हे कृष्ण, क्या आपको माता यशोदा का दर्द दिखाई नही दिया?

हे कृष्ण, आपने माता यशोदा की ममता पर शक क्यों किया?

                  
हे कृष्ण, क्या आपको माता यशोदा का दर्द दिखाई नही दिया
हे कृष्ण, आपने कितनी सहजता से, सिर्फ अपनी बात सही ठहराने के लिए माता यशोदा से कह दिया कि "तुने मोहे जानो परायों जायो...!" माता यशोदा को अपमानित करनेवाली, उनकी ममता पर लांछन लगाने वाली बात, आप इतनी सहजता से कैसे कह पाएं प्रभु? क्या आपको एक बार भी मन में विचार नही आया कि मेरी इस बात से माता यशोदा का दिल कितनी बुरी तरह से टूट जाएगा?

जिस यशोदा माता के ममत्व का आज भी गुणगान होता है, हर सौतेली माता को कहा जाता है कि माता यशोदा जैसी बनों, स्वयं माता देवकी भी अपने आप को माता यशोदा की ऋणी समझती थी! जिस माता का यशोगान निम्न पंक्तियों से किया जाता है,

"पुलकित हो जाती देख कर कान्हा की माखन चोर अदा,
 तुम हो वात्सल्य का भंडार, कृष्ण की माँ यशोदा ,
 जननी न होकर भी दिया किशन को पूरा दुलार ,
 देवकी न भूल पाएगी कभी तुम्हारा यह उपकार ।"
        -(सतीश चंद्र जैन की कविता "ममता की मूरत तुम हो मेरी माँ" से साभार)

जिस माता यशोदा ने आपके पालन-पोषण में कोई कसर नही छोड़ी, जिसके ममत्व पर आप स्वयं भी शक नही कर सकते, उस माता पर इतना बडा इल्जाम? प्रभु, आप तो सर्वज्ञ हो, त्रिकालदर्शी हो फिर आप सिर्फ अपनी बात सही सिद्ध करने के लिए ऐसा कैसे कर सकते है? आप कोई और बहाना कर लेते या खुद की हार कबूल कर लेते कि आपने माखन खाया है! क्या आपके लिए, आपकी बात सही सिद्ध करना, माता के ममत्व से ज्यादा मायने रखती थी? ऐसा क्यों किया कृष्ण आपने?

हे कृष्ण, आज कलयुग के लोग कहते है कि आपका व्दापर युग आज से बहुत बेहतर था. तब के लोगों की सोच बहुत अच्छी थी! फिर आपने ये कैसी मिसाल कायम की प्रभु?

आज कलयुग में भी ऐसी कई माताएं है, जो अपने सौतेले बच्चों को अपने स्वयं के बच्चों से भी ज्यादा प्यार करती है. लेकिन आप ही का अनुसरण करते हुए सौतेले बच्चे कभी न कभी यह सवाल माँ से ज़रुर करते है कि "तुने मोहे जानो परायों जायो..."

हे कृष्ण, आपने तो सिर्फ माता यशोदा को कलंकित किया था लेकिन तब से आज तक न जाने ऐसी कितनी माताएं अपने ही बच्चों द्वारा कटघरे में खड़ी की जाती है!

मेरा कहने का तात्पर्य कदापि यह नही है कि सभी सौतेली माताएं माता यशोदा की तरह ममता-मई ही होती है. कुछ सौतेली माताएं सौतेले बच्चों के साथ बुरे से भी बुरा व्यवहार करती है! लेकिन हे कृष्ण, इन कुछ माताओं की वजह से सभी माताओं को तो कटघरे में खड़ा नही कर सकते न!
Keywords: shri krishna, Mata Yashoda, Janmashtmi, Lord krishna

COMMENTS

BLOGGER: 30
  1. दिनांक 07/09/2015 को आप की इस रचना का लिंक होगा...
    चर्चा मंच[कुलदीप ठाकुर द्वारा प्रस्तुत चर्चा] पर...
    आप भी आयेगा....
    धन्यवाद...

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  2. You have a point there Jyoti ji.. Very few would do what Yashoda ma did for Krishna, for which she deserves a lot of respect.

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  3. बहुत ही सुंदर रचना। आपके ब्‍लाग पर आने में कुछ ज्‍यादा ही वक्‍त लग गया। 8 अगस्‍त को कान्‍हा घर आया है।

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    1. कहकशां जी, आपका मेरे ब्लाग पर स्वागत है.

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  4. कुछ न कुछ कमी हर रिश्ते में होती है। आरूषी हो या शीना, इनकी सगी माँ पर इनके कत्ल का इल्जाम है।
    दुसरी माँ बुरी नहीं होती, आस-पास के लोग और दुसरे रिस्तेदार यह साबित करने में ज्यादा लगे रहते है कि सौतेली है। जन्म देने वाली माँ कुछ भी करें तो, कुछ भी कहें तो यही कहते है सब माँ है अपने बच्चों का भला ही चाहती है, बच्चों को ड़ाटना, रोक-टोक लगाना और कभी पिटाई कर देना भी ठीक है आखिर माँ है और सौतेली माँ कुछ कह दे तो, तुरंत सब छाती पिटने लग जाते है, सौतेली का ताना देकर।

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    1. जन्म देने वाली माँ कुछ भी करें तो, कुछ भी कहें तो यही कहते है सब माँ है अपने बच्चों का भला ही चाहती है...बिल्कुल सही कहा है आपने, मनिशा जी

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    2. सौतेला रिश्ता नहीं, सौतेला व्यवहार गलत होता है जैसे बेटा और बेटी के मध्य बेटों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है, बेटों को बेहतर शिक्षा, भोजन और ज्यादा आजादी इत्यादि ये दुनिया के हरतीसरे घर की कहानी है। ये सब सगे माता-पिता, दादा-दादी करते है।
      शायद आपने सौतेले पिताओं के भयानक और घिनौने किस्से नहीं सुनें हैं।

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  5. व्यक्ति अलग अलग तरह का चरित्र लिए होता है आदरणीय ज्योति जी ! अगर सौतेली माँ बुरी होती हैं तो ऐसी भी हैं जिन्होंने अपने स्वयं के बेटे से भी ज्यादा प्यार सौतेले बच्चों को दिया है ! ये उस व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है !! जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं !!

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    1. योगी जी, हर चीज व्यक्ति की सोच पर ही तो निर्भर है. कोई भी रिश्ता अच्छा या बुरा नही होता! बुरी होती है, इन्सान की सोच. धन्यवाद आपका.

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  6. सुंदर प्रसंग के माध्यम से एक जटिल समस्या को इंगित किया है ज्योति जी आपने. जन्माष्टमी की आपको बहुत बहुत शुभकामनायें.

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  7. बहुत सुंदर प्रस्तुति
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  8. शायद कृष्ण के कुछ देने पे कृष्ण को कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं ... जहां माँ का नाम आता है मैया यशोदा का ही जिक्र होता है ... सूरदास जी ने यहाँ उनके परायेपन का जिक्र शायद इस तरह से नहीं किया है ... कवी की कल्पना को सही दृष्टिकोण देने की जरूरत है ...

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    1. आशा है आप मेरी बात को अन्यथा नहीं लेंगी ...

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    2. दिगम्बेर जी, यह सच है कि जहां माँ का नाम आता है मैया यशोदा का ही जिक्र होता है ...लेकिन यह भी तो सच है कि कृष्ण जी ने माता यशोदा जी के ममत्व पर शक प्रगट किया! हो सकता है, सुरदास जी ने उसे अपने तरीके से व्यक्त किया हो! लेकिन इससे माता यशोदा का दर्द तो कम नही होगा!

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  9. Jyoti Ji, ye Kanhaiya ke shabd nahi hai balki Surdas ke hain jo kalyug me hi janm liye the. Khair sab apne tarike se dekhte hain. Aapne maa ki taraf se dekha. Parantu agar baalak ki taraf se dekhen to apne hi ghar me maakhan khane ki saja wo bhi maa ke hathon ke bane.

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    1. रविश जी, क्या अपने ही घर में गलती करने पर, झुठ बोलने पर सगे माता-पिता अपने बच्चों को सजा नही देते? तब तो उन्हें कोई कट्घरे में खडा नही करता! माता यदि सौतेली है तो क्या उसे बच्चे के झुठ बोलने पर सजा देने का भी अधिकार नही होना चाहिए?

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  10. आपका प्रश्न जायज है लेकिन मेरी सोच के अनुसार एक अबोध बालक से शब्द हैं, माँ न कभी कठघरे में थी और न होगी

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  11. बहुत सुंदर प्रस्तुति "तुने मोहे जानो परायों जायो..."

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  12. बहुत सुंदर प्रस्तुति...धन्यवाद

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  13. मेरी तरफ से श्री कृषण जन्माष्टमी की बधाई ज्योति जी आपको और सभी बंधुओं को ।

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  14. मेरी तरफ से श्री कृषण जन्माष्टमी की बधाई ज्योति जी आपको और सभी बंधुओं को ।

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  15. प्रेम करने वाला हर इंसान कटघरे में क्यों खडा हो ....
    बधाई आज के पर्व की ...

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  16. बड़ी सुंदर रचना है दीदी । आजकल मनुष्य मानसिक तनाव में जीता है । अच्छा बुरा सोचने की क्षमता ही नही होती है । कई सगे भी बुरा व्यवहार करते है । कई पराये भी अच्छा व्यवहार करते है ।

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  17. बहुत सुन्दर रचना

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  18. जी नहीं। कान्हा तो बलदाऊ भैया के इस आरोप से स्वयं विचलित हैं। और मां यशोदा बालक कन्हैया के इस भोलेपन पर मन ही मन हर्षित हैं। पूरी कविता देखें:-
    मैया मोहि दाऊ बहुत खिझायौ ।
    मोसौ कहत मोल कौ लीन्हौ, तू जसुमति कब जायौ ?
    कहा करौं इहि रिस के मारैं खेलन हौं नहिं जात ।
    पुनि-पुनि कहत कौन है माता को है तेरौ तात ॥
    गोरे नंद जसोदा गोरी, तू कत स्यामल गात ।
    चुटुकी दै-दै ग्वाल नवावत, हँसत, सबै मुसुकात ॥
    तू मोही कौं मारन सीखी, दाउहि कबहुँ न खीझै ।
    मोहन-मुख रिस की ये बातैं, जसुमति सुनि-सुनि रीझै ॥
    सुनहु कान्ह, बलभद्र चबाई, जनमत ही कौ धूत ।
    सूर स्याम मोहि गोधन की सौं, हौं माता तू पूत ॥

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  19. बहुत विचारणीय प्रस्तुति ज्योति जी । कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं ।

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नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,25,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,4,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,4,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,21,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,खोया,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं का आटा,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चुर्ण,1,चूर्ण,4,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,2,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,31,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,29,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,6,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,48,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल दिवस,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ 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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: हे कृष्ण, क्या आपको माता यशोदा का दर्द दिखाई नही दिया?
हे कृष्ण, क्या आपको माता यशोदा का दर्द दिखाई नही दिया?
हे कृष्ण, आपने माता यशोदा की ममता पर शक क्यों किया?
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आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
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