सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन ???

हमारी यही धारणा रहती है कि जो व्यक्ति कम से कम ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हो वह पढ़ा-लिख़ा होता है। परंतु हाल ही में हुई दो-तीन घटनाओं ने मुझे यह सोचने पर विवश कर दिया कि सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन है?

सामान्यत: हमारी यही धारणा रहती है कि जो व्यक्ति कम से कम ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हो वह पढ़ा-लिख़ा होता है। परंतु हाल ही में हुई दो-तीन घटनाओं ने मुझे यह सोचने पर विवश कर दिया कि सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन है? मुझे लगता है कि “डिग्री” पढ़ा-लिख़ा होने का एकमात्र आधार नहीं है। कोई व्यक्ति अपने कार्य को कितनी खुबसुरती से अंजाम देता है, उसकी कार्यकुशलता ही सही मायने में उसके पढ़ा-लिख़ा होने का सबूत बन जाती है।

घटना-1
मेरी कामवाली बाई 7-8 घरों में बर्तन-कपड़े धोने का काम करती है। मेरे यहां कपड़े धोने की साबुन जब भी खत्म हो जाती है, वो घर में घुसते से ही साबुन बराबर मांग लेती है ताकि कपड़े धोने बाथरुम तक जाने पर साबून मांगने के लिए वापस न आना पड़े। मैं कई बार अचंभित हो जाती हूं कि वो इतने घरों में काम करती है, तो इतने सारें घरों का और साथ ही में खुद के घर का भी...कौन सा सामान खत्म हो गया है, ये सब बातें कैसे याद रख पाती है? उसने 1000 रुपए में सेकंड हॅंड मोबाईल खरिदा था। दुकानदार से ही उसमें हिंदी भाषा का फ़ॉन्ट डलवा लिया और वो खुद ही नंबर आदि सेव करती है। सिर्फ चौथी पास कामवाली बाई को नंबर सेव करते देखकर मैं अचंभीत रह जाती हूं।

दूसरी तरफ, मेरी एक परिचिता पोस्ट ग्रेजुएट है। मैने कई बार नोट किया कि उसके घर का रोजमर्रा का सामान खत्म हो जाता है और उसे सामान खरीद कर लाने की याद ही नहीं रहती। जब उसकी कामवाली बाई साबून मांगती है, तब उसे ही बाजार भेजकर वो साबून बुलवाती है! उस के पास 25000 रुपए का मोबाईल है। लेकिन वो इस फोन का उपयोग सिर्फ कॉल लगाने और रिसीव करने ही करती है। रिश्तेदारों के नंबर भी उसके पतिदेव या उसके बच्चे मोबाइल में फिड करके देते है। मैने उससे पुछा कि आप क्यों नहीं सीखती मोबाईल के बारें में? तो वो कहती है, अब क्या करना है सीख कर, आधी जिंदगी तो बीत गई!!

ऐसे में मैं सोचने पर विवश हो जाती हूं कि पढ़ी-लिख़ी कौन है कामवाली बाई या मेरी यह परिचिता?

घटना-2
मैं किराणा दुकान पर गई। मैने सिर्फ तीन चिजेंं खरिदी। उन तीन चिजों के पैसों का हिसाब भी दुकानदार ने कैलकुलेटर की सहायता से किया। जबकी दुकानदार पढ़ा-लिख़ा, पोस्ट ग्रॅजुएट था और तिनों सामान एक-एक किलों ही लिया गया था। कहने का तात्पर्य यह है कि यदि तिनों सामान में कोई आधा किलों तो कोई एक पाव लिया गया होता तो हिसाब लगाने में दिक्कत आ सकती थी। लेकिन सरल सा हिसाब भी पोस्ट ग्रॅजुएट दुकानदार ने कैलकुलेटर की सहायता से किया। जबकी मैं देखती हुं कि मेरी सब्जीवाली सात-आठ सब्जियों के दाम का हिसाब मुंहजबानी करती है! जबकि सभी सब्जियां अलग-अलग मात्रा में ली हुई होती है। कोई एक किलों, कोई एक पाव तो कोई आधा पाव (हरी मिर्च आदि) भी! डॉक्टर, इंजिनियर भी सब्जिवाली से ही पुछते है कि कितने पैसे हुए? ऐसे में मन में सवाल पैदा होता है कि पढ़ा-लिख़ा कौन है? हम तथाकथित पढ़े-लिखें लोग या एक अनपढ़ सब्जिवाली बाई?

