...और शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई!!!

जानिए, ऐसा क्या हुआ कि इंसानियत को इतना कलंकित होते देख शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई!!!

...और शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई!!!
आज किसी भी दुर्घटना पर ज्यादातर लोगों की मानसिकता ‘मुझे क्या करना हैं?’ ‘मेरे पास वक्त नहीं हैं...नहीं तो मैं ज़रुर मदद करता/करती’ ऐसी हो गई हैं। संवेदनाएं तो जैसे खत्म ही हो गई हैं। ठीक हैं भई...कौन पुलिस के चक्कर में पड़े! लेकिन हमारी यह कौन सी मानसिकता हैं कि गंभीर और इंसानियत को शर्मसार करती दुर्घटनाओं पर भी हम पीड़ित व्यक्ति की मदद करने के बजाय घटना की फ़ोटो लेने लगते हैं या वीडियो बनाने लगते हैं? क्या हैं ज्यादा ज़रुरी...पीड़ित की मदद करना या अपने सोशल अकाउंट पर दुर्घटना की फ़ोटो या विडियो शेयर करना?

23 अक्तूबर, 2017 को आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम की भीड़ भरी एक सड़क पर एक नशेड़ी रेलवे स्टेशन के पास फुटपाथ पर दिनदहाडे दोपहर 2 बजे 28 साल की महिला से रेप करता रहा और लोग बगल से गुजरते रहे! इस घ्रूणित वाकये को लोग तमाशबीन होकर देखते रहे! किसी ने भी महिला को नहीं बचाया। वहां पर दो-तीन लोग ‘लाइव रेप’ की तस्वीरे ले रहे थे, दो-तीन लोग वीडियो बना रहे थे और कुछ तमाशबीन बन कर चिल्ला रहे थे!! क्या ये सब लोग मिल कर उस रेप पीड़ित महिला की सरेआम लुटती इज़्ज़त बचा नहीं सकते थे? क्या हो गया हैं हमें? हम इतने ज्यादा संवेदनाहीन कैसे हो गए? यदि वो महिला हमारी अपनी माँ, बहन या बेटी होती तो?

रेप करने के बाद वह नशेड़ी अपनी बाइक उठाकर सबके सामने ही भाग निकला। उसे किसी ने भी रोकने या पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। आरोपी के जाने के बाद वहां पर मौजूद लोगों में से एक व्यक्ति ने पुलिस को फोन किया। किसी ने बाइक का नंबर बताया। लिए गए वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली गई। आरोपी एक ट्रक ड्राइवर था जो गांजा के नशे में था। पुलिस का कहना हैं कि पति से लड़ाई के बाद पीड़ित महिला रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी। जहां यह हादसा हुआ।

सवाल यह हैं कि आखिरकार हमें क्या हो गया हैं? हम अपने सोशल अकाउंट को अपडेट करने के चक्कर में इतने संवेदनाहीन कैसे हो सकते हैं कि ऐसी घ्रूणित घटना में भी पीड़िता को बचाने के बजाय घटना का वीडियो लेने लगते हैं! इस घटना में वह नशेड़ी तो गुनहगार हैं ही लेकिन क्या वहां पर मौजूद लोग गुनहगार नहीं हैं? क्या उन लोगों का कोई कर्तव्य नहीं था? अब लोग सोशल मीडिया पर आरोपी को सजा देने की बात कर रहे हैं। महिला को न्याय दिलाने की बात कर रहे हैं! अब यदि आरोपी को कोई भी सजा मिलती हैं तो भी क्या उस महिला की तार-तार हुई इज्जत दुनिया का कोई भी क़ानून वापस दिला सकता हैं? उस वक्त और पूरी जिंदगी वो महिला जिस दर्द को सहन करेंगी वो दर्द दुनिया की किसी भी दवाई से कम हो सकता हैं? सचमुच, इस इंसानियत को शर्मसार करती घटना को देख कर शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई होगी!!! 

Keywords: Visakhapatnam rape case, rape, shame, balatkar, nari, mahila

COMMENTS

BLOGGER: 21
  1. क्या करियेगा ज्योता जी आज लोगों का हृदय भावना शून्य हो गया है,सारी संवेदना परे रख कर असंवेदनशील हो गये है। जीवन को टी.वी,विडियो समझकर ही जी रहे है।सोशल साईट्स के चक्कर में इंसानियत भूल रहे है।
    बहुत शर्मनाक घटना का विवरण लिखा आपने सच में समाज की ऐसी तस्वीर भविष्य के प्रति गंभीर चेतावनी ही है।

    जवाब देंहटाएं
  2. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  3. ऐसी बहुत सी घटनाएं देखने सुनने को मिल रही हैं आजकल.....गुनाह होता देख लोग वीडियो बनाते है ..समाज पतन की ओर कदम दर कदम चलता जा रहा है संवेदनशीलता खत्म होती जा रही है...
    सही कहा आपने इंसानियत को शर्मसार कर रही हैं ऐसी घटनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  4. संवेदनाएं मर रही हैं ... अपना बस अपना सोचने लगे हैं सब ... पतन की पराकाष्ठ है आज का समाज ... जागेंगे कभी सब ... क्या पता ...

    जवाब देंहटाएं
  5. कुछ समझ मे नही आता मुझे नही लगता कि किसी ने पुलिस को फोन नही किया होगा ।। मगर हमारी पुलिस भी घटना व्यतीत हो जाने के बाद पहुँचती है ।। और फिर पता नही क्या परिस्थिती रही होगी इस लिये लोग तमाशा बीन बने रहे

    जवाब देंहटाएं
  6. Ohh noo....ये तो बहुत ही खराब बात है कि वीडियो तो बना रहे थे पर महिला की इज्जत कोई नही बचा रह था । पर एक बात मेरे भी मन मे ह की इस तरह अपने घर के मनमुटाव लेकर सड़क पर बैठने से तो घर मे ही बातें सुलझाना ज्यादा बेहतर महिलाओ शशक्त बनना चैहिये , सामना हालात से करना चाहिए , न कि भागना।

    जवाब देंहटाएं
  7. घृणित वाकये से ज्यादा तमाशबीनों का मौन घृणित है। आश्चर्य होता है कि ऐसा क्यों होता है। यही पब्लिक किसी चोर के पकड़ाई में आने पर उसकी बेतहाशा धुनाई कर रही होती। तो क्या तमाशबीन इतने विकृत थे कि एक कुकृत्य को देखने में कर्तव्य बोध भूल गये।

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत व्यथित कर देने वाली घटना , कितनी संवेदनाएं मरती जा रही है | जितना घृणित ये कृत्य है उतना ही घृणित लोगों का संवेदनहीन व्यवहार है |जब तक अपने घर मे आग न लगे तब तक कोई किसी की परवाह नहीं करता |

    जवाब देंहटाएं
  9. Yeh to bahut kharab ghatna batai aapne....pata nahi kya ho gaya hai aaj ke samaj ko.....Netikta ka to purn patan ho chuka hai.....

    जवाब देंहटाएं
  10. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 108वां जन्मदिवस : डॉ. होमी जहाँगीर भाभा - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

    जवाब देंहटाएं
  11. आजकल लोग सोशल होने की बात करते है यह अच्छी बात है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि वे केवल बात ही करते है करते कुछ नही ।

    आज फोटो व विडियो लेने की होड मची रहती है ऐसा लगता है जैसे सारी संवेदना मर चुकी है ।
    फेसबुक पर तो #आरआईपी लिख कर बहुत शेयर करते है पर हकीकत मे करने का किसी के पास समय नही है

    जवाब देंहटाएं
  12. Its shocking...
    I think some perverts were present there who cant rape but can enjoy the rape.

    जवाब देंहटाएं
  13. संवेदनाएं मरती ही जा रही है साथ - साथ इंसानियत भी नहीं रही..

    जवाब देंहटाएं
  14. सही में ज्योति जी ,आधुनिक युग में लोगों की जीवन शैली बिल्कुल टी. वी. सीरियलों की तरह होती जा रही है ,भावनाएं तो मानों दर्शक बन फ़ोटो या वीडियो बनाने में ही खत्म हो जाती हैं बड़ा ही चिंता जनक माहौल हो रहा है आजकल आपने सच्चाई को बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया है ।

    जवाब देंहटाएं
  15. सही कहा ज्योति ,कहाँ गुम हो गई इंसानियत ?

    जवाब देंहटाएं
  16. घोर निंदनीय दुर्भाग्यपूर्ण घटना जिसकी जितनी भी निंदा की जाय कम ही होगी। स्त्री की गरिमा , क़ानून , मानव व्यवहार , समाज और संवेदना सभी अपने मानकों से पतन की ओर अग्रसर हैं।

    निःशब्द करता आपका यह लेख फिर भी ठिठककर सोचने को विवश करता है और सोइ हुई संवेदना के समाज को ललकारता ,फटकारता भी है। आभासी दुनिया ने हमारे मन-मस्तिष्क पर कब्ज़ा कर लिया है। इतनी भयावह घटना का विडियो बना रहे लोग भूल गए कि उन्हें उस क्षण क्या करना चाहिए था। ऐसे भयावह दृश्य या सहायता के लिए तड़पते घायलों की वीडियोग्राफी करते हुए लोग रोबोट बनते जा रहे हैं जहाँ विवेक नहीं तकनीक का ज्ञान प्रधान होता है। समाज में बढ़ती अश्लीलता और कामुक प्रवृत्ति समाज को रसातल की ओर ही ले जाएगी।

    सार्वजनिक स्थानों पर पीड़ितों की सहायता के लिए हमारा मन नहीं पसीजता बल्कि स्वयं की लोगों ने एक समझाइश दे दी है कि यह तो पुलिस का काम है। इसी मानसिकता का लाभ अब अपराधी भरपूर उठा रहे हैं। आजकल मीडिया की ओर से भी ऐसे समाचारों और विडियो को तरज़ीह दी जाती है तथा लोगों में उत्सुकता जगाई जाती है और लोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइक और कमेंट के लिए उतावले हो रहे हैं इसलिए वे सही-ग़लत परिस्थिति का निर्णय करने में अक्षम होते जा रहे हैं।

    सरकार की ओर से लोगों को जाग्रत करने और अनावश्यक क़ानूनी अड़चने में न उलझने का लोगों को आश्वासन देना भी ज़रूरी है ताकि जो लोग ऐसी परिस्थितियों में आगे आयें उन्हें किसी प्रकार भी अड़चने न हों उनका अनावश्यक समय बर्बाद न हो बल्कि ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

    आज़ाद भारत में ऐसी घटनायें सचमुच हमारा सर शर्म से झुका रही हैं कि शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो रही है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीया ज्योति जी लेख साझा करने के लिए।

    जवाब देंहटाएं
  17. संवेदनाऐं समाप्त हो चुकीं हैं ! मन दुखी हो जाता है ऐसी घटनाएँ पढ़कर !

    जवाब देंहटाएं
  18. आदरणीया /आदरणीय, अपार हर्ष का अनुभव हो रहा है आपको यह अवगत कराते हुए कि सोमवार ०६ नवंबर २०१७ को हम बालकवियों की रचनायें "पांच लिंकों का आनन्द" में लिंक कर रहें हैं। जिन्हें आपके स्नेह,प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन की विशेष आवश्यकता है। अतः आप सभी गणमान्य पाठक व रचनाकारों का हृदय से स्वागत है। आपकी प्रतिक्रिया इन उभरते हुए बालकवियों के लिए बहुमूल्य होगी। .............. http://halchalwith5links.blogspot.com आप सादर आमंत्रित हैं ,धन्यवाद! "एकलव्य"



    जवाब देंहटाएं
  19. Nice And Very useful info,
    This article important and really good the for me is.Keep it up and thanks to the writer.Amazing write-up,Great article. Thanks!
    used to really good
    your info is quite helpful to forever.

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,25,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,3,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,4,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,19,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,खोया,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,4,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,2,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,31,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,29,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,6,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,48,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठरी,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,20,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिल्क पाउडर,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,3,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,7,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,104,रांगोली,3,राखी,2,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रोटी,3,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,12,लड्डू,3,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,2,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन डे,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,3,व्रत रेसिपी,16,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शब्द,1,शरबत,4,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,5,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,8,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,2,साक्षात्कार,4,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,64,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,2,साहित्य,84,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,33,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,10,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,25,हिंदु,1,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: ...और शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई!!!
...और शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई!!!
जानिए, ऐसा क्या हुआ कि इंसानियत को इतना कलंकित होते देख शर्म भी शर्म से पानी-पानी हो गई!!!
https://1.bp.blogspot.com/-ZS8K28zikdA/Wfa5x6gBEUI/AAAAAAAAFfA/VExH-MPNdyQJWveuWS3pCcpA2F84OxB0wCLcBGAs/s320/sharm.jpeg
https://1.bp.blogspot.com/-ZS8K28zikdA/Wfa5x6gBEUI/AAAAAAAAFfA/VExH-MPNdyQJWveuWS3pCcpA2F84OxB0wCLcBGAs/s72-c/sharm.jpeg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2017/10/aur-sharm-bhi-sharm-se-pani-pani-ho-gai.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2017/10/aur-sharm-bhi-sharm-se-pani-pani-ho-gai.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy