Sologamy: क्षमा का ये साहसी फैसला है या सिर्फ़ सनक?

क्या सोलोगैमी द्वारा युवा शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते है या यह आत्मनिर्भता की ओर उनका एक कदम है? ये साहसी फैसला है या सनक

Sologamy: क्षमा का ये साहसी फैसला है या सिर्फ़ सनक?

गुजरात के वडोदरा की 24 साल की महिला क्षमा बिंदु ने 9 जून 2022 को खुद से (sologamy marriage) शादी कर ली है। क्षमा का यह निर्णय पूरी सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था पर असर डालने वाला होने से चारों ओर इस निर्णय की चर्चा हो रही है। क्या यह शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों से मुक्ति पाने का रास्ता है? क्या यह युवाओं की सामाजिक रिश्तों का तिरस्कार करने की प्रवृत्ति है या बिना जीवनसाथी के जीवन जीने का साहसिक फैसला? आइए जानते है क्षमा का सोलोगैमी शादी का फैसला एक साहसिक कदम है या उसकी एक सनक? 

सोलोगैमी क्या है? 
क्षमा का सोलोगैमी शादी का फैसला एक साहसिक कदम है या नहीं यह जानने के लिए पहले हमें सोलोगैमी का मतलब समझना होगा। सोलोगैमी का मतलब है किसी व्यक्ति का खुद से ही शादी कर लेना। सोलोगैमी अपनाने वालों का कहना है कि यह खुद का मूल्य समझने और खुद से प्यार करने की तरफ एक कदम है। ये शादी पूरी तरह पारंपरिक शादी समारोह की तरह ही होती है। फर्क सिर्फ़ इतना ही होता है कि इसमें दो लोग नहीं, एक अकेली लड़की या अकेला लड़का ही शादी करता है। 
भले ही भारत में सोलोगैमी शादी करनेवाली क्षमा बिंदु पहली महिला है, लेकिन पहली बार सोलोगैमी शादी साल 1993 में अमेरिका की लिंडा बारकर ने की थी। इसके बाद अन्य पश्चिमी देशों में भी इसका ट्रेंड बढ़ता गया।

सोलोगैमी पर क्या कहता है भारत का कानून? 
भारत में सोलोगैमी शादी का कोई खास महत्व नहीं है, क्योंकि भारतीय संविधान इसे मान्यता नहीं देता और न ही समाज में इसकी व्यापक स्वीकार्यता है। हिंदू धर्म के अनुसार विवाह के लिए दो व्यक्तियों का होना जरूरी है। मुस्लिम धर्म में शादी एक करारनामा होता है और करार करने के लिए दो व्यक्तियों का होना जरूरी है। मतलब न ही हिंदू और न ही मुस्लिम धर्म के अनुसार सोलोगैमी शादी को वैध माना जा सकता है। 

क्षमा का ये साहसी फैसला है या सिर्फ़ सनक? 
आजकल युवा बदलाव के नाम पर कुछ भी करने तैयार है। लेकिन सिर्फ़ बदलाव ही नहीं, बदलाव की दिशा भी मायने रखती है। खुद से प्यार करने का भाव प्रभावी तो लगता है लेकिन ऐसी सोच को बढ़ावा देने से यकीनन युवाओं में आत्ममुग्धता और दायित्वों से दूर भागने की मानसिकता को बढ़ावा मिलेगा। खुद से प्यार करने के लिए शादी जैसे आडंबर का महिमामंडन करना गैर जरूरी सा लगता है। क्षमा का फैसला एक पब्लिसिटी स्टंट होने की संभावना ज्यादा लगती है क्योंकि कुछ दिनों पहले तक क्षमा को कोई नहीं पहचानता था और आज पूरा देश उसे पहचान रहा है! लेकिन यदि सोचा जाए तो आइडिया उसका...पैसा उसका...फैसला उसका...इसलिए यदि उसके फैसले से किसी को नुकसान नहीं हो रहा है...तो हमें उसके फैसले पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हर कोई फेमस होना चाहता है। उस में गलत क्या है? लेकिन उसके लिए लीक से हटकर निर्णय लेने होते है। हमारे भारतीय समाज में जहां लड़कियों की जिंदगी के फैसले उनके परिवार वाले लेते है, वहां खुद का फैसला लेना...लोगों का विरोध सहन करने के लिए तैयार रहना...उसे सार्वजनिक रूप से जाहीर करने का जो साहस क्षमा ने दिखाया वो काबिले तारीफ़ है। 

भारत में 'विवाह' एक सामाजिक संस्था के रूप में स्वीकृत है और इससे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयाम भी जुडे है। विवाह जहां लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को परिवार और समाज के माध्यम से स्थायित्व प्रदान करता है, वहीं परस्पर समायोजन के आदर्श को भी प्रस्तुत करता है। क्षमा के अनुसार वो शादी नहीं करना चाहती थी लेकिन वो दुल्हन बनना चाहती थी। शादी का खूबसूरत जोड़ा पहनना चाहती थी इसलिए उसने खुद से शादी की। उसकी ये सोच स्त्रियों के स्वावलंबी और सशक्त होती मानसिकता का परिचायक है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि ऐसे एकाकी विवाह का प्रकृति और समाज पर क्या असर होगा? 

अभी तक हुए ऐसे ज्यादातर सोलोगैमी विवाह ज्यादा दिनों तक टिके नहीं है। एक न एक दिन लोग अकेलेपन से ऊबने लगते है। ब्राजिलियन मॉडल क्रिस गैलेरा ने सोलोगैमी को खत्म कर दिया, क्योंकि इसके ठीक 90 दिन बाद उन्हें किसी और से प्रेम हो गया था। 

आत्मनिर्भर होने की दुहाई देते हुए अकेले जीवन बिताने का निर्णय यकीनन साहसी है। लेकिन कुछ वक्त के बाद अकेलापन इंसान को खाने लगता है। इसलिए सभी बातों पर गौर करने के बाद क्षमा का ये फैसला उसकी ये सनक और पब्लिसिटी स्टंट ही साबित होती है। 

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COMMENTS

BLOGGER: 28
  1. आपकी लिखी रचना  ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 15 जून 2022 को साझा की गयी है....
    पाँच लिंकों का आनन्द पर
    आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. मेरी रचना पांच लिंको का आनन्द में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, यशोदा दी।

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  2. आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल बुधवार (15-06-2022) को चर्चा मंच     "तोल-तोलकर बोल"  (चर्चा अंक-4462)     पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार कर चर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'    
    --

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    1. उम्दा चर्चा। मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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  3. सारे पॉइंट्स रखने के बाद ये सोचना बेमानी है कि क्षमा की सोरोगैमी सनक है या कुछ और । लोग आम शादियों के बाद भी प्यार कर बैठते है ,जबकि वो शादी दो व्यक्तियों के बीच होती है । ऐसी शादी में तो अकेले रहते प्यार हो गया तो कम से कम किसी दूसरे की ज़िंदगी तो खराब नहीं हो रही । बस प्रसिद्धि मिलनी थी मिल गयी ....ज़रूरी नहीं कि इस पर ज्यादा विचार किया जाए । वैसे समाज के ढाँचे को तोड़ने का एक प्रयास है । पुरुषों को सोचना चाहिए कि इतना डोमिनेटिंग न बने कि आपके अस्तित्व को ही नकारना शुरू हो जाये ।

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    1. संगीता दी, मैं आपके विचारों से पूरी तरह सहमत हूं कि इस बात पर ज्यादा सोचने की जरूरत ही नही है। लेकिन जब समाज के ढाँचे को तोड़ने का प्रयास होता है तो उस पर विचार करना ही पड़ता है।

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  4. समसामयिक घटना पर विचारणीय तथ्यों पर आधारित सुन्दर पोस्ट ।

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  5. समसामयिक अच्छा आलेख है | क्षमा का कदम प्रशंसनीय तो कतई नहीं लगता | प्रसिद्धि पाने का एक जरिया ही लगता है |

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    1. अनुपमा दी, आज भी कुछ लोग बिना शादी के रह ही रहे है। अपने आप से प्यार कर ही रहे है।

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  6. अभी तो समझ से परे है ये शादी ।आगे वक्त बताएगा । कितनी सफल होती हैंक्षमा ।

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  7. जानकारी भरी अभिव्यक्ति

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  8. समसामयिक घटना पर विचारणीय तथ्यों के साथ बहुत ही बढ़िया लिखा ज्योति बहन।
    सादर

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  9. विवाह करना जबरदस्ती नहीं होनी चाहिये लेकिन भारतीय समाज में ऐसा सोचने वाले कम ही होंगे। मेरे विचार में अगर आप किसी भी कारण से विवाह नहीं करना चाहते तो आप पर परिवार का ज़ोर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिये। अगर क्षमा की सोलोगामी से परिवारों को यह बात समझ में आ जाये तो उनका प्रयास सफल हो गया। परिवारों को न भी समझ में आये, कम से कम लोग इस बात के बारे में कुछ सोचें, वह भी सराहनीय है

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    1. सुनील भाई, यहाँ पर सवाल विवाह करना चाहिए या नहीं इसका नहीं है। ये हर व्यक्ति का व्यक्तिगत फैसला है। सवाल है खुद से विवाह करके उसको महिमामंडित करना चाहिए या नही?

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  10. हमारे भारतीय समाज में जहां लड़कियों की जिंदगी के फैसले उनके परिवार वाले लेते है, वहां खुद का फैसला लेना...लोगों का विरोध सहन करने के लिए तैयार रहना...उसे सार्वजनिक रूप से जाहीर करने का जो साहस क्षमा ने दिखाया वो काबिले तारीफ़ है।
    ये भी सही बात है लेकिन उससे भी सही आपने अंतिम पंक्ति में लिखा है -
    आत्मनिर्भर होने की दुहाई देते हुए अकेले जीवन बिताने का निर्णय यकीनन साहसी है। लेकिन कुछ वक्त के बाद अकेलापन इंसान को खाने लगता है। इसलिए सभी बातों पर गौर करने के बाद क्षमा का ये फैसला उसकी ये सनक और पब्लिसिटी स्टंट ही साबित होती है।

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  11. यदि क्षमा आत्म निर्भर साहसी है तो उसे जीवन यापन में कठिनाई नहीं होनी चाहिए ।

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  12. ज्योति जी, इस विषय पर मैं भी लिखना चाहती थी लेकिन समय आभाव के कारण नहीं लिख सकी। वैसे आपने मेरे मन की बात ही लिखी है सिवाय एक बात की "मेरे समझ से ये कोई साहसिक कदम नहीं है ये खुल्म्म खुला समाज को मुँह चिढ़ाने जैसा है। लड़कियों का ये दिखाना कि-हम इतने स्वालम्बी हो चुके हैं कि -हमें किसी की परवाह नहीं ना घर-परिवार,ना समाज और नहीं भावी पीढ़ी के लिए सोचने की कि मेरा ये कदम उनके लिए बुरा साबित होगा या अच्छा इसकी भी परवाह नहीं इन्हे। आप शादी नहीं करना चाहते ना करों,आप जिम्मेदारियों में नहीं बंधना चाहते ना बंधों,खुद के लिए सोचने का ये अधिकार आपको है लेकिन आने वाली पीढ़ी को गुमराह करने का अधिकार किसी को नहीं है।( आजादी के पहले भी औरतों ने अपने अधिकार के लिए लड़कर मिशाल कायम की है लेकिन गुमराह नहीं किया )पश्चिमी सभ्यता में कोई नियम-कायदा नहीं था लेकिन आज जो उनकी दुर्दशा हो रही है इससे वो भी चेत रहे हैं हमारे देश की युवा पीढ़ी (खासतौर पर 20 वर्ष तक के आयु वाले बच्चे) इस सोशल मिडिया की सनक में किस ओर जा रहे हैं,इनका भविष्य क्या होगा ये सोचकर ही डर लग रहा है। फेमस होने की सनक और सोशल मिडिया के जरिये अनाप-सनाप तरिके और कम मेहनत से पैसे कमाने की ललक इन्हे कहाँ लेकर जायेगी ये परिकल्पना भी बहुत डरावनी है। क्षमा का ये काम सिर्फ और सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट ही है, साहसिक कदम वो होता जब आप समाज की पिछड़ी वर्ग की लड़कियों को खुद के जैसा स्वलम्बी बनाते,उन्हें समाज में सर उठाकर जीना सिखाते,आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिशाल बनते। लेकिन इस कार्य में मेहनत लगती और यहां बैठे बिठाये सिर्फ एक नौटंकी कर के फेमस हो जाना बहुत सरल था। आज उसका ये कदम लड़कियों के भटकाव को बढ़ावा देगी,जो कतई सही नहीं है।ये जो शादी व्याह को मजाक बनाने की शुरुआत हो रही है ये समाज का ढांचा पूरी तरह बिगड़ कर रख देगा। ऐसा मेरा मानना है बाकि "क्षमा"ने तो ये सिद्ध कर ही दिया जिसकी जो मर्जी है सोचो जो मर्जी है करो,कोई फ़िक्र नहीं-कोई पावंदी नहीं।
    इस लेख के लिए आपको बहुत बहुत बधाई,आपने अपने विचार बहुत ही अच्छे और सधे शब्दों में रखा है। सादर नमन आपको

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    1. कामिनी दी, इतनी सारगभीत और सविस्तर टिप्पणी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। आपका ये कथन की क्षमा का ये कदम साहसिक नहीं है से मैं भी सहमत हूं। मैं ने उसके कदम को साहसिक सिर्फ इसलिए कहा कि खुद के फैसले से समाज को अवगत कराने का साहस उसने दिखाया। ये बात अलग है कि उसके उक्त साहसिक कदम से सम्माज का कुछ भी भला नहीं होने वाला है।
      दी, असज भी ज्यादातर महिलाएं अपने अच्छे फैसले से भी समाज को अवगत कराना तो दूर की बात है अपने परिवार को भी नही बता सकती। अपनी इच्छाओं को अपने मन मे ही दफन करना पड़ता है महिलाओं को।

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    2. आपने बिल्कुल सही कहा मैम! साहसिक कदम तो मैरी कॉम, झूलन गोस्वामी, किरण बेदी, आदि महिलाओं ने उठाए जिन्होंने ने अपने साथ बाकि लड़कियों की राहें आसान कर दी! अलग काम भी और देश का नाम भी! आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूँ! ऐसे काम को साहसिक कहना मुर्खता होगी!

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  13. प्रिय ज्योति जी, शायद जो मैं कहना चाहती थी प्रिय सखी कामिनी ने कह दिया।क्षमा ने सोचा होगा कि सोशल मीडिया का युग है,बात दूर तक जाएगी ।सो ताल ठोक दी और घोषणा एक दी खुद से ही शादी की! आखिर और भी गम हैं जमाने में शादी के सिवाय।ममता बैनर्जी,मायावती जैसी साहसी महिलाओं ने राजनीति में अपना वर्चस्व कायम किया तो मुझे नाम याद नहीं आ रहे,बहुत सी बहनों ने समाज के शोषित वर्ग को उठाने के लिए अपना जीवन होम कर दिया।क्षमा भी कुछ इस तरह से प्रसिद्ध हो सकती थी पर ये पुरुष वर्ग को ढेंगा दिखाने से जो प्रसिद्धी रातोरात मिल गई वह कुछ अच्छा काम और मेहनत करने से सालों बाद मिलती ।मैं हैरान हूँ परेशान भी समाज में इस तरह के प्रपंच देखकर।फिर भी आपको आभार कि आपके समसामयिक महत्व के लेख के बहाने सबको अपना मत स्पष्ट करने का अवसर मिला।

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    1. रेणु दी, जीवन मे नज़्म कमाने के लिए एड़ियां घिसनी पड़ती है, बहुत पापड़ बेलने पड़ते है तब कही थोड़ी बहुत पहचान बनती है। क्षमा जैसे युवा नाम के लिए ऐसे शॉर्टकट अपनाते है। आज बहुत दिनों बाद आपको ब्लॉग पर देख कर खुशी हुई।

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  14. आपने हर वो बात इस आलेख में कह डाली जो मेरे मन में उठ रहें थे!बहुत से लोग हैं जो खुद से प्यार करते हैं और अकेले रहते हैं पर खुद से शादी नहीं करते क्योंकि खुद के साथ रहने के लिए किसी बन्धन में बंधने की कोई जरूरत नहीं होती! मैं क्षमा के इस कदम को साहसिक बिल्कुल भी नहीं मानती!आपने बिल्कुल सही कहा ये सिर्फ और सिर्फ पब्लिसिटी पाने की चाह है ! हर कोई पब्लिसिटी पाने के लिए कुछ न कुछ अलग करता रहता है उन्ही में से एक उदाहरण ये है!
    बहुत बेहतरीन आलेख!

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    1. प्रिय मनीषा, सबसे ज्यादा खुशी और गर्व मुझे तुम पर और तुम्हारी प्रतिक्रिया पर हुआ,हम सभी तो पुरानी पीढ़ी के है हमारी सोच और मानसिकता पर प्रश्न चिन्ह लग सकता है लेकिन तुम तो आज की युवा पीढ़ी हो, तुम्हारा भी मत यही है कि" ये ग़लत है" तो ये जानकार थोड़ी राहत मिली कि अभी भी कुछ युवा शक्ति जागृत है, मुझे गर्व है कि तुम्हारे ही जैसी मेरी बेटी की सोच भी है।
      ज्योति जी आप को एक बार फिर से धन्यवाद कि आपने इस विषय पर लिखा और यहां इसकी चर्चा हो पाई 🙏

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    2. सही कहा कामिनी दी। आज के युवा पीढ़ी की सोच बहुत मायने रखती है। मनीषा तो अपनी हर बात बहुत ही बेबाकी से रखती है।

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    3. मनीषा, कामिनी दी ने तुम्हारे बारे में जो कहा उनकी बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं। मुझे भी तुम पर और तुम्हारी प्रतिक्रिया पर गर्व है।

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    4. सच में प्रिय मनीषा, तुम्हारा मत जानकर अच्छा लगा।सच में अपने साथ जीने वाले इन्सान को किसी ढकोसले की जरूरत नहीं ♥️

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  15. बहुत सटीक एवं सामयिक लेख...अपने से प्यार करना तो सबका जन्मसिद्ध अधिकार है इस अधिकार को बंधन बनाना साहस नहीं बेवकूफी है...पब्लिसिटी पाने के इच्छुक लोग कुछ भी कर रहे हैं पब्लिक को इन्हें नजरअंदाज करना चाहिए तभी इन्हें समझ आयेगा की प्रसिद्धि पाने के लिए जी-जान लगती है ।

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'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,10 मिनट रेसिपी,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,1अक्टुबर,1,25 दिसम्बर,1,26 जनवरी,1,5 मिनट रेसिपी,1,5000 रुपए किलों का गुड़,1,8 मार्च,5,अंंधविश्वास,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,2,अंगूर की जेली,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,7,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,2,अंतिम संस्कार,1,अंधविश्वास,22,अंधश्रद्धा,19,अंधश्रध्दा,3,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अग्रसेन जयंती,1,अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं,1,अचार,14,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छी ससुराल,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,3,अजय नागर,1,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनरसा,1,अनास्तासिया लेना,1,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अनोखी शादी,1,अन्न,1,अन्य,36,अन्याय,1,अपमान,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरबी,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अलगाव,1,अवधेश,1,अवार्ड,2,अशोक चक्रधारी,1,असली हीरो,24,अस्पताल,1,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,8,आंवला कैंडी,1,आंवला चटनी,1,आंवला मुरब्बा,1,आंवला 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का आटा,1,गेहूं के आटे की मठरी,1,गैस बर्नर,2,गोभी और चना दाल के बडे,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्डन ग्रेवी प्रीमिक्स,1,गौरी पराशर,1,ग्रीन टी,1,घंटी,1,घरेलू नुस्खे,1,घिया,1,घी,3,घी की नदी,1,घी खाने के फायदे,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,11,चमत्कार,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,2,चाय मसाला,1,चावल,4,चावल के आटे की कुरडई,1,चावल के पापड़,1,चावल के फ्रायम,1,चाशनी,1,चाशनी वाली मावा गुजिया,1,चींटी,1,चींटीया,1,चीज,2,चीनी देवता,1,चीला,5,चुर्ण,1,चूर्ण,6,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,5,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,4,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्मदिन पर धन्यवाद सन्देश,1,जन्माष्टमी,3,जन्माष्टमी रेसिपी,1,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,3,जादुई दिया,1,जाम,1,जास्वंद,1,जिंदगी,2,जिम्नास्टिक,1,जींस,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जेएनयू,1,जेली,1,जैनी शैली,1,जैम,1,जोमैटो,1,जोयिता मंडल,1,जोरु का गुलाम,1,ज्योतिष विद्या,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टमाटर,1,टमाटर केचप,1,टमाटर प्यूरी,1,टमाटर सूप,1,टाइल्स पर के सिलेंडर के दाग,1,टिप्स कॉर्नर,78,टी.व्ही. और 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निरीह जानवर,1,बेबी फार्मिंग,1,बेमेल आहार,1,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बेसन वाली कुरकुरी हरी मिर्च,1,बैंगन,1,बोझ,1,बोर होना,1,ब्रम्हाजी,1,ब्रेकअप,1,ब्रेकिंग न्यूज,1,ब्रेड,7,ब्रेड की रसमलाई,2,ब्रेड के शक्करपारे,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्रेड मलाई रोल,1,ब्रेड सैंडविच ढोकला,1,ब्रेन हेमरेज,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,8,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,5,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,4,भजिए,2,भरता,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भरवां हरी मिर्च का अचार,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भागीरथी अम्मा,1,भाभी,1,भारत,2,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भाविना पटेल,1,भिंडी,3,भिखारी,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भूख,1,भोंदू,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,3,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,5,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संंक्रांति,1,मकर संक्रांति,5,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मजेदार पहेलियाँ,3,मटके पर औंधा लोटा,1,मटर,4,मटर के अप्पे,1,मटर के पकोड़े,1,मटर पनीर,1,मठरी,8,मठ्ठा,1,मथुरा के पेड़े,1,मदर्स डे,6,मदर्स डे का गिफ्ट,1,मम्मी,2,मर्द,1,मलाई,3,मलाई पनीर,1,मलाई फ्रूट सलाद,1,मलाई से घी निकालना,1,मल्ला तामो,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,मस्जिद,1,महात्मा गांधी जी,2,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला दिवस,4,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,7,माँ का दर्द,1,माँ की हिम्मत,1,माउथ फ्रेशनर,1,माता यशोदा,1,माता लक्ष्मी,1,मातृभाषा,1,माफी,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मारवाडी रेसिपी,1,मार्केटिंग स्ट्रेटेजी,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,3,माहवारी,8,मिठाई,46,मिठाई मेट,1,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिलिबग्स,1,मिल्क पाउडर,1,मिल्कमेड,1,मिस इंडिया 2019,1,मीठे चावल,1,मीठे जर्दा चावल,1,मुक्ति,1,मुखवास,1,मुनगा,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुरमुरा,1,मुरमुरा लड्डू,1,मुर्गा,1,मुर्गे की बांग,1,मुलेठी,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंग दाल,2,मूंग दाल चीला,1,मूंग दाल डोसा,1,मूंगदाल और आटे की कुरकुरी मठरी,1,मूंगफली,1,मूंगफली काजू बर्फी,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूंगफली बर्फी,1,मूली,4,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंढक,1,मेंस्ट्रुअल कप,2,मेंहदी,9,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी के पराठे,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा बेटा,1,मेरा मंत्र,3,मेरा श्राद्ध कर,1,मेरा सपना,1,मेरी अग्नि परीक्षा,1,मेरी बात,16,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैदा के मीठे पेठे,1,मैनर्स,1,मोदक,4,मोबाइल,1,मोबाइल की लत,1,याकूब मोहम्मद,1,युरो 2020,1,यू ए ई,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,2,रक्षाबंधन,2,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,5,रवा इडली,1,रवा मठरी,1,रसे वाली अरबी,1,रसोई,202,रसोई गैस,1,रांगोली,3,राखी,5,राखी का अनोखा गिफ्ट,1,राखी स्पेशल मिठाई,1,राज की बात,1,राजगिरा आटा,1,राजगिरा आटा बर्फ़ी,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राजस्व,1,राम,2,राम नाम सत्य है,1,राम मंदिर,1,राम रहीम,1,रामनवमी,1,रामनवमी की शुभकामनाएं,1,राशिफल,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रिफाइंड ऑयल,1,रिफाइंड ऑयल के नुकसान,1,रिफाइंड तेल,1,रिश्ते,1,रीतिरिवाज,2,रुपया-पैसा,1,रूस-युक्रेन युद्ध,1,रेणुका मिश्रा,1,रेन वाटर हार्वेस्टिंग,1,रेवड़ी,1,रेसोल्युशन,1,रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम,1,रेस्टोरेंट स्टाइल सब्जी,3,रैंचो,1,रोटी,5,रोस्टेड मूंगफली,1,लकड़ी की राख,1,लकवा,1,लकी फेस,1,लकी या अनलकी चेहरा,1,लक्खी मेला,1,लघुकथा,29,लच्छेदार मठरी,1,लड्डू,8,लसोड़ा,1,लसोड़े की सब्जी,1,लहसुन,1,लहसुनी पालक,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाफिंग बुद्धा,1,लार,1,लाल मिर्च,1,लाल मिर्च का अचार,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसवा,2,लेसवा का भरवां अचार,1,लेसवा की लौंजी,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉकडाउन,3,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,4,लौकी का भरता,1,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,लौकी की सब्जी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वर्षा जल संग्रहण,1,वर्षा जल संचयन,1,वाटर प्यूरीफायर,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विज्ञापन,2,विदर्भ स्पेशल रेसिपी,1,विधवा,2,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विरुद्ध आहार,1,विवाह,1,विवाह संस्कार,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,विश्व साड़ी दिवस,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेज कटलेट्स,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन गिफ़्ट,1,वैलेंटाइन डे,4,वैलेंटाइन डे शायरी,1,वैश्विक महामारी,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,16,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत के दही भल्ले,1,व्रत रेसिपी,24,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,2,शक्करपारे,2,शनि देव,1,शबनम मौसी,1,शब्द,1,शरबत,8,शराब की दुकान,1,शर्बत,1,शर्म,3,शवयात्रा,1,शहद,1,शहनाज गिल,1,शादी,11,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शावर,1,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,2,शिक्षक दिवस पर शायरी,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शिवलिंग,1,शुद्ध शहद की पहचान,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,4,शुभकामना संदेश,1,शोक संदेश,1,श्रद्धांजलि मैसेज,1,श्रद्धांजलि शायरी,1,श्राद्ध,4,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,3,श्रीराम की बहन,1,श्रेष्ठता,1,संत निक