ये तो हुई हिसाब-किताब रखने की बातें। लेकिन कभी-कभी ऐसा प्रतित होता है कि खाने-पीने के मामले में भी ये अनपढ़ लोग हम पढ़े-लिख़े लोगों से ज्यादा समझदार साबित होते है। चाहे ज्यादा पैसा न होने के चलते ही सही, ये बाजार से ताजा सब्जियां खरिदकर खाते है। और हम फ़्रिज में रखकर दो-तीन दिन की बासी हुई, केमिकलयुक्त सब्जियां खाते है। ये लोग ज्यादातर घर का बना हुआ शुद्ध खाना खाते है और हम होटलों का मसालेदार एवं शुद्धता की किसी भी प्रकार की कोई ग्यारंटी न रहनेवाला भोजन कई बार करते है। ऐसे में मन में सवाल पैदा होता है कि पढ़ा-लिख़ा कौन है?

कुरीतियों का पोषण अज्ञान करता है। परंतु भारत की दोषपुर्ण शिक्षा प्रणाली के कारण पढ़े-लिख़े लोग अनपढ़ों से अधिक अंधविश्वासी है। सारे भ्रष्टाचार की जड़ में भी पढ़े-लिख़ें लोग शामिल है। अनपढ़ बेचारा क्या भ्रष्ट होगा?

इन सभी बातों पर गौर करने पर मुझे ऐसा लगता है कि सिर्फ पढ़ा-लिख़ा होने से कुछ नहीं होता! हमें अपने काम पर ध्यान देने की, अपना हर कार्य मन लगाकर करने की जरुरत होती है। तभी हम सही मायने में पढ़े-लिख़ें कहलाएंगे!!

Keywords: Education, educated people, which people are literate? literate and illiterate

COMMENTS

BLOGGER: 20
  1. समझ हर डिग्री से बड़ी होती है !! बढ़िया लिखा

    उत्तर देंहटाएं
  2. Bahut sahi likha hai aapne! Adhiktar pade likhe log ese hi hote hain jese aapne bataya.....mere hisab se jyada padha likha hona samajhdari ki nishani nahi hai....samajhdari kisi me bhi ho sakti hai......

    उत्तर देंहटाएं
  3. बिलकुल ठीक कहा है आदरणीया ज्योति जी आपने ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही अच्छा लगा.अक्सर कुछ अनपढ़ लोग हम पढ़े-लिख़े लोगों से ज्यादा समझदार साबित होते है क्योंकि उनके पास हमसे ज्यादा व्यवहारिक समझदारी होती है.

    http://www.hindisuccess.com/

    http://www.edutoday.in/

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति मौलाना अबुल कलाम आजाद और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। सादर ... अभिनन्दन।।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ही सूक्ष्म विशलेषण किया है आपने | बधाई | जीवन का पाठ खाली केवल degree लेने से नहीं प्राप्त होता है | हम में सीखने की लगन होनी चाहिए और जो सीखा है उसे apply करना आना चाहिए |

    उत्तर देंहटाएं
  7. आप के लेख से तो लगता है कि कामवाली बाई ही हमसे ज्यादा पढी लिखी है। सुंदर लेख।

    उत्तर देंहटाएं
  8. this is the problem of our present education system, your observation is really very good and presented it very logically and analytically.

    उत्तर देंहटाएं
  9. सारगर्भित पोस्ट, विचारणीय आलेख.
    कबीर दास जी भी कह गए _

    पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय
    ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय ||

    उत्तर देंहटाएं
  10. AAP ki baton men bahut dam hai.Shishtta mein bhi kai anpadh padhe likhon se behtar hote hain.

    उत्तर देंहटाएं
  11. Very well said, Jyotiji. True education doesn't reside in big, long list of degrees...

    उत्तर देंहटाएं
  12. padhna badi baat nhi hai use asal jindgi me laagu krna hi padhayi ka asli maksad hota hai wasie to lakho log padhe hai lekin kuch log hi apna carreer sahi bna paate hai isi fark ko aap sabhi smjh skte hai ,,,,,,,,, anyway padhlikhar bhi kya fayda jb log logo ka respect hi n kre to aisi padhayi bhi bekar hai Madam Ji

    उत्तर देंहटाएं
  13. You are right Jyoti Ji sirf Degree hi Insan ko padha likha sabit krne ke liye kafi nahi hai blki Insan padha likha sabit hota hai apne kaam karne ke tareeke se, apni karykushalta se, apne guno se...

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ..... very nice ... Thanks for sharing this!! :) :)

    उत्तर देंहटाएं
  15. very nice ... Thanks for sharing this | Mam Can you Check my Hindi blog Plz www.pcbox.in

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत सही कहा ज्योति जी। .....शिक्षा सिर्फ किताबों से नहीं असल जीवन जीने से भी आती है , अक्सर पढ़े लिखे लोग किताबी कीड़ा बन कर रह जाते हैं और यथार्थ से अपरिचित रह जाते हैं

    उत्तर देंहटाएं
  17. सही बात है तभी कहा गया है कि सीख के सयाना औऱ पढके पंडित

    उत्तर देंहटाएं
  18. सुंदर लेख के लिए बहुत बहुत बधाई प्रिय ज्योति।

    उत्तर देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,10,अंधश्रद्धा,8,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,23,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,3,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,1,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,1,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,3,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,15,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,13,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,4,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,1,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,28,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दवा,1,दही,5,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,2,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,26,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,1,नवरात्री रेसिपी,5,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,46,नारी अत्याचार,10,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,5,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,1,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,1,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,7,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,8,बहू,2,बाजरा,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बुढ़ापा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेसन,2,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,18,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,3,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,6,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,98,रांगोली,3,राखी,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रोटी,2,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,10,लड्डू,2,लहसुन,1,लाइटर,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,2,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वारी के हनुमान,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन डे,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,2,व्रत रेसिपी,15,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,1,शकरकंद की जलेबी,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शब्द,1,शरबत,4,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,5,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,5,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,5,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,2,साक्षात्कार,3,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,64,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,2,साहित्य,79,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,32,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,10,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,23,हैंडल,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन ???
सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन ???
हमारी यही धारणा रहती है कि जो व्यक्ति कम से कम ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हो वह पढ़ा-लिख़ा होता है। परंतु हाल ही में हुई दो-तीन घटनाओं ने मुझे यह सोचने पर विवश कर दिया कि सहीं मायने में पढ़ा-लिख़ा कौन है?
https://1.bp.blogspot.com/-_LPZyvUb4LM/WCVcKZp5IbI/AAAAAAAACFk/4CttxqPw7PYqDUte5Soxu5r1JcI5FpqDQCLcB/s400/padha%2Blikha%2Bkaun_Fotor_Fotor.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-_LPZyvUb4LM/WCVcKZp5IbI/AAAAAAAACFk/4CttxqPw7PYqDUte5Soxu5r1JcI5FpqDQCLcB/s72-c/padha%2Blikha%2Bkaun_Fotor_Fotor.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2016/11/sahin-mayane-me-padha-likha-kauN.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2016/11/sahin-mayane-me-padha-likha-kauN.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy