लघुकथा- परवरिश

शिल्पा की बेटी दिपाली ने ऐसा क्या किया कि घर के सभी लोग उसकी परवरिश पर सवाल उठाने लगे? लेकिन असलियत पता चलते ही सब चूप क्यों हो गए?

लघुकथा- परवरिश
''शिल्पा, ओ शिल्पा...शिल्पा, ओ शिल्पा...'' पडौसी ताईजी की गुस्से वाली आवाज सुन कर मैं हैरान हो गई। क्योंकि ताईजी को आज तक किसी ने भी गुस्से में नहीं देखा था। वे बहुत ही मृदुभाषी, विनम्र और मोहल्ले में सबसे मिल-जूल कर रहनेवाली बुजुर्ग महिला थी। उनकी तेज आवाज से मेरे सास-ससुर जी और नणंद सभी ड्राइंगरुम में आ गए। आज रविवार होने से पतिदेव उपर अपने कमरे में क्रिकेट देख रहे थे। ताईजी की आवाज इतनी तेज और गुस्से वाली थी कि जो पतिदेव चाहे कुछ भी हो जाएं क्रिकेट मैच देखते-देखते टस से मस नहीं होते थे, वे भी नीचे आ गए। मैं भी किचन में से बाहर आ गई। मुझे देखते ही ताईजी ने गुस्से से पुछा, ''दिपाली कहां हैं? कहां हैं दिपाली?''
''वो तो बाहर खेलने गई हैं। क्यों, क्या हुआ ताईजी?''
''क्या हुआ? अरे तुम्हें पता नहीं कि क्या किया तुम्हारी बेटी ने!'' मैं किसी अनहोनी की आशंका से डर गई। ससुरजी, सासुजी आदी सभी पुछने लगे कि क्या हुआ?
''अरे बच्चों को सर पर बैठाना चाहिए...लेकिन इतना भी नहीं कि वे अपनों से बडों से, 60 साल के बुजुर्ग से ऐसी मस्ती करे!''
पतिदेव ने पुछा, ''लेकिन ताईजी ये तो बताइए कि दिपाली ने आखिर किया क्या हैं?''
''क्या बताऊं बेटा, दिपाली ने इनकी (उनके पतिदेव) आँखों में न जाने क्या फेंक दिया ...इनकी आँखें बहुत जलन कर रही हैं...इन्होंने ठंड़े-ठंड़े पानी से आँखें दो-चार बार धो ली...लेकिन जलन कम नहीं हो रही! थोड़ी देर ओर देखते हैं, नहीं तो दिपक उनको डॉक्टर के पास लेकर जाएगा।''

सासुजी को तो बस मौका ही चाहिए था मुझ पर ताने कसने का! वो तो ऐसे शुरु हो गई जैसे ताऊजी की आँखों में मैं ने ही कुछ डाला हैं या मैं ने दिपाली से ऐसा करने कहा हैं!
''हमारे भी इतने बच्चे हुए...लेकिन मजाल हैं किसी ने भी बड़े-बुजुर्गों के साथ ऐसी बदतमीजी की हो! आखिर ये अपनी-अपनी परवरिश का नतीजा हैं। ये आजकल की बहुओं को अपने खुद के सजने-संवरने और घुमने-फिरने से फुरसत मिले तब तो ये बच्चों के तरफ ध्यान दे ना!''
माँ को बोलते देख पतिदेव कहाँ चूपचूप रहने वाले थे? वे भी बोलने लगे, ''मैं तो दिन भर ऑफिस में रहता हूं। अब ये तो शिल्पा का काम हैं न कि वो बच्चों को अच्छी परवरिश दे। मैं कुछ बोलता हूं तो इसका मुंह बन जाता हैं। इसलिए मैं तो अब घर में कुछ बोलता ही नहीं। लेकिन इसका ये मतलब नहीं हैं न कि शिल्पा बच्चों को इतना बिगाड़ दे कि वे पडौसियों को परेशान करने लगे। नाम तो मेरा ही ख़राब होगा न!''
ससुरजी ने कहा, ''आज तक हमारे घर के बच्चों की किसी ने भी शिकायत नहीं की।'' सासुजी ने कहा, ''हमारे तो आठ-आठ बच्चे थे। इनसे सिर्फ़ दो बच्चे भी संभाले नहीं जाते। अब बस ये ही दिन देखना बाकि रह गए थे!''

मैं सब चुपचाप गर्दन नीची कर सुन रही थी। और क्या करती? आखिर गलती तो मेरी बेटी ने ही की थी न! जब बच्चे कोई भी गलती करते हैं तो उसमें बच्चों से ज्यादा कसुरवार माँ को ही ठहराया जाता हैं। और बच्चे जब अच्छा काम करते हैं तो ये यह उनके खानदान के खून का असर रहता हैं। दिपाली अभी चौथी कक्षा में हैं। उसने कभी किसी के साथ बदतमीजी नहीं की। घर-बाहर सभी का कहना वो मानती हैं। घर के छोटे-छोटे कामों में हाथ भी बटाती हैं। छोटे भाई का ख्याल रखती हैं। हर साल सिर्फ़ खुद की कक्षा में ही नहीं तो पूरे स्कूल में अव्वल आती हैं। स्कूल में विभिन्न प्रतियोगिता में, मोहल्ले के गणेशोत्सव आदि में भी हर बार इनाम जीतती हैं। तब कभी भी घर के लोगों ने दिपाली की अच्छे से परवरिश करने के लिए मेरी तारीफ़ नहीं की और आज बिना यह जाने कि दिपाली ने ऐसा क्यों किया मेरी परवरिश पर ही सवाल खड़े कर दिए? मुझे मन ही मन दिपाली पर बहुत गुस्सा आ रहा था। कितना ज्यादा वक्त देती हूं मैं अपने बच्चों को...उन्हें हर बात बहुत प्यार से समझाने की कोशिश करती हूं...उसका ये नतीजा? आने दो उसे...आज तक कभी दोनों बच्चों पर हाथ नहीं उठाया मैं ने...लेकिन लगता हैं कि लातों के भुत बातों से नहीं मानेंगे! बस आने दो उसे...

इतने में दिपाली को आते देख ताईजी बोलने लगे, ''लो आ गई महारानी। पुछो अपनी लाडली से... क्या फेंका उसने बाबुजी की आंखों में और क्यों फेंका? मासुम तो इतनी बन रही हैं जैसे इसने कुछ किया ही नहीं!''

दिपाली के चेहरे से बिल्कुल ऐसा नहीं लग रहा था कि उसने कोई गलती की हैं। वो मेरे पास आकर कहने लगी, ''मम्मी, कल आपने मुझे समझाया था न कि गुड टच और बैड टच क्या होता हैं। दादाजी कई बार मुझे टच करते थे तो मुझे अच्छा नहीं लगता था। लेकिन ऐसे में मैं क्या करूं मुझे समझ में नहीं आता था। आपके समझाने पर मेरी समझ में आया कि ये बैड टच हैं और इसे हमें रोकना चहिए। आपने मुझे मिर्च स्प्रे दिया था और कहा था कि यदि कोई तुमको बार-बार बैड टच करे, मना करने पर भी नहीं माने तो यह मिर्च स्प्रे उसकी आंखों में डाल देना। आज तो दादाजी ने मुझे अकेली देख कर जोर से पकड़ लिया था। इसलिए मैं ने वो मिर्च स्प्रे दादाजी की आंखों में डाल दिया!!!''

Keywords: short story in hindi, good touch and bad touch, upbringing, child abuse, children

COMMENTS

BLOGGER: 22
  1. जय मां हाटेशवरी...
    अनेक रचनाएं पढ़ी...
    पर आप की रचना पसंद आयी...
    हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
    इस लिये आप की रचना...
    दिनांक 13/11/2018
    को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की गयी है...
    इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी रचना को 'पांच लिंकों का आनंद' में शमिल कार्ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, कुलदिप जी!

