका रेड्डी,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल,1,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,9,बहू,3,बहू जैसा प्यार,1,बाजरा,1,बाल दिवस,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिना प्याज लहसुन की रेसिपी,7,बिमारियों की असली वजह,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बुढ़ापा,1,बुर्ज अल-अरब,1,बुर्ज खलीफा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेटे का फ़र्ज,1,बेमेल आहार,1,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,4,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठरी,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,24,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिल्क पाउडर,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुरमुरा,1,मुरमुरा लड्डू,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,4,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,7,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,यू ए ई,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,117,रांगोली,3,राखी,2,राज की बात,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रिफाइंड ऑयल,1,रिफाइंड ऑयल के नुकसान,1,रिफाइंड तेल,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रेवड़ी,1,रोटी,3,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,12,लड्डू,5,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च,1,लाल मिर्च का अचार,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,3,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,लौकी की सब्जी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विदर्भ स्पेशल रेसिपी,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विरुद्ध आहार,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन गिफ़्ट,1,वैलेंटाइन डे,3,वैलेंटाइन डे शायरी,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,3,व्रत रेसिपी,16,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शबनम मौसी,1,शब्द,1,शरबत,5,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,6,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संत निकोलस,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,9,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांता क्लॉज,1,सांभर वडी,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,3,साक्षात्कार,4,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,68,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,3,साहित्य,91,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीएए,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,37,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,11,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर,1,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मटर को कैसे स्टोर करें,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,27,हिंदु,1,हेयर कलर,1,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: किन्नर: बदलनी होगी हमारी सोच
किन्नर: बदलनी होगी हमारी सोच
किन्नरों को हरदम सामाजिक तिरस्कार का सामना करना पड़ता हैं। क्या गुनाह किया हैं किन्नरों ने? भगवान ने उन्हें बीच का इंसान बनाया इसमें किन्नरों की क्या गलती हैं? किन्नरों के प्रति हमें हमारी सोच बदलनी होगी...
https://1.bp.blogspot.com/-ANmUMp5s5JI/Xh0-oMW892I/AAAAAAAAOdI/K0XA9XujFowWcSNKX-PmVhxoY-KH9VkQwCLcBGAsYHQ/s320/kinnara.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-ANmUMp5s5JI/Xh0-oMW892I/AAAAAAAAOdI/K0XA9XujFowWcSNKX-PmVhxoY-KH9VkQwCLcBGAsYHQ/s72-c/kinnara.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2020/01/kinnara-badalani-hogi-hamaari-soch.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2020/01/kinnara-badalani-hogi-hamaari-soch.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy