यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते...!

एक ऐसा सवाल, जो हम सब की जिंदगी बदल सकता है। हमें अनैतिक कार्य करने से रोक सकता है!

                               
यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते...!
जिंदगी में ऐसे कई पल आते है, जब हम दुविधा में फस जाते है और निर्णय नहीं ले पाते है कि हम जो भी कार्य कर रहें है वो सही है या गलत, नैतिक है या अनैतिक। हम अपने चारों ओर नजर दौडाते है, चार दोस्तों से पूछते है लेकिन हमारी समस्या का समाधान नजर नहीं आता। एक कठिनतम सवाल “मैं जो कार्य कर रहा/रही हूं; वो कार्य सहीं है या गलत, नैतिक है या अनैतिक?” का सरलतम जबाब हम स्वयं बहुत ही आसानी से पा सकते है। वह ऐसे कि जब भी कभी हमारे सामने यह समस्या आए कि “मैं जो कार्य कर रहा हूं/ कर रहीं हूं; वो कार्य सहीं है या गलत, नैतिक है या अनैतिक?” तो हमें अपनेआप से एक सवाल पूछना चाहिए। “यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते...कि मैं क्या कर रहा/रहीं हूं, तो क्या वे खुश होते?” हमें हमारे सवाल का जबाब मिल जाएगा। क्योंकि कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को गलत काम करते देख कर खुश नहीं होते।

यदि आप पान खाकर किसी सार्वजनिक जगह पर थुक रहें है, तो थोड़ा सा रुकिए। अपनेआप से सवाल किजिए, “यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते कि मैं पान खाकर किसी सार्वजनिक स्थान पर थुक रहा हूं, तो क्या वे खुश होते?” निश्चित ही आपका जबाब नकारात्मक ही होगा। आप रुक जायेंगे और थोड़े दिनों में आपकी पान खाकर इधर-उधर थुंकने की आदत छूट जाएगी। राह चलते आपने केले खरीदे। केला खाकर छिलका सड़क पर फेंकने ही वाले थे कि आपके मन में सवाल आया कि “यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते कि मैं केला खाकर छिलका सड़क पर फेंक रहा हूं, तो क्या वे खुश होते?” नही न! और आप छिलका फेंकने के लिए डस्टबिन खोजने लगोगे।

आप कहेंगे, केले खाकर छिलके फेंकना और पान खाकर थुंकना जैसे छोटे-छोटे कार्य हमारी आदत बन गए है। और जो कार्य हमारी आदत बन जाते है, उन कार्यों के बारे में सोचना संभव नहीं है। वैसे भी हम इतने व्यस्त रहते है कि ऐसी छोटी-छोटी बातों की तरफ ध्यान देना संभव ही नहीं है। वैसे भी किसी एक व्यक्ति के पान खाकर इधर-उधर न थुंकने से या केले के छिलके डस्टबिन में डाल देने से कौन सा देश स्वच्छ हो जाएगा? सही बात है। लेकिन किसी एक व्यक्ति के भी ऐसा करने पर सड़क पर कम से कम उतनी गंदगी तो कम होगी! क्या आपने कभी सोचा कि हम दूसरों को नहीं सुधार सकते लेकिन खुद तो सुधर ही सकते है! दोस्तो, यदि इन छोटी-छोटी बातों पर ही हमने ध्यान देना शुरु किया तो वो दिन दूर नहीं जब हम एक स्वच्छ-सुंदर भारत का निर्माण करेंगे।

ये तो हुए रोजमर्रा के छोटे-छोटे उदाहरण। लेकिन यदि हम अपने मन में एक पक्की गांठ बांध ले कि कोई भी ऐसा कार्य, जिसके बारे में हमारे मन में दुविधा हो कि वो नैतिक या अनैतिक, तो कम से कम ऐसा कार्य करने से पहले हम अपने-आप से यह सवाल ज़रुर पूछेंगे। दोस्तों, यदि यह एक ही सवाल हमने अपने-आप से पूछने की शुरवात की, तो हमारा भारत देश सचमुच में महान होगा! कोई चोर चोरी नहीं करेगा, कोई डकैत डाका नहीं डालेगा, कोई बलात्कारी बलात्कार नहीं करेगा, कोई रिश्वतखोर रिश्वत नहीं लेगा। कोई शराबी शराब नहीं पियेगा और कोई डॉक्टर पैसों के लिए बिना वजह किसी ग़रीब मरीज़ से ढेर सारी टेस्ट नहीं करवाएगा। संक्षेप में, कोई भी अपराधी अपराध करने से पहले सोचेगा और उसका मन अपराध करने से मना कर देगा। यह सब होगा सिर्फ और सिर्फ एक सवाल से, जो हम पूछेंगे अपनेआप से!

इतना ही क्यों, हाल ही में जो आतंकवादी हमलों की बाढ़ आई हुई है, वो भी नहीं होते यदि आतंकवादी अपनेआप से यह सवाल पूछते कि “यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते कि मैं निरपराध लोगों की जाने ले रहा हूं, तो क्या मेरे माता-पिता खुश होते?” मैं पूरे विश्वास के साथ कहती हूं कि उन जल्लाद आतंकवादियों के हाथ भी बंदूक चलाते-चलाते रुक जाते!! आप कहोगे कि इन आतंकवादियों के मन में यदि थोड़ी भी दया-माया होती तो वे आतंकवादी बनते ही क्यों? दोस्तो, किसी भी मनुष्य का जन्म आतंकवादी बनने के लिए नहीं होता है। कोई भी माता-पिता नहीं चाहेंगे कि उनके बच्चे आतंकवादी बनें। यह वास्तविकता है कि ऐसे बहुत से आतंकवादी होंगे जो खुद नहीं चाहते कि उनके बच्चे आतंकवादी बनें। हम कई पिक्चरों में देखते है कि बड़े से बड़े डाकु, स्मगलर आदी भी अपने काले धंधे अपने खुद के बच्चों से छिपाकर रखते है, क्यों? क्योंकि हर इंसान मुलत: अच्छा होता है। और वो चाहता है कि उनके माता-पिता की नज़रों में एवं उनके बच्चों के सामने उनका उजला पक्ष ही आएं। कई बार जिंदगी में ऐसे क्षण आते है जब इंसान सही या गलत का फैसला नहीं कर पाता। हमारा एक गलत फैसला हमें गुनाहों की दुनिया में फेंक देता है और हम चाह कर भी वापस नहीं मूड सकते। इसलिए ही तो कहते है कि गुनाहों की दुनिया में इंसान जाता अपनी मर्ज़ी से है लेकिन अपनी मर्ज़ी से वहां से निकल नहीं सकता! मुझे लगता है कि इन आतंकवादियों का भी सिर्फ एक गलत फैसला ही उन्हें आतंकवादी बनाता होगा।

इसलिए जब भी संभव हो, अपनेआप से यह सवाल ज़रुर पूछिए। ताकि इस एक सवाल के जरिए हम हमारे महान भारत को महानता की ओर कदम बढ़ाने में सहायता कर सकें!

Keywords:Decision making, Mother and Father, terrorist, one question

COMMENTS

BLOGGER: 22
  1. सबसे असान परुंतु सबसे कठीण सवाल
    यदी ये सवाल अपने आप से बनता है तो
    शायद ही गलत काम होगा
    उत्तम रचना

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (25-07-2016) को "सावन आया झूमता ठंडी पड़े फुहार" (चर्चा अंक-2414) पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    जवाब देंहटाएं
  3. आपने आप से ही तो सभी लोग कहाँ सवाल पूछ पाते हैं ,, एक गलत निर्णय अपनी ही नहीं बहुत लोगों के जिंदगी बर्वाद कर देती है
    चिंतनशील प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. कविता जी, सही कहा आपने। जीवन में सबसे कठीन काम अपने-आप से सवाल पुछना ही है। लेकिन यदि हमें जिंदगी में सही दिशा में आगे बढ़ना है, तो हमें यह करना होगा।

      हटाएं
  4. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " डिग्री का अटेस्टेशन - ब्लॉग बुलेटिन “ , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    जवाब देंहटाएं
  5. आपकी यह पोस्ट बहुत ही सराहनीय है. हम जो भी गतिविधियाँ करते है उसमे हमारे संस्कार ही नजर आते है. इसलिए हमें सदा ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे हमारे माता - पिता का नाम बढ़े न की झुके. इन छोटी - छोटी आदतों को बदलकर हम बहुत कुछ बदल सकते है. धन्यवाद

    जवाब देंहटाएं
  6. मैं क्या कर रहा/रहीं हूं, तो क्या वे खुश होते?” हमें हमारे सवाल का जबाब मिल जाएगा। ये एक ऐसा विचार है जो आपको हमेशा गलत काम करने से रोकने में मददगार साबित होगा लेकिन अगर हम इसके दुसरे पहलु को देखें तो ये कथन हमें अच्छे काम के लिए प्रेरित भी कर सकता है !! बेहतरीन पोस्ट ज्योति जी

    जवाब देंहटाएं
  7. खुद से कुछ भी पूछने का ये एक अच्छा तरीका है ... यदि मेरे माँ बाप देखते तो क्या महसूस करते ... और जवाब मिल जाता है ...

    जवाब देंहटाएं
  8. Sahi kaha Jyoti ji, yeh sawal poochne se ham khud hi bahut se kaam karte hue hitchkichayenge.

    जवाब देंहटाएं
  9. एक आसान सवाल से कितनी समस्यायें हल हो सकती हैं। बहुत सुंदर लेख।

    जवाब देंहटाएं
  10. ग़लतियाँ न होने पाए, इसका बहुत आसान सुझाव दिया है आपने, अनुकरणीय ।

    जवाब देंहटाएं
  11. Aaccha lekh hai....hame khud se saval puchte rehna chaiye.....isse sach me bahut fayeda hota hai......

    जवाब देंहटाएं
  12. Bahut Hi Achha Likha Hai Jyoti Ji. Kafi dino baad aapke blog par aakar achha laga.

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. ब्लॉग पर आने से अच्छा लगा तो बार बार आते रहिए। बार बार अच्छा लगेगा। वैसे बहुत दिनों बाद आपको मेरे ब्लॉग पर देखकर अच्छा लगा। धन्यवाद।

      हटाएं
  13. Greetings from Manali!!
    Very useful and positive information.

    जवाब देंहटाएं
  14. वाह!!ज्योति ,बहुत अच्छा लेख.. । गलतियाँ सुधारने का आसान उपाय 👌👌

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,24,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,3,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,3,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,19,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,4,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,1,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,31,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,2,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,28,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,2,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,6,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,48,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठरी,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,19,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,3,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,6,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,103,रांगोली,3,राखी,2,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रोटी,3,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,12,लड्डू,3,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,2,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन डे,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत रेसिपी,16,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शब्द,1,शरबत,4,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,5,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,5,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,8,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,2,साक्षात्कार,4,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,64,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,2,साहित्य,84,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,33,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,10,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,25,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते...!
यदि मेरे माता-पिता देख रहे होते...!
एक ऐसा सवाल, जो हम सब की जिंदगी बदल सकता है। हमें अनैतिक कार्य करने से रोक सकता है!
https://3.bp.blogspot.com/-U2xYyW2R9PU/V4JOUvyN6hI/AAAAAAAABkw/PW02CiBO_no3wUfIV-akILZxVUjLQ2-sACLcB/s200/quetion.jpg
https://3.bp.blogspot.com/-U2xYyW2R9PU/V4JOUvyN6hI/AAAAAAAABkw/PW02CiBO_no3wUfIV-akILZxVUjLQ2-sACLcB/s72-c/quetion.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2016/07/Yadi-mere-mata-pita-dekh-rahe-hote.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2016/07/Yadi-mere-mata-pita-dekh-rahe-hote.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy