महिलाओं को इतनी तो आजादी दो कि वे अपनी इच्छा से कपड़े पहन सकें!!

क्या वास्तव में छेड़खानी, बलात्कार की सभी घटनाएं सिर्फ छोटे और आधुनिक कपड़े पहनने से ही होती है? क्यों महिलाओं के कपडों को लेकर जब-तब बयान जारी कर दिए जाते है?

महिलाओं को इतनी तो आजादी दो कि वे अपनी इच्छा से कपड़े पहन सकें!!
सोशल मीडिया पर, अखबारों में, टेलीविजन पर, जहां देखो वहां महिलाओं ने क्या पहनना चाहिए और क्या नहीं पहनना चाहिए इस पर ढेरों बयानबाजी हो रहीं है। जैसे,

“विदेशी महिला सैलानी भारत में स्कर्ट पहनकर न घुमें”

“पी वी सिंधु भी न...देखो मंदिर जाने के लिए साड़ी पहन ली”

“लड़के न बहके इसलिए रोहतक के स्कूल में स्कर्ट बैन”

ऐसी बयानबाजी देख-सुनकर दिमाग सुन्न हो जाता है! कहां तो हम चाँद और मंगल पर जाने की बातें करते है, नारी-पुरुष समानता की बातें करते है और कहां हमारी सोच, महिलाओं के कपड़े के इर्द-गिर्द ही भटकती रहती है! अरे...थोड़ा महिलाओं को भी सांस लेने दो...इतनी तो आज़ादी दो उन्हें कि वे अपनी इच्छा से कपड़े पहन सकें!! कुछ पुरुष तो इससे भी आगे जाकर कहते है कि लड़कियों ने जीन्स नाभी से नीचे नहीं पहननी चाहिए...साड़ी की ब्लाउज के गले ज्यादा डीप नहीं रखने चाहिए! इससे पुरुषों की भावनाएं उत्तेजित होती है। लड़कियों के पहनावे पर टिप्पणी करनेवाले कुछ बुजुर्ग ऐसे भी है, जिनकी खुद की बेटियां आधुनिक लिबास पहनती है, लेकिन दूसरी लड़कियों/ महिलाओं को वे शालीनता का पाठ पढ़ाते है। महिलाओं को शालीनता का पाठ पढ़ानेवाले ये बुजुर्ग ये नियम अपने घर की बहू-बेटी पर लागू नहीं करते! जैसे कश्मीर के अलगाववादी गरीब कश्मीरी बच्चों के हाथों में पत्थर थमाते है और खुद के बच्चों को कश्मीर से दूर सुरक्षित जगहों पर रखते है!

जब भी कहीं महिलाओं के साथ बर्बरता की कोई खबर सुर्खियों में आती है, तो बिना किसी शुरवाती जानकारी के लोगों की पहली प्रतिक्रिया यहीं होती है कि यह सब आधुनिकता का तकाजा है, महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनती है इसलिए...! क्या वास्तव में छेड़खानी, बलात्कार की सभी घटनाएँ सिर्फ छोटे और आधुनिक कपड़े पहनने से ही होती है? हाल ही में हुए बुलंदशहर गैंगरेप में क्या उन माँ-बेटी ने भडकाऊं कपड़े पहन रखें थे? सादे कपड़े में और परिवारवालों के साथ रहने पर भी क्यों हुआ उनके साथ गैंगरेप? दो-तीन साल की मासूम बच्चियों पर क्यों होते है बलात्कार? दरअसल नारी अपना कितना शरीर दिखाएं या कितना छिपाएं, यह महत्वपुर्ण नहीं है, क्योंकि कामभावना मस्तिक में जन्म लेती है और तरंगे सारे शरीर को झंकृत कराती है। बलात्कार या छेड़खानी की घटनाएँ कपड़ों की वजह से नहीं होती, वो होती है गंदी, बीमार और विकृत मानसिकता के कारण।

आजाद देश की आजाद महिलाओं को इतनी भी आजादी क्यों नहीं है कि वे अपनी मनमर्जी से कपड़े पहन सकें। क्यों महिलाओं के कपडों को लेकर जब-तब बयान जारी कर दिए जाते है? क्या महिलाओं ने कभी भी पुरुषों के कपड़ों को लेकर कोई टीका-टिप्पणी की? जब पुरुष अपनी मनमर्जी के कपड़े पहन सकते है तो महिलाएं क्यों नहीं? कुछ लोगों को महिलाओं के छोटे कपड़े से ही तकलीफ़ नहीं है, उन्हें तो पी वी सिंधु के साड़ी पहनने पर भी बयानबाजी करने का मौका मिल जाता है! भई... जब खेल के मैदान पर छोटे कपड़े पहनने से सहुलीयत होती है, तो छोटे कपड़े पहन लिए। मंदीर जाते वक्त साड़ी पहनने की इच्छा हुई, तो साड़ी पहन ली! आखिर क्या हो गया है हमारी सोच को? हम किसी महिला की प्रतिभा से ज्यादा उसके परिधान के तरफ ख्याल क्यों देते है? माना कि हमारा समाज पुरुषप्रधान समाज है, लेकिन ''जिसकी लाठी उसकी भैंस'' यह तो जंगल का नियम था। असल में लाठी से मुक्त होना ही सुसंस्कृत होना है। यह बात पुरुषों को समझनी होगी।

मेरा यह सब कहने का तात्पर्य यह कदापि नहीं है कि आज़ादी के नाम पर महिलाएं नग्नता परोसे। लेकिन पुरुषों से नम्र विनंती है कि कृपया महिलाएं क्या पहने और क्या न पहने, कम से कम इतना सा निर्णय लेने की आज़ादी लड़कियों/महिलाओं को अवश्य दें!!

Keywords: women's freedom, Women's clothing, Freedom

COMMENTS

BLOGGER: 22
Loading...
नाम

15 अगस्त अंकुरित अनाज अंग्रेजी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस अंधविश्वास अंधश्रद्धा अग्रवाल अचार अजब-गजब अतित अनुदान अन्न अन्य अपेक्षा अमीरी अरुणा शानबाग असली हीरो आंवला आंवला लौंजी आज के जमाने की अच्छाइयां आज़ादी आतंकवादी आत्महत्या आत्मा आदित्य तिवारी आरक्षण इंसान इंस्टंट डोसा इंस्टंट स्नैक्स इंस्टट ढोकला इडली इन्डियन टाइम इमली इरोम शर्मिला ईश्वर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना उपमा एक सवाल कन्यादान करवा-चौथ कहानी किचन टिप्स कुंडली मिलान केईएम् अस्पताल कौए क्षमा खजूर खत खबर खांडवी खाना खारक खुशी खेल गर्भाशय गलती गाजर गोल्फ चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति चकली चटनी चाय मसाला चूर्ण छोटी बाते छोटे लेकिन काम के टिप्स जनसंख्या जन्माष्टमी जमाना जाट आंदोलन जोक्स झूठ टिप्स कॉर्नर टी.व्ही. और सिनेमा ठेचा डॉक्टर डॉटर्स डे ढोकले तिल के लड्डू दक्षिणा दहेज दिपावली बधाई संदेश दुल्हा दुश्मन धर्मग्रंध धार्मिक नदी में पैसे नवरात्र स्पेशल नारी नारी अत्याचार नारी शिक्षा निंबु का अचार निर्णयक्षमता निर्भया निवाला नेत्रदान नेपाल त्रासदी नेल आर्ट पक्षी पढ़ा-लिख़ा कौन? पति का अहं परंपरा पवित्रता पाश्चात्य संस्कृति पुण्य प्रत्यूषा प्राणियों से सीख फलाहार फूल गोभी के परांठे फैशन बची हुई सामग्री का उपयोग बच्चें बड़ा कौन? बढ़ती उम्र बरबादी बलात्कार बहू बुलंदशहर गैंगरेप बेटी बेटी बचाओ अभियान ब्रेड ब्रेड की रसमलाई ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी भगवान भजिए भारत भुट्टे के पकोड़े भूकंप भ्रुण हत्या मंत्र मंदिर मंदिरों में ड्रेस कोड़ मंदिरों में दक्षिणा मकई उपमा मकई पकोडे महानता महाराजा अग्रसेन जी महिला आजादी महिला आरक्षण महिलाओं का पहनावा माँ माता यशोदा मारवाड़ी मासिक धर्म मिठाई मुक्ति मूंगफली की सूखी चटनी मेंहदी मेथी दाना चुर्ण मेरा मंत्र मेरी बात मैनर्स रजस्वला नारी रवा इडली रसोई रांगोली राशी-भविष्य रिती-रिवाज रुपया-पैसा लघुकथा लेसुए लॉटरी लोकल ट्रेन लोग क्या कहेंगे? वक्त वटसावित्री व्रत वर वर्तमान विधवा विवाह वृंदावन वेजिटेबल डोसा व्यंग शनि देव शब्द शर्म शादी शादी की खरेदी शिक्षा शुभ-अशुभ शुभम जगलान श्राद्ध श्रीकृष्ण श्रेष्ठता संक्रात संस्कार संस्मरण सपना सफेद बाल सब्जियों का अचार समाजसेवा सर के बाल साउथ इंडियन डिश सागर में ज्वार साफ-सफाई साबुदाने और नारियल के लड्डू सामाजिक सालगिरह सास साहित्य सिंगल पैरेंट सीख-सुहानी सुखी सेलिब्रेटी सेवई उपमा सेहत सौतेली माता स्नैक्स स्वतंंत्रता दिन स्वर्ग और नर्क हंस हरी मिर्च हाथी हिंदी उखाणे हिंदी उखाने होममेकर
false
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: महिलाओं को इतनी तो आजादी दो कि वे अपनी इच्छा से कपड़े पहन सकें!!
महिलाओं को इतनी तो आजादी दो कि वे अपनी इच्छा से कपड़े पहन सकें!!
क्या वास्तव में छेड़खानी, बलात्कार की सभी घटनाएं सिर्फ छोटे और आधुनिक कपड़े पहनने से ही होती है? क्यों महिलाओं के कपडों को लेकर जब-तब बयान जारी कर दिए जाते है?
https://1.bp.blogspot.com/-TSlVpQHFPTw/V8bCUH3uqdI/AAAAAAAABwM/3H73M2LwIVYfQNpoxRY-efTzr82JKUNngCLcB/s400/mahilao%2Bka%2Bpahanavaa.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-TSlVpQHFPTw/V8bCUH3uqdI/AAAAAAAABwM/3H73M2LwIVYfQNpoxRY-efTzr82JKUNngCLcB/s72-c/mahilao%2Bka%2Bpahanavaa.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
http://www.jyotidehliwal.com/2016/09/mahilao-ko-itni-aajadi-to-do-ki.html
http://www.jyotidehliwal.com/
http://www.jyotidehliwal.com/
http://www.jyotidehliwal.com/2016/09/mahilao-ko-itni-aajadi-to-do-ki.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy