प्रत्यूषा, आप इतनी कमजोर तो नहीं थी!!!

“बालिका वधू” की “आनंदी” याने प्रत्यूषा बैनर्जी ने हाल ही में आत्महत्या की है। इतने आत्मविश्वास से आनंदी का किरदार निभानेवाली आखिरकार इतनी कमजोर कैसे हो गई?


प्रत्यूषा, आप इतनी कमजोर तो नहीं थी!!!

“बालिका वधू” की “आनंदी” याने प्रत्यूषा बैनर्जी, आप इतनी कमजोर तो नहीं थी! जिस तरह से आत्मविश्वास से ओतप्रोत होकर आपने “आनंदी” का किरदार निभाया, जमशेदपुर जैसी छोटी जगह से आकर सिर्फ 24 साल की उम्र में जितना नाम कमाया, क्या एक कमजोर लड़की वो सब कर सकती थी? पर्दे पर हर मुश्किलों का डटकर सामना करनेवाली ने रियल लाइफ में इतनी जल्दी हार क्यों मान ली? सवाल अनेक है, लेकिन जबाब शायद किसी के पास नहीं है।

आनंदी के चुनाव के वक्त जब पहली बार आप मीड़िया के सामने आई थी तब ही मीड़िया ने एक स्पष्ट राय बना ली थी कि यह आत्मविश्वास से भरपूर लड़की है। जब ‘जग्या’ ने ‘आनंदी’ को धोखा दिया था तब मीड़िया ने आपसे यह सवाल कई बार किया था कि निजी जिंदगी में अगर आपके साथ कभी ऐसी परिस्थिति आए तो आप क्या करेंगी? तब आपने स्पष्ट शब्दों में कहा था- "मैं कमजोर नहीं हूं। मैं भी आनंदी की तरह ही अपने कैरियर को सवारुंगी और जिंदगी में आगे बढूंगी। रील लाइफ में मैने कलेक्टर की जिंदगी निभाई है। कई लोग मेरे किरदार को आदर्श मानते है तो उन्हें निराश तो हरगिज नहीं करुंगी। कलेक्टर हूं तो कमजोर तो कभी नहीं बनूंगी। किसी के लिए अपनी जिंदगी दांव पर नहीं लगाउंगी।" ये आत्मविश्वास से भरे शब्द आपके ही थे। खबरों के मुताबिक, आपने अपने खराब होते प्रेम संबंध के कारण ऐसा किया। खुदकुशी करने का आपका यह तिसरा प्रयास था। आपने पहली बार मई में चलती कार से कुदकर, तो दुसरी बार नवम्बर में बाए हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की थी। इससे यह बात समझ में आती है कि आप बहुत ही मानसिक तनाव से रुबरू हो रही थी। लेकिन प्रत्यूषा, वास्तव में कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं होती कि उससे बचने के लिए इंसान आत्महत्या कर ले! इतनी कामयाबी, इतनी शोहरत हासिल करने के बाद यह काम? आम जनता जो थोड़ी सी कामयाबी और थोड़ी सी शोहरत के लिए पूरी जिंदगी तरसती रहती है, आपकी यह कायराना हरकत को हजम नहीं कर पा रहीं है।

प्रत्यूषा, आपको लड़ना चाहिए था। आपके हजारों फैन्स को आपसे यही उम्मीद थी कि आप कमजोर नहीं पड़ेंगी! आपको प्यार को पहचानना चाहिए था। जो आपको तिरस्कार दे और मृत्यू की ओर धकेले, उसे प्रेम तो नहीं कह सकते न! किसी एक व्यक्ति की वजह से, किसी एक राहुल की वजह से आपने अपनी जिंदगी ही दाँव पर लगा दी? ‘आनंदी’ ने ‘जग्या’ को छोड़ कर ‘शिव’ को थाम लिया आपको भी अपनी रियल लाइफ में कोई न कोई ‘शिव’ ज़रुर मिलता। कहते है न कि इंसान हर मुश्किलों का सामना कर सकता है लेकिन जिसे वह खुद से ज्यादा प्यार करता है, जिस पर खुद से ज्यादा विश्वास करता है, उसकी बेवफ़ाई बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैत्री, प्रेम या किसी प्रकार का भी गहरा रिश्ता टूट जाता है तो उसका दुख तोड़ देता है। लेकिन इस भावनात्मक दर्द से भी उबरा जा सकता है। जिंदगी को फिर से जिंदादिली के साथ जिया जा सकता है। प्रत्यूषा, मैने सुना है कि पर्दे पर रोल निभाते-निभाते इंसान के अपने मूल स्वभाव में भी रील लाइफ के रोल का असर होता है। क्या आपके दिल पर ‘आनंदी’ का प्रभाव नहीं पड़ा? आप में ‘आनंदी’ जैसा आत्मविश्वास क्यों नहीं आया? काश, आप रियल लाइफ की ‘आनंदी’ बन पाती! क्योंकि रियल लाइफ में भी आप इतनी कमजोर तो कतई नहीं थी! 

प्रत्यूषा, अभी-अभी खबर पढ़ने में आई है कि आपके परिवार वाले कह रहे है कि आप कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। अब सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा। लेकिन घर वालों की तरह ही आपके हजारों फैन्स को भी आप पर पूरा विश्वास है कि आप इतनी कमजोर नहीं थी! खैर, कभी न कभी तो सच्चाई सामने आएगी ही! आपके फैन्स ईश्वर से यही दुआ करते है कि ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे।
Keywords:Pratyusha, Suicide

COMMENTS

BLOGGER: 26
  1. आपने लिखा...
    कुछ लोगों ने ही पढ़ा...
    हम चाहते हैं कि इसे सभी पढ़ें...
    इस लिये आप की ये खूबसूरत रचना दिनांक 11/04/2016 को पांच लिंकों का आनंद के
    अंक 269 पर लिंक की गयी है.... आप भी आयेगा.... प्रस्तुति पर टिप्पणियों का इंतजार रहेगा।

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    1. कुलदीप जी, मेरी रचना 'पांच लिंकों का आनंद' में शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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  2. प्रत्युषा के बारे में आपने इस लेख में बहुत ही दिलचस्प वर्णन किया है।बहुत ही बढ़िया लेख.

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  3. बिल्कुल सही लिखा है आप नें। जिसका आत्मविश्वास इतना ऊँचा हो उसने परिस्थियों से तंग आकर आत्महत्या का विकल्प चुना। ये बात समझ से परे है।

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  4. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " आगे ख़तरा है - रविवासरीय ब्लॉग-बुलेटिन " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    1. मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए बहुत- बहुत धन्यवाद।

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  5. Jyoti Ji, aapne apne is lekh me sabhi pehluon ko achchhi tarah se samahit kiya hai. Prabhu Pratyusha Ji ki aatma ko shanti pradan karen, yehi dua karunga.

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  6. Bahut sahi kaha aapne.Hame kisi bhi situation me haar nahi manna chahiye.

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  7. Beautiful write up.
    Wish Pratyusha could find a reason to live. May her soul rest in peace.

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  8. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (11-04-2016) को

    Monday, April 11, 2016

    "मयंक की पुस्तकों का विमोचन-खटीमा में हुआ राष्ट्रीय दोहाकारों का समागम और सम्मान" "चर्चा अंक 2309"

    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आदरणीय शास्त्री जी, मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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  9. प्रत्यूषा, आपको लड़ना चाहिए था। आपके हजारों फैन्स को आपसे यही उम्मीद थी कि आप कमजोर नहीं पड़ेंगी! आपको प्यार को पहचानना चाहिए था। आसान नहीं होता ज्योति जी स्वयं को यूँ ख़त्म कर लेना लेकिन कोई न कोई ऐसी बात जरूर रही होगी जिसे स्वीकार करना मुश्किल रहा होगा !!

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    1. योगी जी, बिलकुल सही कहा आपने। कोई न कोई बड़े कारण के बिना इतनी बड़ी सेलिब्रेटी यु ही आत्महत्या नहीं करती।

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  10. परदे और असल जिंदगी में जीने में कितना अंतर है, यह इस दु:खद घटना साफ़ नज़र आता है ...

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    1. कविता जी, आम जनता को यह सब पता है फिर भी वह रील लाइफ का अनुसरण करना चाहती है। वहा की चकाचौंध से प्रभावित होती है।

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  11. Yes its very important to not give up, but its also important to have supportive people around you who inject positivity in you when you are down. God bless her soul!

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    1. लीना जी, सही कहा आपने। सर्वेक्षण बताते है कि निराशा के उन कुछ पलों में यदि किसी का थोडा सा भी सहारा मिल जाए तो इंसान का आत्मविश्वास लौट सकता है। वो नए सिरे से अपनी जिंदगी जी सकता है।

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  12. यकीनन समझ से परे है ये बात ... सत्य जरूर सामने आना चाहिए ...

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  13. We don't know what mental / emotional conditions she went through, but this shows that depression should not be taken lightly. May her soul rest in peace.

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  14. I believe family is the one who is responsible.
    Their pressure on children, whether for best score in exams or giving advice to the daughters "Endure the pain, maybe things will get better in the future," when her in laws torture her; many parents wants a glamorous life and so they force their little kids into the film/tv industry or even other competitions. And when people try to tell them how wrong it all is, these parents tell them about how talented their children are.

    If anyone's child studies in hostel, lives away from home for a job or is struggling to get settled in his/her life, then do not put any unnecessary pressure on them and stay in touch with them.

    http://athinkingthinker.blogspot.ae/2015/07/deaths-tangled-in-mystery.html?m=0

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  15. मनीषा जी, सही कहा आपने। माया पिता को बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।

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  16. प्रत्यूषा का इस तरह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेना, मेरी तो समझ से परे है। फिल्मी दुनिया से अक्सर ऐसी खबरें सुनने और देखने को मिल जाती हैं। बहुत ही दुखद है यह घटना।

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  17. Jyoti ji meri wife apki bahut badi FAN hai. Use apke articles bahut pasasnd aate hain. Iss chiz ka kai baar mujhse discuss bhi karti hain. :)

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    1. संदीप जी, ये जानकर बहुत ख़ुशी हुई कि आपकी पत्नी को मेरे लेख पसंद आते है। उन्हें मेरा नमस्कार कहिएगा।

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नाम

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रचना,1,उटी,1,उपमा,1,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कन्यादान,3,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,3,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,14,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,13,किटी पार्टी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,3,खबर,3,खरबूजा,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुड टच और बैड टच,2,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गोरखपुर,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,4,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,1,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,1,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,1,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,25,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,2,ठेचा,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दवा,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,2,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,26,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,1,नवरात्री रेसिपी,5,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,44,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,4,पराठे,1,परीक्षा,1,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,1,पुण्य,1,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,1,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,1,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,5,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,6,बेटी बचाओ अभियान,2,बेसन,2,बैंगन,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा 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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: प्रत्यूषा, आप इतनी कमजोर तो नहीं थी!!!
प्रत्यूषा, आप इतनी कमजोर तो नहीं थी!!!
“बालिका वधू” की “आनंदी” याने प्रत्यूषा बैनर्जी ने हाल ही में आत्महत्या की है। इतने आत्मविश्वास से आनंदी का किरदार निभानेवाली आखिरकार इतनी कमजोर कैसे हो गई?
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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
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