      हटाएं
  2. समाज की सड़न को उधेड़ के रखती रचना I
    ज़बरदस्त कथा !

    जवाब देंहटाएं
  3. अच्छा किया जो सप्रे का इस्तेमाल किया ... ज़रूरी है ऐसे सनक सिखाना इन बुज़ुर्गों को ....
    अच्छी सूझ भरी कहानी ...

    जवाब देंहटाएं
  4. Great concept.....Jyoti i really liked it very much. Such articles/stories are really need of the day.

    जवाब देंहटाएं
  5. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (13-11-2018) को "छठ माँ का उद्घोष" (चर्चा अंक-3154) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी रचना को "चर्चा मंच"में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी।

      हटाएं
  6. समाज को सही दिशा दिखाती बहुत अच्छी कहानी ज्योति जी , जरूरी है हर बच्चे को ये ज्ञान हो और वो ऐसे बुजुर्गों को सबक सिखा सके |

    जवाब देंहटाएं
  7. Wah didi very nice aur Baccho n Maao ke padhne ke liye

    जवाब देंहटाएं
  8. समाज को सही दिशा दिखाती ,एक बहुत ही खूबसूरत कहानी लिखी है अपने ज्योति ।

    जवाब देंहटाएं
  9. गुड टच और बैड टच के बारे में सुन्दर सीख देती बहुत ही लाजवाब कहानी....आज के समाज में यही परवरिश हर माँ को देनी चाहिए अपनी बेटी को...सही समझ रखते हुए बेहिचक आवाज उठाने की हिम्मत हो चाहे अपराधी अपना ही क्यों न हो...।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सही कहा सुधा दी कि सही समझ रखते हुए बेहिचक आवाज उठाने की हिम्मत हो चाहे अपराधी अपना ही क्यों न हो...। तभी हमारे बच्चे सुरक्षित रह पाएंगे।

      हटाएं
  10. बहुत अच्छा विचार।
    एक सार्थक रचना।आज समाज को इसी तरह से कदम उठाकर ठीक करना होगा।और बच्चों को ऐसी स्थिती के लिए भी आगाह करने की जरूरत हैं।
    आभार

    जवाब देंहटाएं
  11. Awesome presentation, holding my breath i was waiting to how it will be finished and at the end i as surprised with the twist..
    Very nicely written.

    जवाब देंहटाएं
  12. आवरण में लपटी गंदगी का खुलासा करती बहुत बहुत प्रेरणादायी कहानी प्रिय ज्योति,सच बच्चियों में सजगता भरनी जरूरी है।
    अप्रतिम कथा के लिये साधुवाद ।

    जवाब देंहटाएं
  13. जी बिलकुल सटीक स्टोरी हैं.. बड़ो को भी उनके संस्कारो का ध्यान रखना चाहिए

    जवाब देंहटाएं
  14. समाज की घिनौनी तस्वीर,माँ को अपनी बेटियों को गुड टच बेड टच के बारे में जानकारी देना रिश्तों को बदनाम करने वालों से बचा सकती है।बहुत सुंदर शिक्षाप्रद कहानी

    जवाब देंहटाएं
  15. बहुत अच्छा लेख सखी
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  16. Bahut hi sundar lekh hai ! Is tarh ki Lekh aaj ke uvaon ko padne chahiye !

    जवाब देंहटाएं
  17. Ati Sundar Is trah ki Lekh ko ajkl ke yuvao ko padne chahiye !

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,25 दिसम्बर,1,26 जनवरी,1,8 मार्च,2,अंंधविश्वास,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,4,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,19,अंधश्रद्धा,15,अंधश्रध्दा,3,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,9,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अजय नागर,1,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,27,अन्याय,1,अपमान,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरबी,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,16,अस्पताल,1,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,6,आंवला कैंडी,1,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आंवले का शरबत,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,10,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरओ,1,आरक्षण,3,आलू,5,आलू की पापडी,1,आलू की मठरी,1,आलू को स्टोर करना,1,आलू चाट पराठा,1,आलू पोहा अप्पे,1,आलू प्याज के स्टफ्ड पकोड़े,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,2,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इंस्टेंट मिठाई,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,ईसा मसीह,1,उटी,1,उपमा,3,उपवास,1,उपवास का हांडवो,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,उम्र,1,उम्र का लिहाज,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,ओरैया,1,और इज्जत बच गई,1,औरंगाबाद हादसा,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,4,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,29,कांजी,1,काजू,1,काजू करी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,16,किटी पार्टी,1,किन्नर,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कैंडी,1,कैरी मिनाती,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कोरोना,2,कोरोना टिप्स,1,कोरोना वरीयर्स,1,कोरोना वायरस,7,कोवीड-19,2,कौए,1,क्रिसमस डे,2,क्रिसमस डे की शुभकामनाएं,1,क्रिस्पी डोसा बनाने के सिक्रेट्स,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,खोया,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी,3,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,6,गाजर अप्पे,1,गाजर के पैनकेक,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर मूली का अचार,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गार्डनिंग,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुजिया,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं का आटा,1,गैस बर्नर,2,गोभी और चना दाल के बडे,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,ग्रीन टी,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चाशनी वाली मावा गुजिया,1,चींटी,1,चींटीया,1,चीज,1,चीला,3,चुर्ण,1,चूर्ण,6,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,5,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,3,जन्माष्टमी रेसिपी,1,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,2,जाम,1,जिंदगी,1,जींस,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोमैटो,1,जोयिता मंडल,1,जोरु का गुलाम,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टमाटर,1,टमाटर सूप,1,टिप्स कॉर्नर,43,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडा पानी,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,2,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,डोनाल्ड ट्रम्प,1,डोसा,2,ड्राई फ्रूट,2,ड्राई फ्रूट मोदक,1,ड्राई फ्रूट्स लड्डू,1,ढाबा स्टाइल सब्जी,2,ढाबे वाली दम अरबी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,3,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तिल गुड़ की रेवड़ी,1,तुलसी,1,तेल,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,6,दही वाली लौकी की सब्जी,1,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुबई,1,दुबई यात्रा,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,4,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,दोस्ती,1,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,38,नई जनरेशन,2,नक्सली,1,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,2,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,8,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नाग पंचमी,1,नागरिकता संशोधन कानून,1,नानी,1,नारियल,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,53,नारी अत्याचार,12,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,2,नींबू का शरबत,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,3,पकोड़े,1,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पनीर,2,पनीर बटर मसाला,1,पनीर मोदक,1,पपीता,1,परंपरा,3,परफ्यूम,1,परवरिश,6,पराठे,3,परीक्षा,2,परेशानी,1,पर्स,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पान गुलकंद मोदक,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पीरियड,1,पीरियड पॉलिसी,1,पीरियड्स,1,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेड-पौधे,1,पेड़े,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,2,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,5,प्याज की चटनी,1,प्याज के क्रिस्पी पकोड़े,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रवासी मजदूर,2,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्रियंका रेड्डी,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,प्रीमिक्स,3,फर्रुखाबाद,1,फल,2,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,3,फूल,1,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बंटवारे की अनोखी शर्त,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,2,बदला,1,बदलाव,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,9,बहन की रक्षा,1,बहू,4,बहू जैसा प्यार,1,बाजरा,1,बाल दिवस,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिना गैस रेसिपी,2,बिना प्याज लहसुन की रेसिपी,7,बिमारियों की असली वजह,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बुढ़ापा,1,बुर्ज अल-अरब,1,बुर्ज खलीफा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेटे का फ़र्ज,1,बेमेल आहार,1,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,बोर होना,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,6,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,4,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,2,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भिखारी,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,3,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,4,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मटके पर औंधा लोटा,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठरी,3,मठ्ठा,1,मथुरा के पेड़े,1,मदर्स डे,4,मदर्स डे का गिफ्ट,1,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मल्ला तामो,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,मस्जिद,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला दिवस,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माउथ फ्रेशनर,1,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,3,माहवारी,5,मिठाई,30,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिल्क पाउडर,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुखवास,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुरमुरा,1,मुरमुरा लड्डू,1,मुलेठी,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंग दाल,1,मूंग दाल डोसा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,4,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,7,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,मोदक,3,याकूब मोहम्मद,1,यू ए ई,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,2,रक्षाबंधन,2,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,4,रवा इडली,1,रसे वाली अरबी,1,रसोई,136,रांगोली,3,राखी,4,राज की बात,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राजस्व,1,राम रहीम,1,रामनवमी,1,रामनवमी की शुभकामनाएं,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रिफाइंड ऑयल,1,रिफाइंड ऑयल के नुकसान,1,रिफाइंड तेल,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रेन वाटर हार्वेस्टिंग,1,रेवड़ी,1,रेस्टोरेंट स्टाइल सब्जी,1,रोटी,4,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,15,लच्छेदार मठरी,1,लड्डू,6,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च,1,लाल मिर्च का अचार,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉकडाउन,3,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,3,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,लौकी की सब्जी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वर्षा जल संग्रहण,1,वर्षा जल संचयन,1,वाटर प्यूरीफायर,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विदर्भ स्पेशल रेसिपी,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विरुद्ध आहार,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन गिफ़्ट,1,वैलेंटाइन डे,3,वैलेंटाइन डे शायरी,1,वैश्विक महामारी,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,13,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत रेसिपी,18,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,2,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शबनम मौसी,1,शब्द,1,शरबत,6,शराब की दुकान,1,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,6,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शावर,1,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,2,शिक्षक दिवस पर शायरी,1,शिक्षा,5,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शिवलिंग,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,4,शुभकामना संदेश,1,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,3,श्रेष्ठता,1,संत निकोलस,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,14,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,2,ससुराल,2,सस्ते कपड़े,1,सहशिक्षा,1,सांता क्लॉज,1,सांप,1,सांभर वडी,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,3,साक्षात्कार,4,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबुन,1,साबूदाना,3,साबूदाना खिचड़ी,1,सामाजिक,75,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,6,सावन,2,सास,4,साहित्य,103,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीएए,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सूप,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सोच,1,सोलो यूट्यूबर,1,सोशल मीडिया,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्टफ्ड आम पापड़,1,स्टफ्ड मैंगो रोल,1,स्टार्टर,1,स्त्री,2,स्नैक्स,45,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,13,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर,1,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मटर को कैसे स्टोर करें,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,2,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,30,हिंदु,1,हेयर कलर,1,हैंड सैनिटाइजर,1,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,होली रेसिपी,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: लघुकथा- परवरिश
लघुकथा- परवरिश
शिल्पा की बेटी दिपाली ने ऐसा क्या किया कि घर के सभी लोग उसकी परवरिश पर सवाल उठाने लगे? लेकिन असलियत पता चलते ही सब चूप क्यों हो गए?
https://4.bp.blogspot.com/-dDu2jyYfU6w/W-mSBwjUzxI/AAAAAAAAJ0s/sJ3ggLhyYKgRI8O3wHmNcSN7fCYwBb3wwCLcBGAs/s320/paravarish.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-dDu2jyYfU6w/W-mSBwjUzxI/AAAAAAAAJ0s/sJ3ggLhyYKgRI8O3wHmNcSN7fCYwBb3wwCLcBGAs/s72-c/paravarish.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2018/11/short-story-parvarish.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2018/11/short-story-parvarish.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy