कहानी- उम्र का लिहाज

''मम्मी, 55 साल की उम्र में आपको ये कौन से नये-नये शौक लग गए हैं? क्या आपको अपनी उम्र का थोड़ा सा भी लिहाज नहीं? पापा के जाने का आपको कुछ भी दुख नहीं?

कहानी- उम्र का लिहाज
जैसे ही शिल्पा ने घर में कदम रखा, बेटे और बहु ने उसे अजीब नज़रों से देखा। जैसे वो कोई गलत काम करके लौटी हो! उनकी नज़रों को नज़रअंदाज़ करके हॉल के सोफे पर बैठ कर वो मैगज़ीन के पन्ने पलटने लगी। उसे ऐसा करते देख उसके बेटे मनीष का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने तमतमाते हुए शिल्पा से कहा, ''मम्मी, ये सब क्या हो रहा है?'' 
''क्या हुआ मनीष? तू इतने गुस्से में क्यों हो?'' 
''आप मुझ से ही पूछ रही हो कि क्या हुआ? क्या आपको पता नहीं कि आजकल आप कैसा बर्ताव कर रही हैं?'' 
''तू क्या बोल रहा है? मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। जो भी बोलना है सीधे-सीधे और स्पष्ट बोल!'' 
''मम्मी, 55 साल की उम्र में आपको ये कौन से नये-नये शौक लग गए हैं? क्या आपको अपनी उम्र का थोड़ा सा भी लिहाज नहीं? खुद का न सही कम से कम हमारे बारे में कुछ सोच लेती! सब हंसते हैं हम पर कि तुम्हारी मम्मी को इस उम्र में ये सब करना क्या शोभा देता है? पापा को गए चार महीने हो गए हैं, लेकिन आप अभी भी बिंदी लगाती हैं और पायल-बिछिया पहनती हैं! इन सबसे आपका मन नहीं भरा तो आपको स्टेज पर गाना गाने का शौक चढ़ा है! क्या आपको पापा के जाने का कुछ भी दुख नहीं? आप जब देखो तब मोबाइल में व्यस्त रहती हैं। दो वक्त खाना खाओ और शांति से रहो! तुम्हारी बहू बोल रही थी कि उसकी सहेलियाँ उसका मज़ाक उडाती हैं कि जिस उम्र में तेरी सास को भजन कीर्तन करना चाहिए उस उम्र में उन्हें गाने का शौक चढ़ा हैं! मम्मी, क्या आपको इस उम्र में ये सब शोभा देता हैं? आज तो आप सुबह से ही ग़ायब थी। कहां गई थी आप? किसी को कुछ बताया भी नहीं और आप फोन भी नहीं उठा रहीं थी। हम सब को आप की कितनी फ़िक्र हो रहीं थी! आखिर क्यों करती हो आप ऐसा?'' 

शिल्पा को गुस्सा तो बहुत आ रहा था। लेकिन उसने अपने गुस्से पर काबू किया और बोली, ''टी.वी. पर जो 'सीनियर सुपरस्टार' स्पर्धा होने वाली हैं उसके लिए (50 साल के उपर की महिलाओं के लिए) पहले राउंड में तो मेरा सिलेक्शन हो गया था। आज फाइनल ऑडिशन था। मैं ने चार दिन पहले ही इस बारे में तुम दोनों को बताया था। लेकिन दोनों ने ही सुन कर भी अन सुना कर दिया। तब मैं क्या करती? मुझे लगा था कि मेरे बेटे-बहू मेरी खुशी में शामिल होंगे। वे समारोह में मेरे साथ आयेंगे...आयोजकों ने भी विशेष तौर पर कहा था कि अपने बच्चों को साथ लाना। लेकिन तुम लोगों को तो तुम्हारे पापा के जाने के बाद मैं एक बोझ लगती हूं। ऐसे में मैं किसको क्या बता कर जाती? रहीं बात बिंदी लगाने की और पायल-बिछिया पहनने की तो तेरे पापा को मेरा यहीं रुप पसंद था। उन्हें मेरा सुना माथा बिल्कुल पसंद नहीं था। वे चाहते थे कि मैं हमेशा बिंदी लगा कर, बिछिया-पायल आदि सभी चीजें पहन कर रहूं।'' 
''पर अब तो पापा नहीं हैं न? फ़िर अब क्यों आप ये सब पहनती हैं?'' 
''तेरे पापा की आत्मा जब मुझे बिना बिंदी लगाए हुए और बिना पायल, बिछिया पहने हुए देखेगी तो क्या उन को दुख नहीं होगा? मैं ने पूरी जिंदगी उनकी खुशी का ख्याल रखा हैं तो अब मैं कैसे उन्हें दुखी कर सकती हूं? मेरी शादी 21 साल की उम्र में हो गई थी। 44 साल से मैं लगातार पायल-बिछिया पहन रहीं हूं। अब मुझे इन चीजों की आदत हो गई हैं। यदि मैं ये न पहनू तो मुझे कुछ अधूरा-अधूरा लगता हैं। तू ही बता बेटा, लोग क्या कहेंगे यह सोच कर मैं अपने मन को कब तक और कितना मारूं? जब बहू ने सलवार और जींस पहनना शुरु किया था तब बुवाजी के टोकने पर तू ने ही कहा था न कि नारी को भी अपनी इच्छा से जीने का हक हैं। वो क्या पहने और क्या न पहने इसका निर्णय लेने का अधिकार नारी को होना चाहिए! तेरे पापा के जाने से क्या मैं नारी नहीं रही, जो मुझे अपनी मर्ज़ी से जीने का हक नहीं हैं? मुझे बचपन से ही गाना गाने का शौक था। बचपन में अपनी कला को निखारने का मौका नहीं मिला और जवानी जिम्मेदारियों की भेट चढ़ गई। कभी अपने शौक के बारे में सोचने का वक्त ही नहीं मिला। पिछले दो साल में तो तेरे पापा ने भी कई बार कहा कि माँ-बाबूजी तो रहे नहीं और बच्चे भी बड़े हो गए हैं तो अब तुम अपना गाने का शौक पूरा कर सकती हो...लेकिन इनकी बीमारी के चलते मुझे वक्त ही नहीं मिला। जाने से एक दिन पहले भी इन्होंने कहा था कि शिल्पा, तुम समाज की पर्वा मत करना...मेरी बहुत इच्छा हैं कि तुम अपने टैलेंट से अपनी एक अलग पहचान बनाओ... इनके जाने के बाद तीन महीने मैं ने कैसे काटे मुझे मालूम हैं। क्या तुम दोनों दस मिनट भी कभी मेरे पास आकर बैठे? कभी मेरा अकेलापन दूर करने की कोशिश की? मैं कहां गलत हूं बेटा? इंसान जिंदगी की आख़िरी सांस तक इंसान ही रहता हैं। तू बचपन से देखता आ रहा हैं कि मुझे सादगी ही पसंद हैं। मेरी कई सहेलियाँ तो सलवार भी पहनती हैं। लेकिन उम्र का लिहाज कर मैं कभी सलवार नहीं पहनती। मैं हर चीज उम्र का लिहाज कर के ही कर रहीं हूं। फिर तुझे मेरे पायल-बिछिया पहनने से और गाना गाने से एतराज़ क्यों हैं?'' 
''तुम्हारी बहू भी तो घरेलू महिला हैं, वो जवानी में कुछ नहीं कर रहीं, तो तुम्हें बुढ़ापे में गाना गाने की क्या जरुरत हैं?'' 

''कौन से ग्रंथ में लिखा हैं कि उम्र के एक पड़ाव पर इंसान ने कुछ काम नहीं करना चाहिए? उम्र बढ़ने से इंसान की ख्वाहिशे तो नहीं मर जाती? इंसान को जिंदगी जीने के लिए सिर्फ़ दो वक्त का भोजन ही नहीं चाहिए तो भोजन के साथ-साथ इंसान में शौक पूरे करने की भी अभिलाषा होती हैं। हर इंसान को लगता हैं कि उसकी अपनी एक अलग पहचान हो! बहू को किटी पार्टियों और घुमने-फिरने से ही फ़ुरसत नहीं हैं और उसमें जो भी टैलेंट हैं वो उस टैलेंट का उपयोग नहीं करती तो इसमें मेरा तो कोई कसूर नहीं हैं न? रही बात मोबाइल में व्यस्त रहने की, तो ये बात तुम्हें सोचनी चाहिए कि बेटा-बहू और पोता-पोती के होते हुए मुझे आभासी दुनिया की जरुरत क्यों महसूस होती हैं? अरे तुम लोगों से तो अच्छे मेरे आभासी दोस्त हैं जो एकाध दिन भी मैं ऑनलाइन न दिखी तो फ़िक्र करते हैं। फोन करके पूछते हैं कि तबियत ठीक हैं कि नहीं? बेटा, मुझे अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का पूरा हक हैं। अब मुझे मेरे ही बच्चों से यह सीखने की जरुरत नहीं हैं कि मुझे कैसे जीना चाहिए! मैं तो गाना भी गाउंगी और पायल-बिछिया भी पहनूंगी!! ऊपर वाले ने तो सिर्फ़ मेरा जीवन साथी छीना पर मेरी बिंदी, मेरा शृँगार, मेरा लाल रंग और मेरा अभिमान छीनने वाले तुम कौन होते हो? अपने जीवन साथी के जाने के बाद, ज़िंदा तो मैं बस नाम को ही थी पर मुझे मारने वाले तुम कौन होते हो? यदि तुम्हें मेरा व्यवहार पसंद नहीं हैं तो तुम अपना इंतज़ाम कहीं और कर लो। ये घर मेरे नाम हैं इसलिए मैं तो कहीं और जाउंगी नहीं।'' शिल्पा के ऐसा कहते ही बेटे और बहू के चेहरे की हवाइयां उड़ने लगी। 

बेटे ने आख़िरी दाँव चला कर देखा, ''आप इस उम्र में अकेली कैसे रहेगी?'' 

''तुम्हारे साथ होते हुए भी तो मैं अकेली ही हूं! क्योंकि तुम लोगों के पास तो मेरे लिए वक्त ही नहीं हैं! तुम लोग नहीं रहोगे तो मैं सहेलियों को निसंकोच घर में बुला सकुंगी और मैं भी उनके यहां जा सकूंगी। इससे मेरा अकेलापन बेहतर ढंग से दूर हो जायेगा। मुझे इनकी पेंशन मिलती हैं। उस से मेरा गुजारा हो जाएगा। जब हाथ-पैर नहीं चलेंगे तब एक काम वाली ज्यादा रख लूंगी...लेकिन मैं अपने ही बच्चों की बंदिशों में नहीं रहूँगी! मैं ने अपनी बहू को कभी बंदिशों में नहीं रखा फ़िर मैं सास होकर बंदिशों में क्यों रहूँ?'' 

''आपको जैसा रहना हैं वैसे रहो...’’ ऐसा कह कर बेटा मुंह बना कर चला गया। 

शिल्पा सोचने लगी कि अच्छा हुआ कि इन्होंने घर मेरे नाम किया, नहीं तो आज मेरे ही बेटे-बहू मेरा क्या हाल करते न मालूम! माँ–बाप यदि नई जनरेशन से कदम से कदम मिला कर न चलें तो पुराने ख्यालात के कहलाते हैं और यदि अपनी मर्जी से जीना चाहते हैं तो ये उनको शोभा नहीं देता!! ये कैसी मानसिकता है नई जनरेशन की?  

Keywords: emotional story in hindi, story in hindi, new generation, Umra ka lihaj, age wise

COMMENTS

BLOGGER: 17
  1. व्वाहहहहह...
    स्वतंत्रता जन्म सिद्ध अधिकार है
    समझाईश देती कहानी..
    काश, लोग इसे हकीकत में बदल पाते
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  2. बेहद हृदयस्पर्शी कहानी ज्योति जी

    जवाब देंहटाएं
  3. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 07 सितंबर 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी रचना को सांध्य दैनिक मुखरित मौन में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, दिग्विजय भाई।

      हटाएं
  4. बहुत सही लिखा ज्योति आपने ,सभी को अपने तरीके से जीने का पूरा अधिकार होता है ,ओर ये नई पीढी के लोग खुद अपनी मरजी से जीना चाहते हैं ,पर माँ -बाप की भावनाओं को नही समझते । जरूरत है इस सोच को बदलने की ओर सिर्फ महिलाओं के लिए ही ये बंधन क्यों ?

    जवाब देंहटाएं
  5. विचारणीय पक्ष सामने रखती कहानी ... सहजता से जीने के लिए आपसी समझ जरूरी है

    जवाब देंहटाएं
  6. कहानी के माध्यम से सही सन्देश दिया है आपने ...
    बच्चों की गुलामी से अच्छा है अपने जीवन को सहज और जैसी इच्छा हो उसी अनुसार जीना चाहिए ... कहानी समाज की सोच को नै दिशा देती है ... बहुत अच्छी कहानी ....

    जवाब देंहटाएं
  7. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा रविवार (११-०९-२०२०) को 'प्रेम ' (चर्चा अंक-३८२२) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी रचना को चर्चा अंक में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद,अनिता दी।

      हटाएं
  8. बहुत ही सुन्दर सटीक और शिक्षाप्रद कहानी...
    अपनी कला और हुनर को किसी भी उम्र में जब समय मिले बढ़ा और दिखा सकते हैं.....।बेटे की गुलामी क्यों झेले माँ....।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सुधा दी, आजकल कई बेटों को लगता है कि हम कमा रहे है, तो जैसा हम कहेंगे माँ बाप को रहना पड़ेगा।

      हटाएं
  9. किसी भी रचनात्मक कार्य के लिए या अपना कोई शौक पूरा करने के लिए कोई उम्र निर्धारित नहीं होता वो तो हमने ही खुद पर पवंदिया लगा रखी है। हाँ,हर पीढ़ी में उम्र बढ़ने के साथ साथ बच्चे जरूर ये कोशिश करते है कि -अब माँ-बाप हमारी मर्जी और सहूलियत के हिसाब से जिए जो गलत है। बहुत ही अच्छी और शिक्षाप्रद कहानी। सादर नमन ज्योति जी

    जवाब देंहटाएं
  10. प्रेरणादायक कहानी

    जवाब देंहटाएं
  11. बेहतरीन....👍 एकदम सटीक निर्णय

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,10 मिनट रेसिपी,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,1अक्टुबर,1,25 दिसम्बर,1,26 जनवरी,1,5000 रुपए किलों का गुड़,1,8 मार्च,4,अंंधविश्वास,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,6,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,2,अंतिम संस्कार,1,अंधविश्वास,21,अंधश्रद्धा,18,अंधश्रध्दा,3,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अग्रसेन जयंती,1,अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं,1,अचार,13,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,3,अजय नागर,1,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनरसा,1,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अनोखी शादी,1,अन्न,1,अन्य,32,अन्याय,1,अपमान,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरबी,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अलगाव,1,अवधेश,1,अवार्ड,2,अशोक चक्रधारी,1,असली हीरो,23,अस्पताल,1,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,8,आंवला कैंडी,1,आंवला चटनी,1,आंवला मुरब्बा,1,आंवला लौंजी,1,आंवले का अचार,1,आंवले का शरबत,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,5,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,10,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आयशा खान,1,आयशा सुसाइड साबरमती,1,आरओ,1,आरक्षण,3,आरती मोर्य,1,आलिया भट्ट,1,आलू,5,आलू की पापडी,1,आलू की मठरी,1,आलू की सब्जी,1,आलू को स्टोर करना,1,आलू पोहा अप्पे,1,आलू प्याज के स्टफ्ड पकोड़े,1,आलू मसाला पूरी,1,आलू साबूदाना पापड़,1,इंसान,2,इंसानियत का पाठ,1,इंस्टंट डोसा,2,इंस्टंट पनीर मखनी,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कलाकंद बर्फी,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इंस्टेंट नूडल्स,1,इंस्टेंट मिठाई,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,7,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,ईसा मसीह,1,उटी,1,उपमा,3,उपवास,1,उपवास का हांडवो,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,उम्र,1,उम्र का लिहाज,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,एल्युमिनियम फॉयल पेपर,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऐस्टरॉइड,1,ऑनलाइन,1,ओट्स,1,ओट्स वेजिटेबल ढोकला,1,ओरियो स्वीट रोल,1,ओरैया,1,और इज्जत बच गई,1,औरंगाबाद हादसा,1,कंघा,1,कंडेंस्ड मिल्क,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कछुआ,1,कटलेट्स,1,कढ़ी,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,4,कन्यामान,1,कबीर सिंह मूवी,1,कम तेल की रेसिपी,1,कमाने वाली बहू,1,करवा चौथ,2,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,5,कल्पना सरोज,1,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,37,कांजी,1,काजू,1,काजू करी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,17,किटी पार्टी,1,किन्नर,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,किसान,1,किसान आंदोलन,1,कुंडली मिलान,1,कुंबाकोणाम,1,कुंभ मेला,1,कुरकुरे,1,कुरकुरे भिंडी बाइट्स,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,कृषि विधेयक 2020,1,केईएम् अस्पताल,1,केचप,1,कैंडी,1,कैरी मिनाती,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कोंडागांव,1,कोको कोला,1,कोरोना,4,कोरोना टिप्स,1,कोरोना वरीयर्स,2,कोरोना वायरस,8,कोरोना वैक्सीन,1,कोल्ड ड्रिंक,2,कोविड-19,2,कोवीड-19,2,कौए,1,क्रिसमस डे,2,क्रिसमस डे की शुभकामनाएं,1,क्रिस्टियानो रोनाल्डो,1,क्रिस्पी डोसा बनाने के सिक्रेट्स,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,6,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खाली पेट चाय,1,खीर,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खोया,2,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी,4,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गन्ने का रस,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गांधी जयंती,1,गाजर,5,गाजर अप्पे,1,गाजर के पैनकेक,1,गाजर मूली का अचार,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गाली,1,गिफ्ट,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुजिया,1,गुड़,1,गुड टच और बैड टच,2,गुड मॉर्निंग संदेश,1,गुड़हल,1,गुनगुना पानी,1,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुलाब जामुन,1,गुस्सा,1,गूगल ट्रेंड्स,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं,1,गेहूं का आटा,1,गेहूं के आटे की मठरी,1,गैस बर्नर,2,गोभी और चना दाल के बडे,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्डन ग्रेवी प्रीमिक्स,1,गौरी पराशर,1,ग्रीन टी,1,घंटी,1,घिया,1,घी,2,घी की नदी,1,घी खाने के फायदे,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,9,चमत्कार,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,2,चाय मसाला,1,चावल,3,चावल के पापड़,1,चावल के फ्रायम,1,चाशनी,1,चाशनी वाली मावा गुजिया,1,चींटी,1,चींटीया,1,चीज,1,चीनी देवता,1,चीला,4,चुर्ण,1,चूर्ण,6,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,5,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,3,जन्माष्टमी रेसिपी,1,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,3,जादुई दिया,1,जाम,1,जास्वंद,1,जिंदगी,2,जिम्नास्टिक,1,जींस,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोमैटो,1,जोयिता मंडल,1,जोरु का गुलाम,1,ज्योतिष विद्या,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टमाटर,1,टमाटर केचप,1,टमाटर प्यूरी,1,टमाटर सूप,1,टाइल्स पर के सिलेंडर के दाग,1,टिप्स कॉर्नर,65,टी.व्ही. और सिनेमा,1,टेबल टेनिस,1,टोक्यो ओलंपिक,2,टोक्यो पैरालंपिक,1,टोमैटो केचप,1,ठंडा पानी,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,2,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,3,डॉटर्स डे विशेस,1,डॉटर्स डे शायरी,1,डोनाल्ड ट्रम्प,1,डोसा,2,ड्राई फ्रूट,2,ड्राई फ्रूट मोदक,1,ड्राई फ्रूट्स लड्डू,1,ड्रेगन,1,ढाबा स्टाइल सब्जी,2,ढाबे वाली दम अरबी,1,ढोकला,1,ढोकले,1,तरबूज,3,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तरबूज खरीदने के टिप्स,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,4,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,2,तिल गुड़ की रेवड़ी,1,तीज,1,तुलसी,1,तेजतर्रार बहू,1,तेल,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थ्री इडियट्स,1,दक्षिणा,1,दर्द,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,6,दही और लहसुन की चटनी,1,दही मसाला भिंडी,1,दही वाली लौकी की सब्जी,1,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,2,दान,1,दाले,2,दासी,1,दिपावली,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,2,दिवाली मिठाई,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुःख,1,दुध पावडर,1,दुबई,1,दुबई यात्रा,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,4,दूध गुलकंद मोदक,1,देश सेवा,1,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,दोस्ती,1,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,48,नई जनरेशन,2,नक्सली,1,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नया साल,1,नरेद्र मोदी स्टेडियम,1,नवरात्र,2,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,10,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नाग पंचमी,1,नागरिकता संशोधन कानून,1,नानी,1,नारियल,2,नारियल की जटा,1,नारियल छिलने का तरीका,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,64,नारी अत्याचार,18,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निक वुजीकीक,1,निचली जाती,1,निमकी,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,2,नींबू का शरबत,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यू इयर रेसोल्युशन,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,3,पकोड़े,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति की मौत,1,पति-पत्नी,1,पति-पत्नी संबंध,1,पत्ता गोभी,3,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पनीर,4,पनीर बटर मसाला,1,पनीर मोदक,1,पपीता,1,परंपरा,3,परफ्यूम,1,परवरिश,7,पराठे,2,परीक्षा,2,परेशानी,1,पर्स,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पांच मिनट रेसिपी,1,पान गुलकंद मोदक,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,8,पालक,5,पालक के नमक पारे,1,पालक चीला,1,पालक बडी,2,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पीरियड,1,पीरियड पॉलिसी,1,पीरियड्स,3,पीरियड्स डिले टेबलेट्स,1,पीवी सिंधु,1,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पुष्कर,1,पूडी,2,पूरी,1,पूरी या पराठे,2,पेड-पौधे,2,पेड़े,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैदाइशी गरीब नहीं हूँ,1,पैनकेक,2,पैर हिलाना,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,पौधे,1,प्याज,5,प्याज की चटनी,1,प्याज के क्रिस्पी पकोड़े,1,प्यार,5,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रवासी मजदूर,2,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्रियंका रेड्डी,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,प्रीमिक्स,4,प्रेम,1,प्लास्टिक बाल्टी कैसे साफ़ करे,1,फर्रुखाबाद,1,फल,2,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फलाहारी दही वडे,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,3,फूल,1,फूल गोभी के परांठे,1,फ़ेंगशुई,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रायम,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बंटवारे की अनोखी शर्त,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,10,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बच्चों के प्रोजेक्ट,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,2,बदला,1,बदलाव,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फ़,1,बर्फी,4,बलात्कार,10,बहन की रक्षा,1,बहू,6,बहू जैसा प्यार,1,बागवानी,2,बाजरा,1,बाल दिवस,1,बाल धोना,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिकिनी,1,बिना गैस रेसिपी,4,बिना चाशनी की मिठाई,2,बिना प्याज लहसुन की रेसिपी,7,बिमारियों की असली वजह,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बुढ़ापा,1,बुर्ज अल-अरब,1,बुर्ज खलीफा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,2,बेटा पढाओ,1,बेटी,8,बेटी बचाओ अभियान,2,बेटे का फ़र्ज,1,बेबी फार्मिंग,1,बेमेल आहार,1,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बेसन वाली कुरकुरी हरी मिर्च,1,बैंगन,1,बोझ,1,बोर होना,1,ब्रम्हाजी,1,ब्रेकअप,1,ब्रेकिंग न्यूज,1,ब्रेड,5,ब्रेड की रसमलाई,2,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्रेड मलाई रोल,1,ब्रेन हेमरेज,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,7,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,5,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,4,भजिए,2,भरता,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भरवां हरी मिर्च का अचार,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भागीरथी अम्मा,1,भाभी,1,भारत,2,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भाविना पटेल,1,भिंडी,2,भिखारी,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोंदू,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,3,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,5,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संंक्रांति,1,मकर संक्रांति,4,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मजेदार पहेलियाँ,2,मटके पर औंधा लोटा,1,मटर,4,मटर के अप्पे,1,मटर के पकोड़े,1,मटर पनीर,1,मठरी,5,मठ्ठा,1,मथुरा के पेड़े,1,मदर्स डे,5,मदर्स डे का गिफ्ट,1,मम्मी,2,मर्द,1,मलाई,2,मलाई पनीर,1,मलाई फ्रूट सलाद,1,मल्ला तामो,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,मस्जिद,1,महात्मा गांधी जी,2,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला दिवस,3,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,6,माँ की हिम्मत,1,माउथ फ्रेशनर,1,माता यशोदा,1,माता लक्ष्मी,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केटिंग स्ट्रेटेजी,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,3,माहवारी,7,मिठाई,40,मिठाई मेट,1,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिलिबग्स,1,मिल्क पाउडर,1,मिल्कमेड,1,मिस इंडिया 2019,1,मीठे चावल,1,मीठे जर्दा चावल,1,मुक्ति,1,मुखवास,1,मुनगा,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुरमुरा,1,मुरमुरा लड्डू,1,मुलेठी,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंग दाल,1,मूंग दाल डोसा,1,मूंगदाल और आटे की कुरकुरी मठरी,1,मूंगफली,1,मूंगफली काजू बर्फी,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूंगफली बर्फी,1,मूली,4,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंढक,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,8,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा श्राद्ध कर,1,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,मोदक,4,याकूब मोहम्मद,1,युरो 2020,1,यू ए ई,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,2,रक्षाबंधन,2,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,5,रवा इडली,1,रसे वाली अरबी,1,रसोई,176,रांगोली,3,राखी,5,राखी का अनोखा गिफ्ट,1,राखी स्पेशल मिठाई,1,राज की बात,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राजस्व,1,राम,2,राम नाम सत्य है,1,राम मंदिर,1,राम रहीम,1,रामनवमी,1,रामनवमी की शुभकामनाएं,1,राशिफल,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रिफाइंड ऑयल,1,रिफाइंड ऑयल के नुकसान,1,रिफाइंड तेल,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रेन वाटर हार्वेस्टिंग,1,रेवड़ी,1,रेसोल्युशन,1,रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम,1,रेस्टोरेंट स्टाइल सब्जी,3,रैंचो,1,रोटी,4,रोस्टेड मूंगफली,1,लकड़ी की राख,1,लकवा,1,लघुकथा,21,लच्छेदार मठरी,1,लड्डू,8,लहसुन,1,लहसुनी पालक,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाफिंग बुद्धा,1,लार,1,लाल मिर्च,1,लाल मिर्च का अचार,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसवा का भरवां अचार,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉकडाउन,3,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,4,लौकी का भरता,1,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,लौकी की सब्जी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वर्षा जल संग्रहण,1,वर्षा जल संचयन,1,वाटर प्यूरीफायर,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विज्ञापन,1,विदर्भ स्पेशल रेसिपी,1,विधवा,2,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विरुद्ध आहार,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन गिफ़्ट,1,वैलेंटाइन डे,4,वैलेंटाइन डे शायरी,1,वैश्विक महामारी,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,14,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत के दही भल्ले,1,व्रत रेसिपी,22,व्रत स्पेशल,1,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,2,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शबनम मौसी,1,शब्द,1,शरबत,6,शराब की दुकान,1,शर्बत,1,शर्म,3,शवयात्रा,1,शहद,1,शहनाज गिल,1,शादी,9,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शावर,1,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,2,शिक्षक दिवस पर शायरी,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शिवलिंग,1,शुद्ध शहद की पहचान,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,4,शुभकामना संदेश,1,शोक संदेश,1,श्रद्धांजलि मैसेज,1,श्रद्धांजलि शायरी,1,श्राद्ध,4,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,3,श्रीराम की बहन,1,श्रेष्ठता,1,संत निकोलस,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,10,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सजा मुझे क्यों,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,2,सफलता,1,सफेद कीड़े,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,23,समय,2,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,3,समोसा,1,सर के बाल,2,सलाद,2,ससुराल,3,सस्ते कपड़े,1,सहजन,1,सहजन/मुनगा की कढ़ी,1,सहशिक्षा,1,सांता क्लॉज,1,सांप,1,सांभर वडी,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,3,साक्षात्कार,5,सागर में ज्वार,1,सातवीं सालगिरह,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,3,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबुन,1,साबूदाना,3,साबूदाना खिचड़ी,1,साबूदाना वड़ा,1,सामाजिक,99,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,7,सावन,2,सास,4,साहित्य,120,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सिध्दार्थ शुक्ला,1,सीएए,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सुप्रभात संदेश,1,सूजी,2,सूजी के पापड़,1,सूजी के लड्डू,2,सूप,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,2,सेब के छिलके,1,सेलिब्रिटी,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,8,सैंडविच,1,सोच,1,सोनम वांंगचुक,1,सोलर हीटेड मिलिट्री टेंट,1,सोलो यूट्यूबर,1,सोशल मीडिया,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,2,स्टफ्ड आम पापड़,1,स्टफ्ड मैंगो रोल,1,स्टार्टर,1,स्टैच्यु ऑफ यूनिटी,1,स्त्री,2,स्नान,1,स्नैक्स,64,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वयं से प्यार,1,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,24,स्वीट कॉर्न,1,स्वीट कॉर्न खीर,1,हंस,1,हनुमान जी,2,हरियाली तीज की शुभकामनाएं,1,हरी मटर,1,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मटर को कैसे स्टोर करें,1,हरी मिर्च,5,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,2,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हार्ट अटैक,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी कहानी,3,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,36,हिंदु,1,हिंदू धर्म,1,हेयर कलर,1,हैंड सैनिटाइजर,1,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,होली रेसिपी,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: कहानी- उम्र का लिहाज
कहानी- उम्र का लिहाज
''मम्मी, 55 साल की उम्र में आपको ये कौन से नये-नये शौक लग गए हैं? क्या आपको अपनी उम्र का थोड़ा सा भी लिहाज नहीं? पापा के जाने का आपको कुछ भी दुख नहीं?
https://1.bp.blogspot.com/-jpI0EA2yr3I/Xx7N_lif39I/AAAAAAAAQ00/WdjLX9qqb9oEwJO9beTUlzPJpUBh_igyACLcBGAsYHQ/w320-h213/umra%2Bka%2Blihaj.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-jpI0EA2yr3I/Xx7N_lif39I/AAAAAAAAQ00/WdjLX9qqb9oEwJO9beTUlzPJpUBh_igyACLcBGAsYHQ/s72-w320-c-h213/umra%2Bka%2Blihaj.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2020/09/Kahani-Umra-ka-lihaj.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2020/09/Kahani-Umra-ka-lihaj.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy