वैलेंटाइन डे: मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान

वैलेंटाइन डे मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान है। जानिए, क्या है वैलेंटाइन डे की सच्चाई...!!!

वैलेंटाइन डे: मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान
14 फरवरी को ‘वैलेंटाइन डे’ कई देशों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। भारत में भी इसे एक बड़े उत्सव के रुप में मनाया जा रहा है। आजकल सभी लोगों को वैलेंटाइन डे का इंतजार रहता है। प्यार करनेवाले हर दिल को भी, वैलेंटाइन डे का विरोध करनेवालों को भी और इस नीमित्त से अपनी दुकानदारी चलाने वालों को भी। प्यार करनेवाले इस दिन को अपने प्यार का इज़हार करने हेतु… विरोध करने वाले समाज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने हेतु...और दुकानदार अपनी बिक्री बढ़ाने हेतु...सभी इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते है। हम भारतीय लोगों में कमाल का उत्सव प्रेम है। बारा महीने के इतने सारे त्योहार, विभिन्न महापुरुषों की जयंतियां और राष्ट्रीय पर्व हमें उत्सव मनाने के लिए कम लगते है, इसलिए हम नए उत्सव मनाने के लिए भी सदा तत्पर रहते है!! लेकिन वैलेंटाइन डे को मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान है...।

वैलेंटाइन डे का असली मतलब
लोगों को लगता है कि ऋषि वैलेंटाइन ने प्यार करनेवालों को हरी झंडी दिखाई थी...उन्हें प्यार करने की आज़ादी दी थी! वैलेंटाइन डे मानो प्यार करने की स्वतंत्रता एवं स्वच्छंदता का प्रतीक बन गया है। कॉलेज पढ़ने वाले लड़के-लड़कियाँ एक-दूसरे को वैलेंटाइन कार्ड दे रहे है जिस पर लिखा रहता है “Would you be my valentine” जिसका असली मतलब होता है “क्या आप मुझसे शादी करेंगे”। लेकिन इन लोगों को लगता है कि इसका मतलब है “क्या आप मुझसे प्यार करती/करते हो” इस तरह असली मतलब पता न होने से इन लोगों को तो लगता है कि वैलेंटाइन याने प्यार करने की आजादी! और आजादी पाने के लिए तो इंसान कूछ भी करने के लिए तैयार रहता है। इसलिए ही आज का युवावर्ग इसे जोरशोर से मना रहा है। कुछ लोगों को तो लगता है कि वैलेंटाइन याने 'प्यार'... फ़िर वो चाहे युवक-युवतियों का हो, भाई-बहन का हो या माँ-बेटे का हो! इसलिए वे यह कार्ड माँ-बाप, भाई-बहन, दादा-दादी सभी को देते है! अब आप ही बताइए, क्या आप अपने माँ-बाप, भाई-बहन, दादा-दादी को यह कहेंगे कि “क्या आप मुझसे शादी करेंगे??” सिर्फ़ ऐसा सोचकर ही इस नासमझी पर हंसी आती है। कितने भेडचाल के रुप में चलते है हम!! कोई वैलेंटाइन डे मना रहा है तो हमें भी मनाना है...बिना यह जाने कि यह क्यों मनाया जाता है! 

जिन लोगों को लगता है कि समाज में लोगों को प्यार करने की खुल्लमखुल्ला आज़ादी नहीं मिलनी चाहिए... इससे समाज में अराजकता फैलेगी...हमारी संस्कृति का विनाश होगा...वे लोग इसका विरोध करते है। जबकि वैलेंटाइन ने खुल्लमखुल्ला प्यार का विरोध किया था। उन्होंने प्यार करनेवालों की बाक़ायदा शादियाँ करवाई थी!

वास्तव में, वैलेंटाइन डे का असली मतलब है, यूरोप की ‘लीव इन रीलेशनशिप’ का विरोध और भारत की ‘शादी’ जैसी पवित्र संस्था का समर्थन! ‘लीव इन रीलेशनशिप’ का मतलब है,"बिना शादी किए पति-पत्नी की तरह रहना"

वैलेंटाइन डे की कहानी
ऋषि वैलेंटाइन का जन्म 478 A D (after death) याने ईसा के मृत्यु के 478 साल बाद हुआ था। उन दिनों यूरोप और अमेरिका के लोगों को ‘शादी’ की परंपरा के बारे में जानकारी नहीं थी। वे नहीं जानते थे कि व्यक्ति की एक पत्नी हो सकती है या किसी महिला का एक ही पति हो सकता है। जिनसे जन्म लेनेवाले संतानो के साथ मिलकर एक ‘परिवार’ का निर्माण होता है। वे ‘परिवार’ की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। युरोपिय दार्शनिक प्लेटो ने लिखा है कि “मेरा 20-22 स्त्रियों से संबंध रहा है।“ अरस्तु का कथन है कि उसने कितने ही स्त्रियों से संपर्क किया। देकार्ते भी यहीं कहते है! रुसो ने तो अपनी आत्मकथा में लिखा है कि “एक स्त्री के साथ रहना तो कभी भी संभव नहीं हो सकता!” उन दिनों यूरोप में महिलाओं को एक इंसान के रुप में मान्यता नहीं थी। दार्शनिकों के मुताबिक स्त्री में आत्मा ही नहीं होती थी। उन्हें मेज-कुर्सी के समान माना जाता था। जब पुरानी से मन भर जाए तो नई ले आओ! यूरोप और अमेरिका में शायद ही ऐसा कोई पुरुष या महिला थी जिसकी शादी हुई हो! ऋषी वैलेंटाइन ने देखा कि लोग पशुओं की भांती रहते है और उन्ही की भांती संभोग करते है। जब वैलेंटाइन ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अध्ययन किया तब उन्हें पता चला कि भारत में ‘शादी’ होती है जिससे ‘परिवार’ नाम की पवित्र संस्था का निर्माण होता है। परिवार के अंतर्गत एक स्त्री को एक पुरुष के साथ आजीवन के लिए बंधना पड़ता है। परिवार के फ़ायदे उनके ख्याल में आए। सबसे बड़ा फायदा यह कि एक ही स्त्री या पुरुष से बंधे रहने के कारण सेक्स जनित रोग नहीं होंगे। इस तरह भारतीय परंपरा ‘शादी’ और ‘परिवार’ का महत्व समझ में आने से उन्होनें इसे पूरे यूरोप में लागू करने की ठानी। वे पूरे यूरोप में घूम घूम कर लोगों को जागृत करते। लोगों को उनकी बातें समझ में आने लगी। उनकी प्रतिभा को देखकर उन्हें चर्च का पादरी बनाया गया। जिन लोगों को उनकी बातें सही लगती वे चर्च में आकर उनसे अपनी शादी करवाने लगे। उस समय रोम का राजा क्लौडियस था। क्लौडियस का मानना था कि विवाह करने से पुरुषों की शक्ति एवं बुद्धि खत्म हो जाती है। इसी वजह से उसने पूरे राज्य में आदेश जारी किया था कि उसका कोई भी सैनिक या अधिकारी शादी नहीं करेगा। क्लौडियस ने वैलेंटाइन को शादी करवाने का कार्य रोकने की हिदायते दी। लेकिन महापुरुष कहां किसी धमकी से डरते है! तब राजा ने उन्हें यूरोपियन समाज को, भारतीय विवाह प्रणाली को अपनाकर अपसंस्कृति फ़ैलाने के आरोप में 14 फरवरी 498 A D को सार्वजनिक रुप से फ़ांसी दी। फाँसी के वक्त उनकी उम्र सिर्फ़ 20 साल थी।

जिन बच्चों ने वैलेंटाइन के कहने पर शादी की थी वो बहुत दु:खी हुए और उन लोगों ने ही उनकी याद में वैलेंटाइन डे मनाना शुरु किया। इसका साफ़-साफ़ मतलब है कि शादी करनेवाले लोग वैलेंटाइन डे मनाते है। भारत में तो शादी होना आम बात है...फ़िर कॉलेज के युवक-युवतियां वैलेंटाइन डे क्यो मनाते है और विरोध करनेवाले विरोध क्यों करते है?? आजकल 14 फरवरी के दिन हर तरफ़ वैलेंटाइन डे का जो जश्न दिखाई देता है, जो दिवानगी दिखाई देती है वो बाजारवाद की देन है। ये बाजारवाद है, जो गंजे को भी कंघे बेचता है। अपना सामान बेचने हेतु ये लोग वैलेंटाइन डे का इतना प्रचार करते है कि जनता उनकी बातों में फ़ंस जाती है। फरवरी महिने के शुरवात में ही हर तरफ़ वैलेंटाइन डे संबंधीत विभिन्न विज्ञापनों, जोक्स एवं मैसेजेस की भरमार हो जाती है। 
एक जोक्स पढ़िए, 
दो दोस्त आपस में बात कर रहे थे...
पहला- भाई ये 14 फरवरी को क्या है?
दूसरा- तेरे पास बीवी है या गर्लफ्रेंड?
पहला- बीवी है।
दूसरा- तो फ़िर महावीर जयंती है।
इस तरह के जोक्स ये ही बात साबित करते है कि हम वैलेंटाइन डे का गलत मतलब निकाल रहे है। दरअसल वैलेंटाइन डे शादी-शुदा लोग ही मनाते है। प्यार पहले भी होता था। हमारे पिता ने भी हमारी माँ से प्यार किया था तो हमारी माँ ने भी हमारे पिता से प्यार किया था। लेकिन उनका प्यार किसी वैलेंटाइन डे का मोहताज नहीं था! अत: खुद सोचिए...भारत में, जहां शादी होना आम बात है, वहां के लोगों ने बाजारवाद के शिकार होकर क्या इसे मनाना चाहिए? और जिन वैलेंटाइन ने ‘लीव इन रिलेशनशिप’ का विरोध कर भारतीय परंपरा “शादी या विवाह” का समर्थन किया था उन वैलेंटाइन का विरोध करना चाहिए??

Keywords: valentines day history, 14 february valentine's day, Wedding, live in relationship, love

COMMENTS

BLOGGER: 27
  1. Hahaha...do doston wali baat gajab hai! Sahi matlab samjhaya aapne

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत अच्छी पोस्ट ज्योति मैम ....सच में आज लोगों को वैलेंटाइन का असली मतलब पता ही नहीं है.... वैलेंटाइन का सही मतलब बताने के लिए आपनी बहुत मेहनत की है ...काफी रोचक और जरुरी जानकारियां दी हैं...जो हर किसी को पता होनी चाहिये ....

    जवाब देंहटाएं
  3. आज की ब्लॉग बुलेटिन जन्मदिन भी और एक सीख भी... ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

      हटाएं
  4. दो दोस्त आपस में बात कर रहे थे...
    पहला- भाई ये 14 फरवरी को क्या है?
    दूसरा- तेरे पास बीवी है या गर्लफ्रेंड?
    पहला- बीवी है।
    दूसरा- तो फ़िर महावीर जयंती है।
    हाहाहा ! बढ़िया सन्दर्भ है ! बढ़िया पोस्ट को हलके फुल्के अंदाज में लिखा है आपने ! मेरे लिए भी महावीर जयंती ही है :)

    जवाब देंहटाएं
  5. योगी जी, यह आपके अपने हाथ में है कि आप क्या मनाते है। उत्सव तो होते ही मनाने के लिए। लेकिन...बस थोड़ा सोच समझ कर...

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत अच्छा लेख है आपका ज्योति जी । मेरा मानना तो यही है कि स्त्री-पुरुष के हृदयों में सच्चा प्रेम है तो प्रत्येक दिन ही वैलेंटाइन डे है और प्रत्येक दिन ही मदनोत्सव है । आप निस्संदेह मुझसे अधिक ही ज्ञान रखती होंगी लेकिन मैं अपना भी कुछ ज्ञान इस संदर्भ में आपके साथ बाँट रहा हूँ । मेरे संज्ञान के अनुसार वैलेंटाइन डे केवल रूमानी प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए ही नहीं है, इस दिन माता-पिता और सन्तानें भी, भाई-बहन भी, गुरु-शिष्य भी तथा अभिन्न मित्र (एवं सहेलियाँ) भी अपने पारस्परिक प्रेम, आदर एवं सद्भाव को अभिव्यक्त कर सकते हैं तथा उसके प्रतीक-स्वरूप एक-दूसरे को उपहार दे सकते हैं । प्रेम किसी भी रूप में हो तथा किसी के भी लिए हो, वैलेंटाइन डे को उसे समर्पित किया जा सकता है । मैं तो प्रत्येक प्रेमी-हृदय को शुभकामनाएं ही देता हूँ । शर्त केवल इतनी ही है कि उसका प्रेम शुद्ध होना चाहिए, पवित्र होना चाहिए, निष्काम एवं निस्वार्थ होना चाहिए ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. जीतेन्द्र जी, मैं अपने लेख के माध्यम से यही तो बताना चाह रही हूं कि वैलेंटाइन डे प्यार की अभिव्यक्ति का दिन नहीं है। वैलेंटाइन डे शादी शुदा लोग मनाते है। अतः इस दिन के नाम पर माता पिता, भाई बहन या अन्य रिश्ते के प्यार को अभिव्यक्त करने का कोई तुक ही नहीं है।
      प्यार को हम साल के किसी भी दिन व्यक्त कर सकते है। लेकिन वैलेंटाइन डे के नाम पर ...यह सिर्फ बाजारवाद के शिकार होकर की गई हमारी नासमझी ही कहलाएगी।

      हटाएं
  7. वाह! ज्योति जी बहुत ही सही लिखा है आपने मै भी आपसे सहमत हूँ प्यार का कोई दिन होना प्यार की असीमितता को बाँधने जैसा है।प्यार को व्यक्त करने के लिये किसी दिन / शब्द या उपहार की आवश्यकता नहीं है।
    प्रेम अलौकिक और आत्मिक होता है।वेलेंटाइन के नाम पर आज प्रेम के मायने बदल रहे है।
    आपकी रचना सराहनीय है।

    जवाब देंहटाएं
  8. This one is a superb and strong pot in the eve of Valentine days, some people have the habit to follow it blindly without knowing the original reason,though they are Educated....
    Wish this post will be an eye opener for few people, yes few coz...in the gorgeousness of celebration most people has became blind.
    Aur waise bhi aajakal muhabbat hoti kaha hai...iss valentine kisi ek ke saath toh aagle saal kisi aur ke saath.

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत सही और प्रेरक लेख है ज्योति जी . हर व्यक्ति के पढ़ने और समझने की बात है .

    जवाब देंहटाएं
  10. Bahut accha article likha aapne.....valentine day ko kuch log samajh nahi pate, Love ke asli means ko veh nahi samajh pate....aapne acchi tarah explain kar diya.....thanks.......

    जवाब देंहटाएं
  11. saaf-suthare shabdo se likhi .
    sundar rachna .

    जवाब देंहटाएं
  12. जितना भी मैंने अभी तक internet से पढ़ा है पहली बार किसी ने Valentine के बारे में बिलकुल सही-सही लिखा .अन्य तो यही कहते रहते है कि Valentine सभी के साथ मनाईये ,हर एक को तोहफा दे सकते है ,यह वो .....पढ़कर बहुत ही हंसी आती थी ,लेकिन आज पहली बार internet पर बिलकुल सही लेखा पढ़ा .

    Valentine कोई मजाक नहीं ,जैसे आज कल mostly हर एक युवा मनाता है या फिर सोचता है कि यह भी मेरा/मेरी वैलेंटाइन वो भी मेरा/मेरी वैलेंटाइन . हम इंसान है न कि कोई जानवर जो हर एक के साथ ही ...... करते रहे .

    लेकिन दुर्भाग्यवश हमारे भारत को ,हमारी सभ्यता को बाहरली सभ्यता ने ब्रह्म में डाल दिया है और आज कल लोग कहते है कि हर एक औरत ,हर एक आदमी को अपनी स्वतंत्रता प्राप्त होनी चाहिए कि वह किसी के साथ भी कुछ भी कर सके ,अगर दोनों की सहमति हो .

    क्या हम कभी अपना शरीर बदल सकते है ? क्या हमारी आत्मा एक-शरीर से दुसरे शरीर में जा सकती है ? नहीं , तो फिर जो हमारे शरीर का आधा हिस्सा है ,उसे छोड़कर हम कैसे किसी अन्य को अपना हिस्सा बना सकते है . पत्नी को अर्धांगिनी कहते है ,यानी की हमारे शरीर का आधा हिस्सा ,कोई भी पति सिर्फ अपनी पत्नी के साथ ही संपूर्ण हो सकता है क्यूंकि वह ही उसका आधा अंग है . अगर किसी अन्य के साथ भी कोई सम्पूर्ण होने का सोचेगा तो कैसे हो सकता है ,क्यूंकि कोई अन्य उसका है ही नहीं . अगर फिर भी कुदरत के नियमो के खिलाफ जाएगा तो फिर चिंता ही हाथ लगेगी और life भी विपरीत हो जायेगी .


    आपने आज के युवाओं को सही समझ देने के लिए बहुत ही बढ़िया लिखा . आशा करता हूँ कि आपने जो लिखा उसे सभी लोग समझे और इस पर अमल भी करे और दूसरों को भी सही-सही समझ दे ताकि हम एक बार फिर से कह सके ,मेरा भारत महान और भारतीय सभ्यता से बेहतर कोई नहीं .


    एक और बात ,चुटकला तो मजेदार है ,लेकिन कभी भी महावीर जयंती feb month में नहीं आती .

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. निखिल जी, बिलकुल सही कहा आपने। हम भारतीय वैलेंटाइन का गलत मतलब निकाल रहे है। इसलिए ही हर किसी को चाहे वह माता पिता ही क्यों न हो उसे हमारा वैलेंटाइन बता रहे है। इसलिए यह छोटी सी कोशिश थी सही मतलब बताने की।
      जहा तक महावीर जयंती की बात है तो मुझे यह चुटकुला व्हाट्स एप पर मिला था। चुटकुले बनाने वाले कहा असलियत को जानने ली कोशिश करते है। उन्हें तो बस हास्य बनाना होता है।

      हटाएं
  13. प्रशंसनीय प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  14. Jyoti ji bhut hi sahi steek jaankari hai aur knowledge able .
    Mai aapke is lekh ki kuch lines share kAr rahi hoon .

    जवाब देंहटाएं
  15. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति Valentine Day के ऊपर .... Nice article with awesome explanation ..... Thanks for sharing this!! :) :)

    जवाब देंहटाएं
  16. bhut hi accha artical likha aap ne jyoti ji orr mere blog per aane ke liye bhut bhut thxx

    जवाब देंहटाएं
  17. Well written post , seems you have done good research on the topic , I really appreciate your work :-)

    जवाब देंहटाएं
  18. ज्योंति जी आपने बिल्कुल सही कहा । वैलेंटाइन डे का आज जो रुप है वो बाजारवाद की देन है । प्यार तो प्यार होता है और सच्चे प्यार के लिए किसी वैलेंटाइन की नही बल्कि वैलेंटाइन के अर्थ को समझना जरुरी है । धन्यवाद इस उम्दा लेख के लिए ।

    जवाब देंहटाएं
  19. धन्यवाद ज्योति ,इतनी अच्छी जानकारी देने हेतु ।

    जवाब देंहटाएं
  20. वाह !! बहुत सुन्दर सखी|
    आप का बहुत- बहुत आभार लेख लिखने के लिए |
    सादर

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,25,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,5,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आंवले का शरबत,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,4,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,21,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,खोया,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं का आटा,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चुर्ण,1,चूर्ण,4,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,2,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,31,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,29,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,6,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,48,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल दिवस,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठरी,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,21,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिल्क पाउडर,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,3,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,7,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,107,रांगोली,3,राखी,2,राज की बात,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रोटी,3,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,12,लड्डू,3,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,2,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन डे,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,3,व्रत रेसिपी,16,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शब्द,1,शरबत,5,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,6,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,8,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,2,साक्षात्कार,4,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,65,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,2,साहित्य,86,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,34,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,10,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,25,हिंदु,1,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: वैलेंटाइन डे: मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान
वैलेंटाइन डे: मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान
वैलेंटाइन डे मनानेवाले और विरोध करनेवाले दोनों ही सच्चाई से अनजान है। जानिए, क्या है वैलेंटाइन डे की सच्चाई...!!!
https://2.bp.blogspot.com/-OdmrkKZXvJo/WJ_6POV8S-I/AAAAAAAAC04/Iwm05WI0KNA_uHYh0-D3A_6fnU2UN9PkgCEw/s320/Valentines_Day__Fotor.jpg
https://2.bp.blogspot.com/-OdmrkKZXvJo/WJ_6POV8S-I/AAAAAAAAC04/Iwm05WI0KNA_uHYh0-D3A_6fnU2UN9PkgCEw/s72-c/Valentines_Day__Fotor.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2017/02/Valentine-day-mnanewale-aur-virodh-krnewale.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2017/02/Valentine-day-mnanewale-aur-virodh-krnewale.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy