"दूधो नहाओं, पूतों फलों!''

एक तरफ हम नारी को नरक का द्वार कहते है, तो दूसरी तरफ स्वर्ग में, भगवान के दरबार में भी हमें हमारे मनोरंजन हेतु अप्सराएं चाहिए!! यह कैसी दोहरी मानसिकता है पुरुषों की?...

                   
Save girl child
          "दूधो नहाओं, पूतों फलों!''          
              "सात बेटों की माँ हों!"
ऐसे वचन आपने कई बार कई लोगों के मुख से कई नारियों को आशीर्वाद
देते वक्त सुने होंगे। लेकिन क्या कभी आपने सुना "तुम्हें कन्या रत्न की प्राप्ति हो!" हर माता-पिता को, बेटे के माता-पिता बनने की चाहत होती है।और हर दादा-दादी को सोने की सीढ़ी चढने के लिए पोता या पड़पोता ही चाहिए होता है। असल में धरती पर कोई भी नहीं चाहता की उसको बेटी हो! इसलिए गलती से भी, कोई भी "कन्या रत्न की प्राप्ति हो" का आशीर्वाद देने की भयानक गलती नहीं करता! यह नारी का बहुत बड़ा दुर्भाग्य ही है कि उसकी दासता की कहानी, अत्याचारों की कहानी उसके जन्म से पहले ही शुरू हो जाती है। अनचाही जो है!! यहाँ पर कही पढ़ी हुई कविता की इन पंक्तियों का उल्लेख करना चाहूँगी,

"बोये जाते है बेटे, पर उग जाती है बेटियां। 
खाद पानी बेटों को, पर लहलहाती है बेटियां। 
एवरेस्ट पर ढेले जाते है बेटे, पर चढ़ जाती है बेटियां। 
कई तरह से गिराते है बेटे, पर संभाल लेती है बेटियां। 
पढ़ाई करते है बेटे,पर सफलता पाती है बेटियां। 
कुछ भी कह लो, पर अच्छी होती है बेटियां!!"
बेटियां अच्छी तो होती है लेकिन आज भी अनचाही ही है। एशिया के चीन, भारत और पाकिस्तान में लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या बहुत कम है। चीन में 2010 में महिलाओं की तुलना में 3.4 करोड़ पुरुष अधिक थे।  भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार 62 करोड़ 37 लाख पुरुषों पर सिर्फ 58 करोड़ 65 लाख महिलाएं ही थी। पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में तो हालात बहुत ही ख़राब है। बेटी के रूप में भारत में जन्म लेना कितना खतरनाक है यह मध्यप्रदेश के खंडवा से हाल ही में आई यह खबर कि 'जन्म लेने के कुछ ही घंटों बाद अपनों ने ही नवजात बेटी को कूड़ेदान में फेंक दिया! कचरे के ढेर में चूहों ने उसका दाहिना कान, हाथ और दोनों पैरों को कुतर दिया।' दिल दहलाने वाली है।  
क्यों है बेटियां इतनी अनचाही? इसकी थोड़ी सी मीमांसा मैंने मेरी ब्लॉग पोस्ट 'बेटी बचाओ अभियान- (भाग - 1)'  एवं  'बेटी बचाओ अभियान -  (भाग -2)' में की है। 
स्त्री एक शरीर ही नहीं, एक मन भी है, जो उतना ही कोमल एवं संवेदनशील है, जितना की एक पुरुषार्थी पुरुष का! फिर हर रोज अखबारों की हेडलाइन नारी अत्याचारों से भरी क्यों होती है? आज 21 वी सदी में भी रस्ते से जा रही नवयुवती को मनोरंजन के साधन के रूप में ही देखा जाता है। आज भी हमें हर रोज होने वाली भ्रूणहत्या, बलात्कार, दहेजबली ये सब तो मान्य है किन्तु पति का, ससुराल वालों के अत्याचारों का विरोध करने वाली नारी, स्वाभिमान से जीने वाली नारी मान्य नहीं है। एक तरफ तो हम नारी को देवी कहकर गौरवान्वित करते है, तो दूसरी तरफ उसे सिर्फ हमारी कामवासना पूरी करने का साधन मात्र मानते है। एक तरफ हम नारी को नरक का द्वार कहते है, तो दूसरी तरफ स्वर्ग में, भगवान के दरबार में भी हमें हमारे मनोरंजन हेतु अप्सराएं चाहिए!!  यह कैसी दोहरी मानसिकता है पुरुषों की? क्यों होते है नारियों पर इतने अत्याचार? 

आज भी कन्या भ्रूण हाथ जोड़कर यही प्रार्थना करती है कि,
"अच्छी सी बेटी बनकर मैं, अच्छे-अच्छे काम करुँगी,
अपने भारत का दुनिया में, सबसे ऊंचा नाम करूंगी,
माता मुझको भी तो अपना, घर-संसार सजाने दो!
माता मुझको भी तो अपनी दुनिया में आने दो!!"
    ( यह पंक्तियां रूपचन्द्र शास्त्री जी के ब्लॉग से ली गई है ) 

नारी अत्याचारों की कहानी बहुत ही लंबी है। लेकिन मेरा यह मतलब कदापि नहीं है कि, सभी पुरुष ख़राब होते है और सभी स्त्रियां दूध की धूलि है! आज भी कुछ पुरुष श्रेष्ठतम है तो कुछ नारियां निम्नतम है। लेकिन अपवादों से नियम सिद्ध नहीं किये जाते!

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COMMENTS

BLOGGER: 7
  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (22-12-2014) को "कौन सी दस्तक" (चर्चा-1835) पर भी होगी।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं
  2. ज्योति देहलीवाल जी।
    आपको मेरी रचना पसन्द आयी और आपने अपनी इस पोस्ट में मेरी पंकि्तयों-
    "अच्छी सी बेटी बनकर मैं, अच्छे-अच्छे काम करुँगी,
    अपने भारत का दुनिया में, सबसे ऊंचा नाम करूंगी,
    माता मुझको भी तो अपना, घर-संसार सजाने दो!
    माता मुझको भी तो अपनी दुनिया में आने दो!!"
    -...को कोड किया।
    आपका आभारी हूँ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. नारी की विडंबना यही है कि हर काम के लिये उसकी पुकार है दरकार है पर उसके जिंदगी से न किसी को सरोकार है। अपने लिये हमें ही खडा होना हे कोई और नही आयेगा। न आरी कहने दो उन्हें हमारे बिना कोई काम नही चलता इस दुनिया का।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सटीक आलेख..पुरुष प्रधान समाज को अपनी सोच बदलने की आवश्यकता है. यद्यपि लड़कियों के प्रति समाज की, विशेष कर शिक्षित वर्ग, की सोच बदल रही है, लेकिन अभी इस दिशा में बहुत कुछ और करने की ज़रुरत है...

    उत्तर देंहटाएं
  5. कमाल का आलेख
    सच को उजागर करता

    सादर

    उत्तर देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,9,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,23,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,3,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,1,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,3,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,16,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु 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पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,2,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,27,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,1,नवरात्री रेसिपी,5,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,47,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,1,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,18,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,3,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,6,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,101,रांगोली,3,राखी,2,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रोटी,2,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,11,लड्डू,2,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,2,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वारी के हनुमान,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन डे,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत रेसिपी,15,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शब्द,1,शरबत,4,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,5,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,5,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,7,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,2,साक्षात्कार,3,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,64,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,2,साहित्य,80,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,32,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,10,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के 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"दूधो नहाओं, पूतों फलों!''
एक तरफ हम नारी को नरक का द्वार कहते है, तो दूसरी तरफ स्वर्ग में, भगवान के दरबार में भी हमें हमारे मनोरंजन हेतु अप्सराएं चाहिए!! यह कैसी दोहरी मानसिकता है पुरुषों की?...
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