क्या आपको भी “कुंडली” मिलाने में विश्वास है?

आजकल तलाक का प्रतिशत बढ़ रहा है। ऐसे में पढ़े-लिखें लोगों को भी लगता है कि शायद “कुंडली मिलान” कर शादी करने से शादी टिकेगी। लेकिन हमें इस बात को समझना होगा कि “कुंडली मिलान” शादी टिकने की ग्यारंटी कदापि नहीं है!!!

                                     
क्या आपको भी “कुंडली” मिलाने में विश्वास है?
क्या आपको भी “कुंडली” मिलाने में विश्वास है? क्या आपको भी लगता है कि यदि कुंडली नहीं मिली तो संबंधित पति-पत्नी का दाम्पत्य जीवन सुखी और स्थायी नहीं रहेगा? तो आइए, हम थोड़ा इस कुंडली मिलान पर चर्चा करते है।
• इतिहास
पहले के जमाने में शादी के वक्त कुंडली नहीं मिलाई जाती थी। पहले के जमाने में स्वयंवर रचे जाते थे। क्या तब लोगों के दाम्पत्य जीवन पर ग्रहों का असर नहीं होता था? हर बात में इतिहास की दुहाई देने वाले हम, अब कुंडली क्यों मिलाने लगे है?
• प्रेमविवाह
प्रेमविवाह में कोई कुंडली मिलान नहीं होता। तो क्या उनका विवाह स्थायी और सुखी नहीं होता? वास्तव में प्रेमविवाह करनेवालों की कुंडली या ग्रह तो स्वयं ईश्वर ही मिला देते है, तभी तो उनका विवाह होता है। जब प्रेमविवाह करनेवालों की कुंडली ईश्वर बनाते है, तो अरैंज मॅरेज वालों की कुंडली ईश्वर क्यों नहीं बनायेंगे?
• जाति आधारित कुंडली मिलान
मैने कहीं पढ़ा था कि वैश्य जाति वालों का कुंडली मिलान और ब्राम्हण जाति वालों का कुंडली मिलान अलग-अलग तरोकों से किया जाता है। क्या दो अलग-अलग जाति के लोगों पर ग्रहों का असर भी अलग-अलग हो सकता है? वास्तव में सभी ग्रह एवं नक्षत्र सभी मनुष्यों पर एक सा प्रभाव डालते है। जैसे सुर्य का तेज और रोशनी सभी मनुष्यों को एक समान मिलती है। फिर चाहे वह किसी भी जाति का हो! ऐसे में कुंडली मिलान जाति आधारित कैसे हो सकता है?
• ग्रहों की संख्या
2006 में अंतरराष्ट्रीय खगोलसंघ ने प्लुटो को ग्रह का दर्जा देने से इंकार कर दिया। क्योंकि हमारे सौरमंडल में कुल 44 क्षुद्र ग्रह खोजे जा चुके है, जिनमें से कूछ तो प्लुटो से भी विशाल है। इस तरह सौरमंडल में ग्रहों की संख्या 8 हो गई। ऐसे में हमारा ज्योतिष विज्ञान जो नव ग्रहों की मान्यता पर आधारित है, कैसे काम करेगा? अब नासा ने एक नए ग्रह की खोज की है, जिसे नाम दिया है “टेकी”। टेकी बृहस्पती से चार गुना बड़ा है! अब आप ही सोचिए, जब निरंतर खोजो से ग्रहों की असली संख्या ही बदलती रहती है तब ऐसे ग्रहों पर आधारित ज्योतिष विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान पर आधारित कुंडली मिलान कितना प्रभावशाली और सच्चा हो सकता है?
• सही कुंडली कौनसी?
बच्चे के पैदा होने पर यदि हम अलग-अलग दस पंडितों को बुलाकर कुंडली बनायेंगे, तो एक ही बच्चे की दस अलग-अलग कुंडलियां बनेंगी! ऐसे में हम कौनसी कुंडली को सही मानेंगे?
• जन्मसमय
आज विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि हम हमारे हिसाब से शुभ मुहर्त देख कर (ऑपरेशन से) बच्चे का जन्मसमय तय कर सकते है। जब जन्मसमय हम खूद ही तय कर रहे है तो ऐसे में कुंडली भी तो उसी अनुसार बनेंगी। लेकिन क्या वह विश्वसनीय होगी? 
• मांगलिक मतलब मंगल दोष
मंगल शुभ कार्य का प्रतिक है। बड़े-बुजुर्ग हमें आशिर्वाद देते है कि “तुम्हारा जीवन मंगलमय हो।“ शादी को हम “मंगलकार्य” कहते है। जहां शादी होती है उसे “मंगल-कार्यालय” कहा जाता है। हर शुभ कार्य की शुरवात गणेश जी से की जाती है। गणेश जी को हम “मंगलमुर्ती” कहते है। अब आप ही सोचिए, साक्षात मंगल “मांगलिक” के रुप में अशुभ कैसे हो सकता है? अत: “मंगल” कभी भी “अमंगल” नहीं हो सकता, यदि हम वास्तव में सचेत है!
• एक ही राशी वालों के साथ भिन्न घटनाएं
एक ही राशी के करोड़ों लोग इस दुनिया में है। और एक ही समय में एक ही राशी के लोगों के साथ अलग-अलग घटनाएं होती है। राम-रावण, कृष्ण-कंस, गांधी-गोडसे इन सभी की राशी एक ही थी। लेकिन इन सभी के साथ, एक ही समय में दो सर्वथा विपरित क्रियाए हुई! एक ने मारा तो दूसरा मरा! फिर भी हम राशी भविष्य पर, इन पर आधारित कुंडलियों पर विश्वास क्यों करते है?

हमें इस ओर भी ध्यान देना चहिए कि कुंडली मिलाकर शादी करने पर भी कई तलाक क्यों होते है? और कई स्त्रियां विधवा और पुरुष विधुर क्यों होते है? आजकल पाश्चात्य देशों की तरह हमारे देश में भी तलाक का प्रतिशत बढ़ रहा है। ऐसे में पढ़े-लिखें लोगों को भी लगता है कि शायद “कुंडली मिलान” कर शादी करने से शादी टिकेगी। लेकिन हमें इस बात को समझना होगा कि “कुंडली मिलान” शादी टिकने की ग्यारंटी कदापि नहीं है! शादी यदि टिकाना है तो वो सिर्फ आपसी प्यार एवं सामंजस्य से ही टीक सकती है, न की सिर्फ कुंडली मिलान करने से!!!
keywords: Kundali, astrology, superstition, marriage

COMMENTS

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  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (18-04-2016) को "वामअंग फरकन लगे " (चर्चा अंक-2316) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आदरणीय शास्त्री जी, मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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    2. Mera ik sawal hai mere dost ko pandit kehte hai ki Teri kundli main 2 vivah lihke hai or pehli shadi se talak.is baat ne uske dil main ik dar paida kar diya hai. Uski ik beti hai 3 sal ki. Dusri baat dono husband wife main ladai hoti hai. Magar apni beti ke karan ik dusre ko chodna nai chahte. Iska Kya hall ho sakta hai.

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    3. Chhodna bhii nahiin chaahiye kyuonki iss beti ka dhyaan rakhna sabse zyaada zaroori hai.
      Talak se ye Taya Hai ki beti ka jeevan doobhar ho jaayga.

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  2. आपके इस सवाल पर मैंने आज एक पंडित जी से पूछा तो उन्होंने कहां कि कुंडली और भी कई वजह से मिलाई जाती है जैसे लड़की और लड़के के गौत्र जाचना यानी दोनों का गौत्र अलग होना जरूरी है अन्यथा वो भाई-बहन ही माने जायगे,ताकि कोई बिमारी आपको विरासत में न मिले।उन्होंने बताया सही तरीके से अगर कुंडली जाचें तो माता के पीहर से सात गांव छोड़ें जाते थे पहले।

    कुंडली से कन्या की उम्र का पता लगातें थे पहले फिर उम्र से ये पता लगाया जाता था कि जिस दिन शादी होगी उस दिन कन्या मासिकधर्म से ना हो ताकि शादी में विघ्न न हो अब इसे आप धार्मिक या कन्या को होने वाली शारीरिक कमजोरी किसी से भी जोड़ सकतें हैं।

    आजकल तो लोग बात-बात पर कुंडली दिखाने लगे है सिर्फ विवाह ही वजह नहीं रह गये। इसे आप एक अदृष्य सहारे की महसूस होती जरूरत की तरह देख सकते हैं।

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  3. मनिषा जी, वैज्ञानिक दृष्टि से सगोत्र विवाह से कुछ बिमारियां होने की संभावना होती है यह सत्य है। सिर्फ गोत्र देखने के लिए कुंडली नही मिलाई जाती। क्योंकि सामान्यत: हर इंसान को अपना गोत्र पता ही होता है। मतलब वर-वधू को न भी पता हो तो उनके मता-पिता को तो पता होता ही है। जब भी वे लडका या लडकी देखने जाते है तो पहले गोत्र पुछ कर ही आगे बढते है। इसलिए गोत्र देखने के लिए कुंडली मिलान सामान्यत: नहीं किया जाता।

    जहां तक मासिक धर्म की बात है तो इस बात पर तो विश्वास करना बहुत ही असंभव है कि कुंडली से मासिक धर्म की तारिख सही-सही बताई जा सकती होगी। मुझे ज्योतिष विद्या का उतना ज्ञान नहीं है लेकिन जिस तरह से बडी-बड़ी भविष्यवाणियां गलत साबित होती है तो ऐसे मे किसी की शारिरीक प्रक्रिया का इतनी सुक्ष्मता से आकलन करना असंभव ही प्रतित होता है।

    जहां तक शादी के अलावा और बातों के लिए कुंडली देखने की बात है तो हमें यही बात तो समझनी होगी कि हमारा ज्योतिष विज्ञान नवग्रह की मान्यता पर आधारित है और नई-नई खोजों से ग्रहों की संख्या ही बदलती रहती है।
    वास्तव में इंसान को कुडली के चक्कर में न पडकर, अपने-आप पर विश्वास रख कर अपने कर्म करते रहना चाहिए।

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    1. Tum jaise 2-4 aur ho gaye to sanatan dharm khatm kr doge...ek kaam karo ma'am musalman ban jao..apni study thodi strong karo uske baad kisi chij par baat karna..9758596018 ye mera no. H call karna mujhe. Main tarike se aapke upr likhi hui post k baare mei ek ek kar k ans dunga..

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  4. हम ने न देखी न दिखाई। जो मानते हैं मानें।

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    1. आशा जी, सही कहा आपने। हमें जो सही लगता है वो हम करते है। लेकिन किसी को भी कुछ भी करने के लिए हम बाध्य नहीं कर सकते। सिर्फ अपनी बात समझाने की कोशिशभर कर सकते है। ताकि लोगो के मन से अंधविश्वास दूर हो सके।

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  5. Nahi. Match karna hai woh ladke ladki ki compatibility match karo. Dono ke vichar aur aadatein match karo. Health conscious hai toh Genetic Match karo. But Kundli? That's just a piece of paper.

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  6. ज्योतीजी, कुण्डली, ज्योतिष, फलादेश, भविष्यवाणी जैसी चीजों पर हम तो कतई विश्वास नहीं करते। एक भविष्यवक्ता दूसरों के बारे में सब कुछ बता देता है परन्तु अपना खुद का भविष्य बिलकुल नजीं जानता। आपको जान कर आश्चर्य हो सकता है कि आचार्य तक मेरी शिक्षा संस्कृत माध्यम से हुयी है परन्तु कॉलेज के दिनों में भी मैं ज्योतिष विभाग को कभी पसंद नहीं करती थी।

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    1. संपत कुमारी जी, बिल्कुल सही कहा आपने। भविष्य बताने वाले को खुद का भविष्य पता नहीं होता!

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    2. Kisi doctor ko apna ilaj karte hue aapne dekha h..ya kisi surgeon ko apni surgery karte dekha ho

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    3. Sampat ji sahi bola apko jo khud apna bhavishya nahi janta woh kisi aur ka kya janega main nahi manta ye sab

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  7. Shadi ke liye ladka aur ladki ke vichaar,aadtein,unka rahan-sahan aadi ke bare me pata karna chahiye.sirf kundli milane se kya hoga?

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  8. कुंडली यदि लोग मिलाते है, तो उसकी कुछ वजह भी है। पर वह वजह आज भी प्रासंगिक हैं या नहीं। यह मैं नहीं कह सकता। पर इस विषय पर आपका आर्टिकल बहुत ही शानदार है।

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  9. अपना अपना विश्वास है ... अनुभव हर तरह के होते हैं समाज में ... अपने विश्वास पे विश्वास रखना और टिके रहना ठीक प्रतीत्र होता है ...

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  10. I agree with Digamber. To each his own when it comes to this. Kyunki zindagi toh us partner ke saath usko kaatni hai :)

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  11. A very nice point raised in this article, don't know why people still stick to such kundli things

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  12. phir se ek aur sundar peshkash aap ki, shabd kam padh rahe hai aapna abhibyakti bayan karne ko.

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  13. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  14. बहुत अच्छा लेख है ज्योतिजी। वैसे अगर ठीक से देखा जाए तो हमारा ज्योतिष विज्ञान बहुत पुराना है। एकदम से इतने पुराने और विस्तारसे लिखित शास्त्र को पूरीतरह गलत बताना उचित नहीं लगता। हम सब जानते है की समुद्र मे ज्वार भाट चन्द्रमा और अन्य बड़े ग्रहों के कारन आता है। सभी मनुष्यो के मस्तिष्क से मैग्नेटिक तरंगे बहती रहती है। सूर्य से भी मैग्नेटिक, ग्रेविटेशनल, और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगे हमेशा सारे ब्रम्हांड मे प्रसारित होती रहती है। तो यह बात पक्की है की इन सभी तरह की तरंगो का मनुष्य जीवन या उसके शरीर पर कुछ तो असर होता ही है।
    हमारा आज का विज्ञान अभीभी शिशु अवस्था मे है। वैज्ञानिकों की माने तो अब तक हम ब्रम्हांड के पुरे ज्ञान में से सिर्फ कुछ १० प्रतिशत ज्ञान ही समज सके है। हमने जो भी आधुनिक ज्ञान हासिल किया है, वो सिर्फ ३०० या ४०० साल काम करने के बाद हासिल किया है। इसलिए इतने कम ज्ञान के साथ यह कहना ठीक नहीं की हमारा हजारो वर्षो पुराना ज्योतिष का ज्ञान किसी काम का नहीं। हालही में आपने न्यूज़ में ग्रेविटेशनल तरंगो के पाए जाने की ख़बरें पढ़ी होंगी। अभी तो बहुत सारे राज उजागर करना बाकि है। इसलिए एकदम से हम हमारे सदियों पुराने ज्ञान को गलत नहीं बोल सकते।
    लेकिन सिर्फ ग्रहों और कुंडली पे भरोसा रखने के बजाय हमें अपने कर्मो पर विश्वास रखना चाहिए। अच्छे कर्म करनेसे अच्छे ही फल मिलंगे फिर चाहे कुंडली के ग्रह हमसे नाराज ही क्यों ना हो।
    बहुत बढ़िया लेख, शेयर करने के लिए धन्यवाद।

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    1. आदरणीय स्वप्निलजी मैं आपकी टिप्पणी में दिए गए तथ्यों से मैं पूर्णतया सहमत हूँ क्योंकि मैग्नेटिक, ग्रेविटेशनल, और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगे निश्चय ही मनुष्य के शरीर पर प्रभाव डालती हैं और ज्योतिष शास्त्र ग्रहों की चाल की सटीक जानकारी भी देता है। ज्वार भाटा सूर्य ग्रहण चन्द्र ग्रहण का सटीक समय भी बताया जाता है तथा आने वाले मौसम पर इसके प्रभाव भी बताये जा सकते हैं किन्तु किसी व्यक्ति विशेष के भविष्य के बारे में बताना कतई व्यवहारिक प्रतीत नहीं होता। ज्योतिषी जनम के दिन और समय के अनुसार भविष्य की कुंडली बना कर आनेवाली घटनाओं के बारे में बताने का दावा करते हैं लेकिन भारत में प्रति मिनट 29 तथा विश्व में 250 बच्चे जनम लेते हैं और इन सबका भविष्य सबका स्वभाव भिन्न होता है।

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  15. स्वप्निल जी, ज्योतिष विज्ञान पूरी तरह से गलत है, ऐसा मैने नहीं कहा। लेकिन ज्योतिष विद्या के सही जानकार भी एक-दो प्रतिशत से ज्यादा नहीं है। ऐसे में ज्यादातर हम इन लोगों द्वारा बेवकूफ ही बनते नजर आते है। लेकिन सिर्फ ग्रहों और कुंडली पे भरोसा रखने के बजाय हमें अपने कर्मो पर विश्वास रखना चाहिए। कुंडली के चक्कर में हमें हमारा नुकसान नहीं करना चाहिए।

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  16. Mere hisab se kundali milan bilkul sahi hai....jyotish koi khel nahi hai...yeh ek vigyaan hai.....agar iska sahi se use kiya jaye to kaam jarur karta hai....lekin aajkal jyotish ko keval kamane ka sadhan mana ja raha hai aur is par reserch bhi nahi ho rahe hain isliye yeh keval khel bankar reh gaya hai....jo log kehte hain ki ham par planets ka koi asar nahi hota, unke liye me bata du ki ek moon ki vajah se jvar aur bhata aata hai jo pure samundar ko hila kar rakh deta hai to kya insaan baki planets ke effect se bach pata hoga? nahi.....isiliye jyotish ki majak banane ki jagah hame ise sahi se sikhne ki jarurat hai aur iska sahi istemaal karne ki jarurat hai....

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  17. अमूल जी, आपने सही कहा है। ज्योतिष विज्ञान है,खेल नहीं है। लेकिन आज इस विज्ञानं को समझने वाले बहुत ही कम होने से यह सिर्फ लोगो को लुटने का साधन मात्र रह गया है। इसलिए हमें इन चक्करो में नही पड़ना चाहिए।

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    1. Madam aapne apne article mei purey jyotish ko galat kaha hai..apni baat pe rahiye..do tarah ki baat kar k logo ko kya sabit karna chahti hai

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    2. मैने पूरे ज्योतिष को गलत नहीं बताया हैं।

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  18. ज्योतिष कोई विज्ञान नहीं है वरन पूर्णतया ठगी का धंधा है जो समाज के अन्धविश्वास और अज्ञानता का लाभ उठाकर किया जा रहा है। पुराफलित ज्योतिष ही बोगस है सिद्धांत हीन है ज्योतिष में एक भी ऐसा सही सिद्धांत नहीं है जिससे किसी भी व्यक्ति के भविष्य की किसी भी घटना के बारे में सही सही बताया जा सके। ज्योतिष कैसे बोगस है यह जानने के लिए जिज्ञासु मित्र मेरे ब्लॉग पर जाकर पढ़ सकते है
    https://ashiishshandil.blogspot.in/

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    1. Mera ik sawal hai mere dost ko pandit kehte hai ki Teri kundli main 2 vivah lihke hai or pehli shadi se talak.is baat ne uske dil main ik dar paida kar diya hai. Uski ik beti hai 3 sal ki. Dusri baat dono husband wife main ladai hoti hai. Magar apni beti ke karan ik dusre ko chodna nai chahte. Iska Kya hall ho sakta hai.

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    2. शायद ही सकता है कि पंडित से दो शादी की बात सुन कर आपका दोस्त पूर्वाग्रह से दूषित हो मन ही मन यह मान कर चल रहा हो कि मेरी कुंडली में ही तलाक लिखा है। इस वजह से वो अपनी पत्नी से बराबर व्यवहार न करता हो।
      यदि आपका दोस्त कुंडली पे विश्वास न कर कर अपनी पत्नी से ठीक से व्यवहार करें उसमे सिर्फ दोष ही न ढूंढे तो शायद बात बन सकती है।

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  19. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  20. जी मुझे यह आपका पोस्ट बहुत अच्छा लगा मैं एक लड़की से प्यार करता हूं 5 साल के प्यार के बाद और बहुत परिश्रम करने के बाद लड़की के घर वाले राजी हुए राजी होने के बाद जब कुंडली की बारी आई तो जो नाम (जन्मपत्री) पंडित में रखने को दिए थे उससे कुंडली नहीं मिली और जिस नाम से हम को बुलाया जाता है उससे कुंडली में 27 गुण मिल चुके हैं अब यह कुंडली मिलान मेरे जीवन में रोड़ा बन रहा है और लड़की के घर वाले लगभग मना करने का विचार बना चुके हैं एक तरफ दूसरे नाम से गुण मिलते भी है और दूसरी तरफ उस नाम से गुण नहीं मिलते पर इंसान तो एक ही है

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    1. महावीर,यही तो समस्या हैं। कुंडली के चक्कर में कई अच्छे रिश्ते नहीं हो पाते है और कई बार किसी को उसका प्यार नहीं मिलता। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आपको आपका प्यार जरूर मिले। शुभकामनाएं...

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    2. Humne b kundli ke chkkar mai achha rishta kho diya

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  21. ज्योतिष के किसी भी शास्त्र मे अष्टकूट मिलान मांगलिक दोष बाक़ी दोष आदि का उल्लेख ही नहीं है यह सब ठगी का धंधा है जो ज्योतिषीयों द्वरा समाज मे फैले अंधविश्वास के आधार पर खड़ा किया गया है कुंडली मिलान की वास्तविकता के बारे मे यदि कोई जिज्ञासु मित्र जानना चाहते हो तो वह इस https://ashiishshandil.blogspot.in/2016/09/ लिंक पर जाकर स्वयं पढ़ सकते है की कैसे बोगस ज्योतिष से ज्योतीषी समाज को मूर्ख बनाकर ठगी का धंधा कर रहे है।

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  22. बेनामी7/7/18, 9:17 pm

    Jyoti ji me aapki baat se shamat hu but meri life me ek dikat chl rhi h I hope ki aap kuch salution de me kisi se bhut pyar krti hu wo bhi krta h but hum ne jb kundali match kri to sb thik tha but ek nadi dosh aa rha h pandit bolte h ki is dosh me talak ho skta h ya kisi ek ki death ho skti h to kya mera pyar bekar h me in baato se us se dur nhi jana chati hu aur ek nadi dosh se sach me death ho skti h Kya.

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    1. इस तरह के दोष से मृत्यु हो ही जाएगी यह बताना कठीन हैं। ज्योतिष विद्या में यदि आपको विश्वास हैं तो शादी कदापी न करिए। क्योंकि ऐसे में आप हर वक्त एक तरह के डर के साये में जियेगी। हाँ, आपका मन मजबूत हो...अपने प्यार के लिए आप यदि कुछ भी कर सकती है...आपको ज्योतिष विद्या की खामियों के बारे में पता हैं, तो आप निडर होकर शादी कर लीजिए।

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  23. ज्योतिष शास्त्र में लिखी बातें सच होती हैं मैं ऐसा मानती हूं वर्तमान का पता नहीं पर पहले के जितने भी ज्योतिष शास्त्री रहें हैं सबकी भविष्यवाणी सही साबित हुई है पर शादी के संदर्भ में इतना कहुंगी शादी उनकी भी सफल होती है जिनकी कुण्डली ही नहीं होती है मृत्यु किसकी कब होगी कोई नहीं बता सकता

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  24. मैं कर्म में विश्वास रखती हूं ऐसा नहीं कि ज्योतिष
    विद्या पूर्णतः गलत है पर जीवन में कर्म की प्रधानता होनी चाहिये। हानि लाभ जीवन मरण यश अपयश विधि हाथ ऐसा तुलसीदास जी ने कहा है। विधाता
    के विधान का पता ज्योतिष से लगाना संभव नहीं पर
    ग्रह नक्षत्रों की दशा का पता लगा कर उनकी शांति के लिए पूजा पाठ किया जा सकता है इसलिए ज्योतिष अपनी जगह महत्वपूर्ण है और जीवन को जीने की प्रक्रिया अपनी जगह। कहते हैं भगवान राम और माता सीता के 36 गुण मिले थे फिर भी उनका
    वैवाहिक जीवन कष्टमय रहा ।अतः मेरा मानना है कि
    ज्योतिष भी तभी फलीभूत होता है जब जीवन को
    उचित तरीके से जिया जाए

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  25. बहुत बढिया लेख लिखा है आपने ज्योति जी!जब हम जानते हैं कि ज्योतिष ज्ञान इतना व्यापक है और आज समाज में इसे पूर्णतः जानने वाले विरले ही हैं जो हमारी पहुंच से बाहर हैं बाकी गली-गली में अन्धविश्वास फैलाने वाले तथाकथित ज्योतिष बैठे हैं हमें इनके चक्कर में न पड़कर अपने कर्म पर विश्वास करना चाहिए।जहाँ प्रेम और सद्भाव होता है वहाँ ग्रह और कुंडली अपनेआप मिल जाती हैं।मैने भी ऐसे जोड़े देखे हैं जिनकी शादी के समय कुंडली नहीं मिली उन्होंने जबरन प्रेम विवाह किया और आगे जीवन में कुंडली क्या सब ठीक है वे सपरिवार सकुशल हैं।मैं कर्मफल में विश्वास करती हूँ....
    शानदार, लाजवाब लेख...

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  26. Kundli dekhkr hi shadi ki thi phir bhi meri wife bacchi ki accident me mout ho gai

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    1. कुंडली देखने या देखने का मौत होने से कोई संबंध नहीं रहता हैं।

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  27. Mein kundali par bilkul vishwas nhi krti ....jo ladka mujhse pyar krta h uski or jab meri kundali milai gai to pandit ne bhut sari pooja bta di or us ladke ko mangal hone ki wajah se humari shadi nhi ho skti aisa kah diya.....mere ghar walo ko yh sab sun kr tension ho gai.....bt mujhe us ladke ke pyar pr pura vishhwas hain pandit ki baato par nhi mera bhagwan mere sath hain mujhe mangal dosh se fark nhi pdta.....isliye me usi insaan se shadi krna chahungi jo mujhse psnd krta h meri or mere ghr walo ki respect krta h ab bhale kundali mile yaa na mile

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    1. सोना दी,यदि आप उसी लड़के से शादी करती हैं तो सबसे पहले आपको अपने दिमाग से यह बात निकालनी होगी कि हमारी कुंडली नहीं मिली हैं। क्योंकि यदि आपके अवचेतन मन में यह बात बैठ गई तो हर छोटी मोटी नोक छौंक पर भी आपके मन में यहीं बात आएगी की हमारी कुंडली नहीं मिली थी इसलिए ऐसा हो रहा हैं।
      असल मे जिंदगी में सच्चा प्यार मिलना बहुत ही कठीन हैं। कुंडली का क्या मील या न मिले। व्व तो अलग अलग पंडित अलग अलग बात बताएंगे।

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नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,23,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,3,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन 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पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,4,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,1,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,31,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दवा,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिशा,1,दीपावली शुभकामना 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प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,33,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,10,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,23,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: क्या आपको भी “कुंडली” मिलाने में विश्वास है?
क्या आपको भी “कुंडली” मिलाने में विश्वास है?
आजकल तलाक का प्रतिशत बढ़ रहा है। ऐसे में पढ़े-लिखें लोगों को भी लगता है कि शायद “कुंडली मिलान” कर शादी करने से शादी टिकेगी। लेकिन हमें इस बात को समझना होगा कि “कुंडली मिलान” शादी टिकने की ग्यारंटी कदापि नहीं है!!!
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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
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