Impact of western culture in hindi

पश्चिमी चकाचौंध के कारण हमें लगता है कि पश्चिम की हर चीज, हर बात अच्छी एवं अनुकरणीय है। एक कहावत है कि "दूर के ढ़ोल सुहावने लगते है" लगते है। यहीं बात पाश्चात्य संस्कृति पर भी लागू होती है। वास्तव में हमें west का best लेना चाहिए न की west का waste!


Impact of western culture in hindi
पश्चिमी चकाचौंध के कारण हमें लगता है कि पश्चिम की हर चीज, हर बात अच्छी एवं अनुकरणीय है। एक कहावत है कि "दूर के ढ़ोल सुहावने लगते है" मतलब यह कि जो चीज हमारे पास नहीं होती या हमारी पहुंच से दूर होती है, वह हमें अच्छी लगती है। यहीं बात पाश्चात्य संस्कृति पर भी लागू होती है। हम बिना यह सोचे कि वह चीज हमारे देश के लिए या हमारे लिए उपयोगी है या नहीं, उसे अपनाने के लिए हमेशा लालायित रहते है। चाहे वह उनका बोलने-चालने का ढंग हो, कपड़े पहनने का तरीका हो या खान-पान का मामला हो, हम उनकी हर चीज का अनुसरण करने को तैयार रहते है। वास्तव में हमें west का best लेना चाहिए न की west का waste! आइए, देखते है पश्चिमी सभ्यता का हमारे उपर क्या प्रभाव पड़ा।

पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण
• पश्चिमी सभ्यता का सूत्र है "ऋण लो और मौज़ करों" हर चीज कर्ज लेकर खरीदों। घर, कारें, टेलीविजन, फ्रि‌ज, स्मार्ट फोन हर चीज! हम भी उनके इस सुत्र का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे है। फिर चाहे किस्तें पटाते-पटाते हमें हमारी नानी ही क्यों न याद आए। हमारे रात और दिन तनाव में ही क्यों न गुज़रे!

• संयुक्त परिवार प्रथा भारतीय समाज की नींव थी। पश्चिमी सभ्यता के परिणामस्वरूप एकल परिवारों का चलन बढ़ा है। संयुक्त परिवार नहीं होने से बच्चे अपने-आप को तन्हा महसूस कर, बुरी आदतों का शिकार हो रहे है। बच्चे अपने नज़दीकी रिश्तेदारों तक को नहीं पहचान रहे है। बच्चे अपने माता-पिता को भी साथ में रखना पसंद नहीं कर रहे है। इस वजह से वृद्धाश्रमों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

• हम लोग पाश्चात्य पहनावा पहनने को अपनी शान समझते है। इसी वजह से हमारे यहां भी धड़ल्ले से अंगप्रदर्शन किया जाता है। हमने उनकी "टाई" को अपना लिया है। स्कूलों में भी बिना सोचे-समझे बच्चों को टाई पहनाई जाती है। जबकि हममें से ज्यादातर लोगों को ये ही नहीं पता कि टाई क्यों पहनी जाती है। वस्तुत: पश्चिमी देशों में सर्दी अधिक होने के कारण वहां पर टाई पहनने का प्रचलन है। यदि टाई गले तक सटाकर बंद की हो तो ठंडी हवा गले तक नहीं पहुंच पाती। संक्षेप में टाई पहनने का उद्देश ठंड से बचाव मात्र है। लेकिन टाई हमारे यहां स्टेटस सिम्बॉल बन गई है। ऐसे पहनावे का क्या लाभ जिसमें हम स्वयं को सहज न महसूस कर रहे हो!

• वहां के सर्द वातावरण के कारण वहां की इमारतों में कांच का उपयोग ज्यादा किया जाता है। कांच जल्दी गर्म हो जाता है और घर को गर्म रखने में मदद करता है। लेकिन हमारे देश का वातावरण गर्म होने के बावज़ूद, सिर्फ उनका अनुसरण करने के चक्कर में हम भी हमारे यहां की इमारतों में धड़ल्ले से कांच का उपयोग कर रहे है। चाहे फिर घर को थंड़ा रखने के लिए एयर कंडिशनर का उपयोग ही क्यों न बढ़ाना पडे।

• जंक फूड सेहत के लिए नुकसानदायक है यह अच्छे से पता होने के बावज़ूद, हम लोग जंक फूड का सेवन कर रहे है।

पश्चिमी संस्कृति का सकारात्मक परिणाम
• हमारे समाज की सामाजिक कुप्रथायें जैसे कि कन्या भ्रूण हत्या, बालविवाह, पर्दा प्रथा, सती प्रथा एवं दहेज इन कुप्रथाओं पर पाश्चात्य संस्कृति के कारण ही थोड़ा-बहुत अंकुश लग सका है।

• पश्चिमी सभ्यता से हम प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में कदम रख पाएं है। अब हम भारतीय भी बिना संकोच आगे बढ़ रहे है!

• महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना बढ़ी है। महिलाएं घर की चारदिवारी से बाहर निकलकर खुली हवा में सांस ले पा रहीं है।

हम पाश्चात्य संस्कृति की आलोचना उनके स्वछंद एवं खुले व्यवहार के कारण करते है लेकिन उनके विशेष गुणों को (जैसे कि देशप्रेम, ईमानदारी, कठोर परिश्रम, कर्मठता) भूल जाते है। जिसकी वजह से वे आज विश्व के विकसित देश बने हुए है। सिर्फ उनके खुले व्यवहार के कारण उनका विरोध करना एवं उनकी अच्छाईयों की अनदेखी करना तर्कसंगत नहीं है। पाश्चात्य देशों में खुलापन अवश्य है लेकिन अपनी निजता की रक्षा करना वे भली-भांती जानते है। सोशल मीड़िया पर वे कभी भी अपनी निजी जानकारी शेयर नहीं करते जिससे बादमें पछताना पड़े।

पश्चिमी संस्कृति से हम ये सीख सकते है
• पाश्चात्य देशों में एक-दूसरे के प्रति विश्वास का वातावरण है। अनायस कोई किसी पर शक नहीं करता। हम सहसा अजनबी पर विश्वास ही नहीं करते। हमें भी एक-दूसरे पर विश्वास करना सीखना होगा।

• हमें भी उनकी तरह ट्राफ़ीक नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा ताकि अपघातों की संख्या में कमी आएं।

• उनकी तरह हमें भी अपनी मुद्रा की इज्जत करते हुए, नोटों पर कुछ भी लिखने से अपने-आप को रोकना होगा।

• उनकी तरह स्वच्छता का ख्याल रखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने से अपने-आप को रोकना होगा।

• उनकी ही तरह बिजली और पानी की बचत करना सीखना होगा।

आज तक का इतिहास देखते हुए यहीं लगता है कि हमने west का best न लेकर west का waste ही लिया है! पश्चिमी सभ्यता ने हम पर किसी भी चीज को अपनाने को लेकर दबाव नहीं डाला है। यह हमारे उपर निर्भर है कि हम उनसे क्या लेते है best या waste!!!

दोस्तों, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रहीं है कि यह "आपकी सहेली" की 100 वी ब्लॉग पोस्ट है। आशा है कि आज तक आपका जो प्यार एवं विश्वास "आपकी सहेली" को मिलता रहा है, आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा।
Keywords:western culture, Indian culture,culture

COMMENTS

BLOGGER: 20
  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " मालिक कौन है - ब्लॉग बुलेटिन " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. 100 post likhne pe hardik shubhkaamnayen jyoti ji.....aapne west aur east ka achcha aanklan kiya hai...

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  3. Rightly said, Jyoti Ji. Congratulations for the milestone. And liked this jumla: "west का best लेना चाहिए न की west का waste!"

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  4. आपने लिखा...
    कुछ लोगों ने ही पढ़ा...
    हम चाहते हैं कि इसे सभी पढ़ें...
    इस लिये आप की ये खूबसूरत रचना दिनांक 16/02/2016 को पांच लिंकों का आनंद के
    अंक 214 पर लिंक की गयी है.... आप भी आयेगा.... प्रस्तुति पर टिप्पणियों का इंतजार रहेगा।

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    1. कुलदीप जी,मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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  5. आपकी रचना का तथ्य उसके शीर्षक से मेल खाता नहीं दीखता... शायद हिंदी पर नहीं भारत पर पश्चिमी सभ्सता का असर आपका विषय था.

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    1. रंगराज जी, शायद आपने शिर्षक बराबर पढ़ा नहीं है। Impact of western culture in hindi है on hindi नहीं है।

      हटाएं
  6. संस्कृति कोई बुरी नहीं होती और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उसका विस्तार होता है। आवश्यकता है कि हम केवल उन्हीं बातों को अंगीकार करें जो हमारे लिए उपयोगी हों। सारगर्भित आलेख

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  7. Bahot achha laaga aapki soch padH ke, bahot hi achhi rachna hai. kash har ek Hindustani aapke jaisa sochta.

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  8. दीदी Google कभी कभी randamly ब्लॉग पोस्ट चुन कर उनको प्रोमोट करता है तथा आपकी यह पोस्ट भी गूगल ने चुनी है। यह आपके ब्लॉग के लिए अच्छा संकेत है।

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  9. अनुराग, पोस्ट गुगल ने चुनी है का मतलब मैं नहीं समझी! कृपया बताना।

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  10. Koi bhi culture bura nahi hota lekin hame us culture ko apnana chaiye jahan ham rehte hain.....

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  11. अच्छा लेख। पर मेरा मानना है कि जैसा कि पश्चिम का असर हमारे ऊपर पड़ रहा है। ठीक उसी तरह हम भी यही चाहते हैं हमारा यानि भारतीय संस्कृति तथा हमारी भाषा का असर पश्चिम पर पड़े। हमें खुशी होती है जब हम देखते हैं कि को पश्चिमी संस्कृति का व्यक्ति हमारी संस्कृति को जानने समझने और उसमें रच बस जाने की कोशिश करता है। इसलिए हमें हर संस्कृति को पूरा मान सम्मान देना चाहिए।

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  12. Congratulations Jyoti ji. Aapne bahut hi santulit lekh likha hai. pashchimi sanskriti mein har tarah ki baatein hongi. Yeh hamare upar hai ki hum kis baat ka anukaran karein.

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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: Impact of western culture in hindi
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पश्चिमी चकाचौंध के कारण हमें लगता है कि पश्चिम की हर चीज, हर बात अच्छी एवं अनुकरणीय है। एक कहावत है कि "दूर के ढ़ोल सुहावने लगते है" लगते है। यहीं बात पाश्चात्य संस्कृति पर भी लागू होती है। वास्तव में हमें west का best लेना चाहिए न की west का waste!
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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
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