मदर्स डे: ऐसी ‘हिम्मत’ सिर्फ़ एक ‘माँ’ ही कर सकती है!!

यह मेरी आप बीती है। 'मदर्स डे' पर मेरी मम्मी के 'हिम्मत' की कहानी मैं सभी को बताना चाहती हूं...यदि मेरे मम्मी ने उस वक्त हिम्मत नहीं दिखाई होती तो...

मदर्स डे: ऐसी ‘हिम्मत’ सिर्फ़ एक ‘माँ’ ही कर सकती है!!

यह
मेरी आप बीती है। 'मदर्स डे' (9 मई को है) पर मेरी मम्मी के 'हिम्मत' की कहानी मैं सभी को बताना चाहती हूं...यदि मेरी मम्मी ने उस वक्त हिम्मत नहीं दिखाई होती तो आज मैं अपने पैरों से चल नहीं सकती थी! चलना तो दूर की बात है, शायद मैं जिंदा भी नहीं होती...!! सचमुच ऐसी हिम्मत सिर्फ़ एक माँ ही कर सकती है!!! 

हुआ ये था कि कक्षा छठवी के बाद मई,1977 में गर्मियों की छुट्टियों में जब एक बार सुबह मैं सोकर उठी, तो मेरे दोनों पैरों के घुटनों के उपर का भाग घुटनों के नीचे के भाग से आपस में चिपक गए! घर के हर सदस्य नें मेरे पैरों को खींच कर सीधे करने की कोशिश की लेकिन घुटनों के वहां से पैर इतने चिपक गए थे की वहां एक उंगली भी नहीं जाती थी। एकाध महीने पहले से मेरे पैरों में ज्यादा दर्द हो रहा था। सभी को लगा कि बच्चे दिन भर खेलते रहते है इसलिए दूखते होंगे। लेकिन अचानक पैरों का जुड़ना...किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। पैर जुड़ने के कारण मेरे ख़ड़े रहने का तो सवाल ही नहीं था लेकिन मैं न ढंग से बैठ पा रही थी और न ही सो पा रही थी। कुछ दिन तो मैं हाथों के बल पर घसीट-घसीट कर घर ही घर में यहां वहां चली जाती थी। लेकिन पैरों का काम हाथ कब तक करते? परिणामत: 10-15 दिनों बाद हाथों ने भी जबाब दे दिया था। 

मेरा मायका तेल्हारा जि.आकोला, महाराष्ट्र का है। मुझे आकोला और शेगांव के डॉक्टरों को दिखाया गया। लेकिन उनके मुताबिक उन लोगों ने इस तरह की बीमारी के बारे में कभी सुना ही नहीं था तो वो इलाज कैसे करते? (सिर्फ़ उस वक्त के डॉक्टर ही क्यों आज तक मैं ने भी किसी और को इस तरह की कोई बीमारी हुई हो इस बारे में नहीं सुना। मुझे विश्वास हैं कि आपने भी नहीं सुना होगा। यदि आपने ऐसी बीमारी देखी या सुनी होगी तो मुझे टिप्पणी करके जरुर बताइएगा।) 

मेरे मामाजी ने कहा कि एक बार इसे नागपुर मेडिकल में दिखा देते है। लेकिन मेरी दादी को एक लड़की के उपर इतना पैसा खर्च करना मंजुर नहीं था। खुद एक महिला होने के बावजूद उनकी नजरों में बहू और बेटी की कोई अहमियत नहीं थी। उन्होंने कहा, ''जब शेगांव और आकोला के डॉक्टरों ने जबाब दे दिया है, तो नागपुर में दिखाने की क्या जरूरत है? जाने-आने का खर्चा, डॉक्टरों की फीस, दवाई का खर्चा और अन्य खर्चे...जब इलाज ही नहीं तो एक लड़की के लिए इतना पैसा लगाने की क्या जरूरत है?'' 
मम्मी ने कहा, ''एक बार दिखा कर देखते है शायद कोई इलाज मिल जाए...'' दादी ने कहा, ''मेरे हिसाब से तो नागपुर दिखाने का कोई मतलब ही नहीं है। लेकिन फ़िर भी तुम जिद करके अपनी बेटी को नागपुर दिखाना चाहती हो, तो मेरी एक शर्त है। यदि बेटी ठीक हुई तो ही मैं दोनों माँ-बेटी को घर में घुसने दुंगी! नहीं तो इस घर के दरवाजे दोनों माँ बेटी के लिए हरदम के लिए बंद हो जायेंगे!! अब फैसला तुम्हारा है!!!'' 

हमारा 22-23 लोगों का संयुक्त परिवार था। घर में दादी का बोलबाला था। वो जो बोलती वो पत्थर की लकीर होती थी। घर का कोई भी सदस्य उनकी किसी भी बात को टाल नहीं सकता था। मम्मी भी उनकी हर ज्यादती चुपचाप सहन करती थी। पुरुषों में पापा ही घर में बड़े थे। घर में शांती बनी रहे...कोई ये न कहे कि ये खुद के बीबी और बच्चों की तरफ़ ज्यादा ध्यान देता है ऐसा सोचकर पापा घर में किसी भी बात में हस्तक्षेप नहीं करते थे। दादी माँ की ज्यादतियां इतनी ज्यादा थी कि घर में अनाज के भंडार भरे होने के बावजूद हमें कई बार भुखे पेट सोना पड़ता था! 

ऐसे माहौल में जब दादी माँ ने ये शर्त रखी तो मैं पूरी तरह निराश हो गई थी। मुझे लगा कि अब मेरी जिंदगी खत्म! जब मैं अपने पैरों से चल ही नहीं पाउंगी तो जिंदगी में बचा ही क्या? मैं ने अभी तक मम्मी को दादी माँ की हर बात को शिरोधार्थ करते ही देखा था, चाहे वो बात कितनी भी गलत ही क्यों न हो! दादी माँ ने तो घर में घुसने न देने की धमकी दी थी। नागपुर दिखाने पर भी मैं अच्छी हो ही जाउंगी इसकी ग्यारंटी कोई नहीं दे सकता था। ऐसे में...लेकिन उस वक्त मेरी मम्मी ने मेरे भविष्य का सोचते हुए, यदि मैं अच्छी नहीं हुई तो मम्मी और मैं कहां रहुंगी इस बात की पर्वा न करते हुए नागपुर दिखाने का बहुत ही कठोर फैसला लिया। 

नागपुर मेडिकल में भी डॉक्टरों को मेरी बीमारी समझ में नहीं आई। उन्होंने ने भी ऐसी किसी बीमारी के बारे में देखा-सुना नहीं था। तो इलाज कैसे करते? तब उन्होंने कहा कि हम ऑपरेशन करके भी पैर सीधे नहीं कर सकते। क्योंकि इस तरह की बीमारी के बारे में जानकारी न होने से ऑपरेशन कैसे करें ये ही हमें पता नहीं है! हम ट्रैक्शन दे कर देखते है...लेकिन कम से कम ढाई साल के पहले हम छुट्टी नहीं देंगे। मंजुर हो तो अ‍ॅडमिट करो...मेडिकल में ढाई साल रहना...मम्मी ने कहा कि जब उखल में सर दे ही दिया हैं तो मुसल से क्या डरना? जो होगा देखा जाएगा...आप अ‍ॅड्मिट तो करिए। 

मेरे पलंग के उपर में दो खिराडी (कुएं का पानी निकालने में जो उपयोग में लाई जाती है) पर रेती की थैलियां बांध दी गई। पैर के नीचे के बाजू में भी दो खिराडी पर रेती की थैलियां बांधी गई। और इन चारों खिराड़ी की रस्सियां मेरे पैरों से बांधी गई। अब चारों रेती की थैलियों के वजन से मेरे पैरों की नसे बूरी तरह खिंची जा रही थी। जिससे मुझे असहनीय दर्द होता था। मैं जोर-जोर से राम राम…हरे राम..राम...हे राम...चिलात्ती रहती थी। लेकिन शायद मेरी आवाज राम तक नहीं पहूंच रही हैं ऐसा सोच कर मैं पूरी ताकत से रा...मा...रे.....चिल्लाती थी। पूरे 60-70 पेशंट वाले वार्ड में मेरी अकेली की आवाज चौबिसों घंटे गुंज रही थी। जब दो लोग रेती की थैलियों को थोड़ी देर पकड़ते तब मैं चैन की सास लेती। खाना खाने या पानी पीने के वक्त मम्मी रेती की थैलियों को पकड़ कर रखती तब मैं पानी आदी पी सकती थी।

बड़े डॉक्टर जब राउंड पर आए, पूरे वार्ड के मरीजों से बात की लेकिन मेरे बेड के बाजू से चुपचाप निकलने लगे। मम्मी ने उन्हें मुझे देखने कहा तो गुस्सा हो गए,"इसका कोई दूसरा इलाज नही है। ये चिल्लाती है तो चिल्लाने दो!!" एक भी दिन उन्होंने मुझ से बात नहीं की। डॉक्टर यदि पेशंट से अच्छे से बात करे तो उसकी आधी बीमारी ठीक हो जाती है। लेकिन ये बात इतने बड़े डॉक्टर को पता नहीं थी! खैर, हमारा नसीब।

एक दिन, दो दिन, तीन दिन इस तरह तडपते-तडपते पूरे पाँच-छ: दिन हो गए। पाँच-छ: दिनों में मेरी हालत बहुत ही बिगड़ गई। तड़प-तडप कर मेरी पीठ में बेडसोल हो गए। और भी न जाने क्या क्या बीमारी हो गई...मेरी हालत बहुत ही बिगड़ गई। आठ दिन हो गए लेकिन मेरे पैर थोड़े से भी सीधे नहीं हुए। सभी को लगने लगा कि अब ये बच्ची नहीं बचती!! 

मैं खुद भी पूरी तरह हार गई थी। मैं मम्मी से कहने लगी कि मम्मी मैं पूरी जिंदगी ऐसे ही बिता दुंगी लेकिन मुझे यहां से ले चलो!! आजू-बाजू के पेशंट मम्मी से कहने लगे की तुम्हारे बेटी की कुछ खाने की इच्छा होगी तो इसको खिला दो क्योंकि अब ये बचने वाली नहीं है! 

लेकिन नौवे दिन चमत्कार हो गया। रामजी ने मेरी और मम्मी की सुन ली। मेरे घुटनों के वहां से पैरों में थोड़ी सी दूरी आ गई। वहां पर एक उंगली जाने लगी। इसका मतलब अब मेरे पैर सीधे हो सकते थे। इस तरह अगले आठ दिनों में मेरे पैर पूरी तरह सीधे हो गए। हालांकि अभी उनमें बराबर जान नहीं आई थी। पूरे मेडिकल के लिए मैं एक अजुबा बन गई थी। डॉक्टरों और स्टुडंट्स के जत्थे के जत्थे मुझे देखने आने लगे कि एक दुर्लभ बीमारी कैसे इतनी जल्दी अच्छी हो गई। इस तरह एक महीने के बाद मुझे हॉस्पिटल से छुट्टी भी मिल गई। घर आने पर आठ दिनों बाद दिवार को पकड़ कर मैं चलने लगी। हालांकि अच्छे से चलने में मुझे 5-6 महीने लग गए। 

कल्पना कीजिए कि जो मम्मी घर में अनाज के भंडार भरे होने के बावजूद खुद भूखी रहती थी, जिनकी छोटी-छोटी बच्चियां कई बार भुखी रहने पर भी वो चूप रहती थी...मैं घर में बड़ी हूं यदि मैं ने थोड़ा सा सहन कर लिया तो क्या हुआ, घर में शांति तो बनी रहेगी ऐसा सोचती थी...हर ज्यादती चुपचाप सहन करती थी...अपनी जुबान कभी नहीं खोलती थी... उन्हें जब लगा कि ये मेरी बेटी के पूरे भविष्य का सवाल है, तो बिना किसी भयानक अंजाम की चिंता किए, उन्होंने अपनी बेटी को मतलब मुझे एक नया जीवन दिया। सचमुच ऐसी हिम्मत एक माँ ही कर सकती है!! 

मुझे गर्व है कि मैं उनकी बेटी हूं! वैसे तो हर इंसान अपनी माँ का कर्जदार रहता है लेकिन मैं तो अपनी मम्मी का कर्ज जन्मों-जन्मों तक भी उतार नहीं सकती! 

फिलहाल मेरे मम्मी की तबियत ठीक नहीं चल रही है। मेरे पापा का अगस्त 2019 में निधन हो गया था। जिससे मम्मी अब बहुत अकेली हो गई है। मदर्स डे पर मैं ईश्वर से यहीं प्रार्थना करती हूं कि मेरी मम्मी को थोड़ा सा स्वस्थ्य कर दे! और हे ईश्वर, इतनी कृपा कीजिए कि अगले जन्म में भी वो ही मेरी मम्मी बने और मैं उनके ही कोख से जन्म लूं!!!

डिसक्लेमर-
पीछले 4-5 साल से यह पोस्ट लिखने की मन में थी। पीछले साल तो लिख भी ली थी। लेकिन घर की बात कैसे बताऊँ यह सोच कर पोस्ट प्रकाशित नहीं कर पाई। लेकिन मैं आज अपने पैरों पर खड़ी हूं और चल फिर पा रही हूं, वो सिर्फ और सिर्फ़ मेरे मम्मी की हिम्मत की वजह से! इसलिए मदर्स डे पर मेरे मम्मी की हिम्मत से मैं सभी को रूबरू करवाना चाहती थी।

Keywords: mother's Day, mother, courage, Aap beeti, Memoirs, Maa ki himmat

COMMENTS

BLOGGER: 26
  1. Maa akhir Maa hoti hai Maa ka karj toh 7 janm leker bhi nahi utar sakte bhagwan ne chaha to Mummy jald hi dhik hogi kyoki App jasi beti paker wo apne app ko khush naseeb hi manti hogi

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपके मुंह मे घी शक्कर। बस मम्मी की तबीयत अच्छी रहे...

      हटाएं
  2. माँ, तेरे जज़्बे को, तेरी हिम्मत को सलाम !

    जवाब देंहटाएं
  3. माँ अपने बच्चों के कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार होती है। आपकी माता जी ने भी यही हिम्मत दिखाई। आपने सही कहा कि ऐसी हिम्मत केवल एक माँ ही कर सकती है। उनके जज्बे को सलाम। आशा है वह जल्द ही स्वस्थ होंगी। आभार।

    जवाब देंहटाएं
  4. इतनी दर्दनाक बिमारी !!! माँ के साथ आपने भी बड़ी हिम्मत दिखाई ज्योति जी !
    आप जब चिल्ला रही होंगी तब माँ क्या हाल हुआ होगा ...। जब परिवार के बड़े और मुखिया इस तरह की शर्त रखें तब एक माँ ही इस तरह का रिस्क ले सकती है ...जिसे अपने बच्चे के सामने अपने कल की आज की कोई परवाह नहीं होती..नमन माँ को और आपको...भगवान उन्हें शीघ्र स्वस्थ कर दीर्घायु प्रदान करे।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सुधा दी, उस वक्त मैं सिर्फ ग्यारह साल की थी लेकिन मुझे सब कुछ बहुत ही अच्छे आए याद है। क्योंकि वो वक्त इतना भयावह था कि उसे भूल ही नहीं सकते। जब रेती की थैलियों से नसों में खिंचाव होता था...खैर बचानेवाला ईश्वर है।

      हटाएं
  5. दीदी, दिल दहल गया पढ़कर। आज आपकी शख्सियत को देखकर कौन अनुमान लगा सकता है कि आप बचपन में इतने दर्दनाक हादसे/बीमारी से गुजरी थीं। माँ से मेरा प्रणाम कहिएगा। इस पोस्ट को सबसे साझा करके आपने सबको कठिन समय में हिम्मत ना हारने और अपनों का मनोबल बढ़ाते रहने की प्रेरणा दी है। शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मीना दी, सिर्फ बचपन नहीं मेरा पूरा जीवन ही संघर्षमय रहा है। कभी कुछ तो कभी कुछ...अभी हाल फिलहाल में 16 दिसंबर 2020 को मेरा रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ है। उसका दर्द अभी भी बना हुआ है। खैर,रामजी चाहे मेरी कितनी भी परीक्षा ले मुझे विश्वास है कि एक न एक दिन परीक्षा लेते लेते वे जरूर थक जाएंगे और कहेंगे...जा ज्योति जा...अब तुम्हे कोई बीमारी नहीं देता...जा...जी ले अपनी जिंदगी....

      हटाएं
    2. ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ रखें दीदी। आप हिम्मत मत हारिए।

      हटाएं
    3. मीना दी, हिम्मत से ही दर्द सहने की शक्ति मिल रही है।

      हटाएं
  6. ईश्वर से प्रार्थना है कि वे आपकी माताजी को सदैव स्वस्थ रखें। मेरी मम्मी भी बहुत हिम्मतवाली हैं। हो सका तो लिखूँगी उनके बारे में।

    जवाब देंहटाएं
  7. इस कहानी ने मेरी आंखों की दशा बदल दी। मैं कहानी पढ रहा था और साथ-साथ रो भी रहा था। मेरे पापाजी का भी देहांत मार्च 2019 में हो गया है।
    अब क्या कहूं....बहुत भावुक कर दिया आपने। और मुझे पूरा भरोसा है आपकी माँ पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगी...इतने सुन्दर हृदय को ईश्वर और कितना दुखी करेगा। आप चिंता ना करें...सब ठीक हो जाएगा।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. प्रकाश भाई, मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी दुआओ से मम्मी जरूर ठीक होगी।

      हटाएं
  8. सादर नमस्कार,
    आपकी प्रविष्टि् की चर्चा रविवार ( 09-05-2021) को
    "माँ के आँचल में सदा, होती सुख की छाँव।। "(चर्चा अंक-4060)
    पर होगी। चर्चा में आप सादर आमंत्रित है.धन्यवाद

    "मीना भारद्वाज"

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, मीना दी।

      हटाएं
  9. बहुत सुंदर भावपूर्ण,तथा संघर्षों को चुनौती देती आपके जीवन की यह प्रेरणादायक कहानी पढ़कर भावविभोर हो गई ज्योति जी,अप बड़ी जीवट है,आपको शुभकामना सहित सादर नमन ।

    जवाब देंहटाएं
  10. बहुत बहुत सुन्दर लेख ।प्रेरित करने वाला ।

    जवाब देंहटाएं
  11. ओह ! मर्मस्पर्शी ज्योति बहन ।
    आप ठीक हो गये ये एक माँ का विश्वास और हौसला जीता था।
    प्रभु माँ को सस्वस्थ लम्बी उम्र दें ।
    आँखे भर आई आपकी आप बीती पर ।

    जवाब देंहटाएं
  12. बहुत सार्थक प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  13. मातृ दिवस पर बहुत सार्थक प्रस्तुति, आपकी माँ व आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनायें

    जवाब देंहटाएं
  14. बहुत ही दर्दनाक और संघर्षमयी पर प्रेरणादायक आपबीती ! माँ को सादर प्रणाम

    जवाब देंहटाएं
  15. सच में चमत्कारिक जीवनानुभूति । माँ को नमन ।

    जवाब देंहटाएं
  16. प्रेरक और भावनापूर्ण प्रस्तुति, बहुत सुंदर

    जवाब देंहटाएं
  17. यह सब आपकी माँ की प्रार्थनाओं का चमत्कार था जो आप पूर्णतः स्वस्थ हो गईं। बहुत हिम्मत वाली है आपकी माँ और आप भी ज्योति जी।माँ को नमन ‌

    जवाब देंहटाएं
  18. "मुझे गर्व है कि मैं उनकी बेटी हूं! वैसे तो हर इंसान अपनी माँ का कर्जदार रहता है लेकिन मैं तो अपनी मम्मी का कर्ज जन्मों-जन्मों तक भी उतार नहीं सकती! "
    आपने ठीक कहा कि-माँ का कर्ज नहीं चुकाया जा सकता और ऐसी माँ का कर्ज तो आप कई जन्मो तक नहीं चूका सकती। आपकी सहन शक्ति और हौसला तथा माँ के हिम्मत और सब्र को सत-सत नमन।
    यदि आप ये कहानी हम सब से साझा नहीं करती तो उस देवी जैसी माँ की हिम्मत के साथ अन्याय होता और हम सभी मायें भी इस प्रेरणा से अछूती रह जाती। इस मर्मान्तक आपबीती को साझा करने के लिए हृदयतल से आभार ज्योति जी,इसे पढ़ते-पढ़ते दर्द अपने भीतर महसूस हो रहा था और रोंगटे खड़े हो रहे थे। वो दौड़ सचमुच बहुत खराब था जब एक हुक्मरान के कारण कई आत्मा पड़ताड़ित हो रही थी। तभी तो कहते हैं कि -औरत ही औरत की पहली दुश्मन है और पुरुष तो मौन धारण किये एक सहायक भर है। आपकी माँ जैसी हिम्मत उस दौर में लाखों में एक औरत में होती थी। इसलिए भी आपकी माँ पूजनीय है ,आप दोनों को मेरा सादर नमन

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. कामिनी दी, कहते है न कि घर की बात बाहर नही जाना चाहिए। यही सोच कर प्रकाशित करने की हिम्मत नही हो रही थी। मेरे अपने कई रिश्तदारों और परिचितों को भी यह पता नही था। जो उम्रदराज लोग है उन्हें भी सिर्फ यही पता था कि मेरे पैर जूड़े थे। बाकी माँ की हिम्मत के बारे में पता नही था। इसलिए मैं बताना चाहती थी।

      हटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,10 मिनट रेसिपी,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,1अक्टुबर,1,25 दिसम्बर,1,26 जनवरी,1,5 मिनट रेसिपी,1,5000 रुपए किलों का गुड़,1,8 मार्च,5,अंंधविश्वास,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,2,अंगूर की जेली,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,7,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,2,अंतिम संस्कार,1,अंधविश्वास,22,अंधश्रद्धा,19,अंधश्रध्दा,3,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अग्रसेन जयंती,1,अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं,1,अचार,14,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छी ससुराल,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,3,अजय नागर,1,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनरसा,1,अनास्तासिया लेना,1,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अनोखी शादी,1,अन्न,1,अन्य,36,अन्याय,1,अपमान,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरबी,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अलगाव,1,अवधेश,1,अवार्ड,2,अशोक चक्रधारी,1,असली हीरो,24,अस्पताल,1,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,8,आंवला कैंडी,1,आंवला चटनी,1,आंवला मुरब्बा,1,आंवला लौंजी,1,आंवले का अचार,1,आंवले का शरबत,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आठवी सालगिरह,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,6,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आप बीती,1,आम,11,आम का अचार,1,आम का जैम,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आयशा खान,1,आयशा सुसाइड साबरमती,1,आरओ,1,आरक्षण,3,आरती मोर्य,1,आलिया भट्ट,1,आलू,8,आलू की पापडी,1,आलू की मठरी,1,आलू की सब्जी,1,आलू के लच्छेदार पकोड़े,1,आलू को स्टोर करना,1,आलू पापड़,1,आलू पोहा अप्पे,1,आलू प्याज के स्टफ्ड पकोड़े,1,आलू मसाला पूरी,1,आलू साबूदाना पापड़,1,आलू सूजी के कुरकुरे फिंगर,1,इंसान,2,इंसानियत का पाठ,1,इंस्टंट डोसा,2,इंस्टंट पनीर मखनी,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कलाकंद बर्फी,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इंस्टेंट नूडल्स,1,इंस्टेंट मिठाई,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,2,इरोम शर्मिला,1,इलायची,1,इलायची पाउडर,1,ईद,1,ईश्वर,7,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,ईसा मसीह,1,उटी,1,उपमा,3,उपवास,1,उपवास का हांडवो,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,उम्र,1,उम्र का लिहाज,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,एल पी जी गैस,1,एल्युमिनियम फॉयल पेपर,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऐस्टरॉइड,1,ऑनलाइन,1,ओट्स,1,ओट्स वेजिटेबल ढोकला,1,ओरियो स्वीट रोल,1,ओरैया,1,और इज्जत बच गई,1,औरंगाबाद हादसा,1,कंघा,1,कंडेंस्ड मिल्क,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चा केला,1,कच्चे आम,2,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कच्चे आम की चाटवाली चटनी,1,कछुआ,1,कटलेट्स,2,कढ़ी,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,4,कन्यामान,1,कबीर सिंह मूवी,1,कम तेल की रेसिपी,2,कमाई,1,कमाने वाली बहू,1,करवा चौथ,2,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,6,कर्नाटक हिजाब विवाद,1,कल्पना सरोज,1,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,39,कांजी,1,कांजी वड़ा,1,काजू,1,काजू करी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,23,किचन सिंक,1,किटी पार्टी,1,किन्नर,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,किसान,1,किसान आंदोलन,1,कुंडली मिलान,1,कुंबाकोणाम,1,कुंभ मेला,1,कुरकुरी भिंडी,1,कुरकुरे,1,कुरकुरे भिंडी बाइट्स,1,कुरडई,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,कृषि विधेयक 2020,1,केईएम् अस्पताल,1,केचप,1,कैंडी,1,कैरी मिनाती,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कोंडागांव,1,कोको कोला,1,कोरोना,4,कोरोना टिप्स,1,कोरोना वरीयर्स,2,कोरोना वायरस,8,कोरोना वैक्सीन,1,कोल्ड ड्रिंक,2,कोविड-19,2,कोवीड-19,2,कौए,1,क्रिसमस डे,3,क्रिसमस डे की शुभकामनाएं,1,क्रिस्टियानो रोनाल्डो,1,क्रिस्पी डोसा बनाने के सिक्रेट्स,1,क्षमा,2,क्षमा बिंदु,1,खजूर,3,खजूर इमली चटनी,1,खड़े होकर पानी पीना,1,खत,6,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाटू फाल्गुन मेला,1,खाटू श्याम जी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खाली पेट चाय,1,खीर,1,खुले में शौच,1,खुशी,3,खोया,2,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी,4,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गन्ने का रस,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गांधी जयंती,1,गाजर,5,गाजर अप्पे,1,गाजर के पैनकेक,1,गाजर मूली का अचार,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गाली,1,गिफ्ट,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुजिया,1,गुड़,1,गुड टच और बैड टच,2,गुड मॉर्निंग संदेश,1,गुड़हल,1,गुनगुना पानी,1,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुलाब जामुन,1,गुलाम कौन?,1,गुस्सा,1,गूगल ट्रेंड्स,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं,1,गेहूं का आटा,1,गेहूं के आटे की मठरी,1,गैस बर्नर,2,गोभी और चना दाल के बडे,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्डन ग्रेवी प्रीमिक्स,1,गौरी पराशर,1,ग्रीन टी,1,घंटी,1,घरेलू नुस्खे,1,घिया,1,घी,3,घी की नदी,1,घी खाने के फायदे,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,11,चमत्कार,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,2,चाय मसाला,1,चावल,4,चावल के आटे की कुरडई,1,चावल के पापड़,1,चावल के फ्रायम,1,चाशनी,1,चाशनी वाली मावा गुजिया,1,चींटी,1,चींटीया,1,चीज,2,चीनी देवता,1,चीला,5,चुर्ण,1,चूर्ण,6,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,5,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,4,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्मदिन पर धन्यवाद सन्देश,1,जन्माष्टमी,3,जन्माष्टमी रेसिपी,1,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,3,जादुई दिया,1,जाम,1,जास्वंद,1,जिंदगी,2,जिम्नास्टिक,1,जींस,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जेएनयू,1,जेली,1,जैनी शैली,1,जैम,1,जोमैटो,1,जोयिता मंडल,1,जोरु का गुलाम,1,ज्योतिष विद्या,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टमाटर,1,टमाटर केचप,1,टमाटर प्यूरी,1,टमाटर सूप,1,टाइल्स पर के सिलेंडर के दाग,1,टिप्स कॉर्नर,78,टी.व्ही. और सिनेमा,1,टेबल टेनिस,1,टॉयलेट सीट,1,टोक्यो ओलंपिक,2,टोक्यो पैरालंपिक,1,टोमैटो केचप,1,ठंडा पानी,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,2,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,3,डॉटर्स डे विशेस,1,डॉटर्स डे शायरी,1,डोनाल्ड ट्रम्प,1,डोसा,2,ड्राई फ्रूट,2,ड्राई फ्रूट मोदक,1,ड्राई फ्रूट्स लड्डू,1,ड्रेगन,1,ढाबा स्टाइल सब्जी,2,ढाबे वाली दम अरबी,1,ढोकला,2,ढोकले,1,तगार,1,तरबूज,3,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तरबूज खरीदने के टिप्स,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,5,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,2,तिल गुड़ की रेवड़ी,1,तिल पपड़ी,1,तीज,1,तुलसी,1,तेजतर्रार बहू,1,तेल,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थ्री इडियट्स,1,दक्षिणा,1,दर्द,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,7,दही और लहसुन की चटनी,1,दही मसाला भिंडी,1,दही वाली लौकी की सब्जी,1,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,2,दादा-दादी,1,दान,1,दाल,1,दाले,2,दासी,1,दिपावली,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,2,दिवाली मिठाई,2,दिवाली रेसिपी,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुःख,1,दुध पावडर,1,दुबई,1,दुबई यात्रा,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,4,दूध गुलकंद मोदक,1,देश सेवा,1,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,दोस्ती,1,दोहता,1,धनिया,1,धन्यवाद संदेश,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,51,नई जनरेशन,2,नक्सली,1,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नया साल,1,नरेद्र मोदी स्टेडियम,1,नवरात्र,2,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,11,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नाग पंचमी,1,नागरिकता संशोधन कानून,1,नानी,2,नाम,1,नारियल,2,नारियल की जटा,1,नारियल छिलने का तरीका,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,70,नारी अत्याचार,20,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निक वुजीकीक,1,निचली जाती,1,निमकी,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,2,नींबू का रस,1,नींबू का शरबत,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,नेहा सांगवान,1,नॉन स्टिक तवा,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यू इयर रेसोल्युशन,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,4,पकोड़े,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति की मौत,1,पति-पत्नी,1,पति-पत्नी संबंध,1,पत्ता गोभी,3,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पनीर,4,पनीर बटर मसाला,1,पनीर मोदक,1,पपीता,1,परंपरा,3,परफ्यूम,1,परवरिश,11,पराठा,1,पराठे,2,परीक्षा,2,परेशानी,1,पर्स,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पांच मिनट रेसिपी,1,पान,1,पान का शरबत,1,पान गुलकंद मोदक,1,पान शेक,1,पानी,2,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,10,पायलट मोनिका खन्ना,1,पालक,5,पालक के नमक पारे,1,पालक चीला,1,पालक बडी,2,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पीरियड,1,पीरियड पॉलिसी,1,पीरियड्स,4,पीरियड्स डिले टेबलेट्स,1,पीवी सिंधु,1,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पुष्कर,1,पूडी,2,पूरी,1,पूरी या पराठे,2,पेठे,1,पेड-पौधे,2,पेड़े,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैदाइशी गरीब नहीं हूँ,1,पैनकेक,2,पैर हिलाना,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,3,पोहे का चिवड़ा,1,पोहे के कुरकुरे,1,पौधे,1,प्याज,5,प्याज की चटनी,1,प्याज के क्रिस्पी पकोड़े,1,प्यार,5,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रवासी मजदूर,2,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्रियंका रेड्डी,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,प्रीमिक्स,4,प्रेम,1,प्लास्टिक कंटेनर,1,प्लास्टिक ढक्कन,1,प्लास्टिक बाल्टी कैसे साफ़ करे,1,फ़टी एड़िया,1,फर्रुखाबाद,1,फल,2,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फलाहारी दही वडे,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,3,फिंगर,1,फूल,1,फूल गोभी के परांठे,1,फ़ेंगशुई,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रायम,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,फ्लश,1,बंटवारे की अनोखी शर्त,1,बंद सिंक,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,12,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,2,बच्चों के प्रोजेक्ट,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,2,बदला,1,बदलाव,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बराबरी,1,बर्फ़,1,बर्फी,5,बर्फ़ी,1,बर्बरीक,1,बलात्कार,11,बसंत पंचमी,1,बसंत पंचमी की शुभकामनाए,1,बहन की रक्षा,1,बहू,7,बहू जैसा प्यार,1,बागवानी,2,बाजरा,1,बाजरे की मीठी मठरी,1,बाल दिवस,1,बाल धोना,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिकिनी,1,बिना गैस रेसिपी,4,बिना चाशनी की मिठाई,3,बिना प्याज लहसुन की रेसिपी,7,बिमारियों की असली वजह,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बीएस येदियुरप्पा,1,बुढ़ापा,1,बुर्ज अल-अरब,1,बुर्ज खलीफा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बूरा,1,बेटा,2,बेटा पढाओ,1,बेटी,8,बेटी बचाओ अभियान,2,बेटे का फ़र्ज,1,बेबस और निरीह जानवर,1,बेबी फार्मिंग,1,बेमेल आहार,1,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बेसन वाली कुरकुरी हरी मिर्च,1,बैंगन,1,बोझ,1,बोर होना,1,ब्रम्हाजी,1,ब्रेकअप,1,ब्रेकिंग न्यूज,1,ब्रेड,7,ब्रेड की रसमलाई,2,ब्रेड के शक्करपारे,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्रेड मलाई रोल,1,ब्रेड सैंडविच ढोकला,1,ब्रेन हेमरेज,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,8,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,5,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,4,भजिए,2,भरता,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भरवां हरी मिर्च का अचार,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भागीरथी अम्मा,1,भाभी,1,भारत,2,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भाविना पटेल,1,भिंडी,3,भिखारी,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भूख,1,भोंदू,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,3,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,5,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संंक्रांति,1,मकर संक्रांति,5,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मजेदार पहेलियाँ,3,मटके पर औंधा लोटा,1,मटर,4,मटर के अप्पे,1,मटर के पकोड़े,1,मटर पनीर,1,मठरी,7,मठ्ठा,1,मथुरा के पेड़े,1,मदर्स डे,6,मदर्स डे का गिफ्ट,1,मम्मी,2,मर्द,1,मलाई,3,मलाई पनीर,1,मलाई फ्रूट सलाद,1,मलाई से घी निकालना,1,मल्ला तामो,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,मस्जिद,1,महात्मा गांधी जी,2,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला दिवस,4,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,7,माँ का दर्द,1,माँ की हिम्मत,1,माउथ फ्रेशनर,1,माता यशोदा,1,माता लक्ष्मी,1,मातृभाषा,1,माफी,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मारवाडी रेसिपी,1,मार्केटिंग स्ट्रेटेजी,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,3,माहवारी,8,मिठाई,46,मिठाई मेट,1,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिलिबग्स,1,मिल्क पाउडर,1,मिल्कमेड,1,मिस इंडिया 2019,1,मीठे चावल,1,मीठे जर्दा चावल,1,मुक्ति,1,मुखवास,1,मुनगा,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुरमुरा,1,मुरमुरा लड्डू,1,मुर्गा,1,मुर्गे की बांग,1,मुलेठी,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंग दाल,2,मूंग दाल चीला,1,मूंग दाल डोसा,1,मूंगदाल और आटे की कुरकुरी मठरी,1,मूंगफली,1,मूंगफली काजू बर्फी,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूंगफली बर्फी,1,मूली,4,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंढक,1,मेंस्ट्रुअल कप,2,मेंहदी,9,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी के पराठे,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा बेटा,1,मेरा मंत्र,3,मेरा श्राद्ध कर,1,मेरा सपना,1,मेरी अग्नि परीक्षा,1,मेरी बात,16,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैदा के मीठे पेठे,1,मैनर्स,1,मोदक,4,मोबाइल,1,मोबाइल की लत,1,याकूब मोहम्मद,1,युरो 2020,1,यू ए ई,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,2,रक्षाबंधन,2,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,5,रवा इडली,1,रवा मठरी,1,रसे वाली अरबी,1,रसोई,201,रसोई गैस,1,रांगोली,3,राखी,5,राखी का अनोखा गिफ्ट,1,राखी स्पेशल मिठाई,1,राज की बात,1,राजगिरा आटा,1,राजगिरा आटा बर्फ़ी,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राजस्व,1,राम,2,राम नाम सत्य है,1,राम मंदिर,1,राम रहीम,1,रामनवमी,1,रामनवमी की शुभकामनाएं,1,राशिफल,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रिफाइंड ऑयल,1,रिफाइंड ऑयल के नुकसान,1,रिफाइंड तेल,1,रिश्ते,1,रीतिरिवाज,2,रुपया-पैसा,1,रूस-युक्रेन युद्ध,1,रेणुका मिश्रा,1,रेन वाटर हार्वेस्टिंग,1,रेवड़ी,1,रेसोल्युशन,1,रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम,1,रेस्टोरेंट स्टाइल सब्जी,3,रैंचो,1,रोटी,5,रोस्टेड मूंगफली,1,लकड़ी की राख,1,लकवा,1,लकी फेस,1,लकी या अनलकी चेहरा,1,लक्खी मेला,1,लघुकथा,29,लच्छेदार मठरी,1,लड्डू,8,लसोड़ा,1,लसोड़े की सब्जी,1,लहसुन,1,लहसुनी पालक,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाफिंग बुद्धा,1,लार,1,लाल मिर्च,1,लाल मिर्च का अचार,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसवा,2,लेसवा का भरवां अचार,1,लेसवा की लौंजी,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉकडाउन,3,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,4,लौकी का भरता,1,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,लौकी की सब्जी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वर्षा जल संग्रहण,1,वर्षा जल संचयन,1,वाटर प्यूरीफायर,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विज्ञापन,2,विदर्भ स्पेशल रेसिपी,1,विधवा,2,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विरुद्ध आहार,1,विवाह,1,विवाह संस्कार,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,विश्व साड़ी दिवस,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेज कटलेट्स,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन गिफ़्ट,1,वैलेंटाइन डे,4,वैलेंटाइन डे शायरी,1,वैश्विक महामारी,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,16,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत के दही भल्ले,1,व्रत रेसिपी,24,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,2,शक्करपारे,2,शनि देव,1,शबनम मौसी,1,शब्द,1,शरबत,8,शराब की दुकान,1,शर्बत,1,शर्म,3,शवयात्रा,1,शहद,1,शहनाज गिल,1,शादी,11,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शावर,1,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,2,शिक्षक दिवस पर शायरी,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शिवलिंग,1,शुद्ध शहद की पहचान,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,4,शुभकामना संदेश,1,शोक संदेश,1,श्रद्धांजलि मैसेज,1,श्रद्धांजलि शायरी,1,श्राद्ध,4,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,3,श्रीराम की बहन,1,श्रेष्ठता,1,संत निकोलस,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,10,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सजा मुझे क्यों,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,2,सफलता,1,सफेद कीड़े,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,25,समय,2,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,3,समोसा,1,सर के बाल,2,सरोगेट मदर,1,सलाद,2,ससुराल,4,सस्ते कपड़े,1,सहजन,1,सहजन/मुनगा की कढ़ी,1,सहशिक्षा,1,सांता क्लॉज,2,सांप,1,सांभर वडी,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,3,साक्षात्कार,5,सागर में ज्वार,1,साड़ी,1,सात फेरे,1,सातवीं सालगिरह,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,3,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबुन,1,साबूदाना,3,साबूदाना खिचड़ी,1,साबूदाना वड़ा,1,सामाजिक,110,सामाजिक कार्यकर्ता,1,साल गिरह,1,सालगिरह,7,सावन,2,सास,4,साहित्य,134,सिंगल पैरेंट,1,सिं