कहानी- … तो लॉटरी खुल जाएगी!

जब तक इस घर की कोई लड़की मरेगी नहीं तब तक लॉटरी कैसे खुलेगी? लॉटरी खुलने के लिए कम से कम एक लड़की का मरना जरूरी है।'


(यह कहानी सत्य घटना पर आधारित है, सिर्फ पात्र का नाम बदल दिया गया है। मूलत: प्रकाशित- नवभारत, दी. 29-7-2001)
बच्चों को स्कूल एवं पति को दफ्तर भेजकर, सुबह के सभी कार्यो से निवृत होकर शिल्पा पेपर पढने बैठी। फ़िलहाल वह घर में बिलकुल अकेली थी। ऐसे में पेपर शांति से पढ़ा जा सकता है। आम गृहिणी सुबह के कामों से निवृत हुए बिना पेपर कहां पढ़ सकती है? मुख्य व्दार बंद कर वह फुर्सत से पढने बैठी। पढ़ते-पढ़ते अचानक शिल्पा की नजर लॉटरी के निकाल पर जम सी गई। वैसे तो लॉटरी का निकाल रोज ही पेपर में आता है लेकिन आज शायद फुर्सत की वजह से वह बचपन की यादों में खो गई। सभी घटनाएं चलचित्र की भांति उसकी आंखों के सामने आने लगी। 

शिल्पा का जन्म एक संयुक्त परिवार में हुआ था। परिवार में 20-30 सदस्य थे। लड़कों की अपेक्षा लड़कियों की संख्या ज्यादा और घर की आर्थिक स्थिति ठीक-ठीक थी। पिताजी-चाचाजी सब मिलकर आठ-दस धंदे करते थे। उनमे से एक लॉटरी का भी था। तब शिल्पा दस-बारह बरस की रही होगी। पिताजी सुबह जल्दी उठकर काम पर चले जाते। देर रात तक ही लौटते। तब तक शिल्पा सो जाती। बाप-बेटी के बीच संभाषण कम ही हो पाता। पिताजी पैसा कमाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते। उनके सर पर ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की धुन सवार थी। उसकी मम्मी हर सिरीज़ की एक-एक लॉटरी निकालकर भगवान के सामने रखती और प्रार्थना करती की  'हे भगवान, एक लॉटरी खुल जाए ताकि घर में खुशियां लौट आयें।' शिल्पा अपनी नन्हीं-नन्हीं आंखों से यह नज़ारा देखती रहती। उसका बाल मन भी लॉटरी के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता। 

उसका घर हवेलीनुमा था। घर के बीच में चौक, चौक के आजु-बाज़ू में पोर्च और पोर्च पर चौक की तरफ से रेलिंग लगी थी। रेलिंग बहुत पुरानी होने से थोड़ा सा धक्का लगने पर भी जोर से हिल जाती, मानों अभी टूट कर निचे गिर जाएगी। सभी बच्चों को रेलिंग के पास न खेलने की सख्त हिदायत दी गई थी। फिर भी बच्चें अनजाने में, खेलते-खेलते अक्सर रेलिंग से टकरा ही जाते। जब लड़कियों में से कोई भी लड़की रेलिंग से टकराती तो चौक में जो भी बड़ा व्यक्ति खड़ा होता वह कहता 'एखादी लड़की निचे आ जाओं, लॉटरी खुल जाएगी---।' यह वाक्य सुन-सुनकर शिल्पा के मन में यह बात घर कर बैठी कि जब भी कोई लड़की ऊपर से गिरकर मर जाती है, तो उस घर में लॉटरी खुलती है। छोटे से बाल मन को क्या पता था कि आज यदि कोई लड़की मर गई तो कल को दहेज़ की बचत होगी! उसे क्या मालूम कि आज यदि कोई लड़की ऊपर से गिरकर मर भी गई तो भी कोई लॉटरी नहीं खुलेगी! हां, भविष्य में लगने वाले दहेज़ की बचत होगी। शिल्पा हर वक्त सोचती रहती कि 'मम्मी हर वक्त भगवान से लॉटरी खुलाने के लिए प्रार्थना करती रहती है लेकिन जब तक इस घर की कोई लड़की मरेगी नहीं तब तक लॉटरी कैसे खुलेगी? लॉटरी खुलने के लिए कम से कम एक लड़की का मरना जरूरी है।'

महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, शिवाजी महाराज आदि सभी महापुरुषों की क़िस्से-कहानियां पढने में उसे बहुत मजा आता था। इन्हीं महापुरुषों से प्रेरणा लेकर वह भी अपने देश के लिए, समाज के लिए, परिवार के लिए कुछ करना चाहती थी। उसके मन में बार-बार विचार आते 'यदि मैं ऊपर से गिर कर मर गई तो मेरे घर में लॉटरी खुल जाएगी! मम्मी-पापा की सब परेशानियां दूर हो जाएगी। भाई-बहन, भूआजी-चाचाजी सभी को और अच्छा खाने-पहनने को मिलेगा। यदि सिर्फ मेरे अकेली के मरने से इतने सारे लोगों को फायदा हो सकता है तो मुझे मरना क्यों नही चाहिए?' दूसरे ही पल शिल्पा को अपनी स्वयं की जान प्यारी लगने लगती।  फिर सोचती, 'सब महापुरुषों ने दूसरों की भलाई के लिए कितने ज़ुल्म सहे, कितना बलिदान किया। क्या मैं अपने ही परिवार के लिए अपनी जान नही दे सकती?' छोटा सा बाल मन तर्क-वितर्क करता रहता। 
और एक दिन सुबह पक्का फैसला कर शिल्पा उठी। पूरा परिवार सो रहा था। सूरज भगवान ने अभी अपने दर्शन नहीं कराये थे। चारों ओर अंधेरे का ही साम्राज्य था। शिल्पा चुपके से उठी। हिम्मत से, आत्मविश्वास से, बलिदान की भावना से ओत प्रोत हो धीरे-धीरे पोर्च की सीढ़ियों की तरफ बढ़ने लगी। पहली सीढ़ी पर पैर रखते ही छाती धक-धक करने लगी। लेकिन उस वक्त मन में यही भावना प्रबल थी कि मैं अपने परिवार के कुछ काम आ रही हूं। हिम्मत कर एक-एक सीढ़ी चढ़कर किसी तरह पोर्च पर गई। ऊपर से चोर निगाहों से चारों और देखा कि कही कोई देख तो नहीं रहा है। धीरे-धीरे रेलिंग के बिल्कुल पास पहुंच गई। ऊपर से निचे की ओर देखा और... सांस तेज-तेज चलने लगी, घबराहट के मारे पूरा बदन पसीने से तर हो गया, हाथ-पैर कपकंपाने लगे फिर भी मन पक्का कर रेलिंग की तरफ़ थोड़ी झुकी लेकिन एक पल सिर्फ एक पल... हिम्मत ने जबाब दे दिया। बलिदान की भावना से जिंदगी की चाह बलवती हो गई। वह झट से चार क़दम पीछे हट गई। जिंदगी का मोह था जो मरने नही दे रहा था, लॉटरी का लालच था जो जीने नही दे रहा था। दस-पंद्रह मिनट तक उसी स्थिति में बैठी रही और फिर आत्मग्लानि से फुट-फुटकर रोने लगी। शिल्पा हर गई थी। बड़ी-बड़ी बातें सोचने वाली, बोलने वाली शिल्पा हार गई थी। किसी तरह अपने आप को संभाल कर, स्वयं ही स्वयं के आँसू पोंछकर फिर से बिस्तर में आकर रज़ाई ओढ़ सो गई।
इतने में दरवाज़े की घंटी से शिल्पा की तंद्रा भंग हुई। दरवाज़ा खोलने जाते-जाते वह सोचने लगी, 'लोग कहते है कि कायर लोग ही आत्महत्या करते है। लेकिन क्या खुद की हत्या करने के लिए साहस नहीं जुटाना पड़ता है? यदि उस दिन सचमुच में ऊपर से गिर कर वह मर जाती तो क्या उसके मम्मी की लॉटरी खुल जाती? घर में ख़ुशियों की बरसात होती?' 

keywords: Story, Lottery, Dowry    

COMMENTS

BLOGGER: 5
  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (13-10-2014) को "स्वप्निल गणित" (चर्चा मंच:1765) (चर्चा मंच:1758) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    जवाब देंहटाएं
  2. अच्छी रचना !
    मेरी नयी पोस्ट पढे !

    जवाब देंहटाएं

नाम

'रेप प्रूफ पैंटी',1,#मीटू अभियान,1,#साड़ीट्विटर,1,14 नवम्बर,1,15 अगस्त,3,26 जनवरी,1,8 मार्च,1,अंकुरित अनाज,1,अंगदान,1,अंगुठी,1,अंगूर,1,अंगूर की लौंजी,1,अंगूर की सब्जी,1,अंग्रेजी,2,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस,3,अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस,1,अंधविश्वास,15,अंधश्रद्धा,10,अंधश्रध्दा,2,अंश,1,अग्निपरीक्षा,1,अग्रवाल,1,अचार,7,अच्छी पत्नी,1,अच्छी पत्नी चाहिए तो...,1,अच्छे काम,1,अजब-गजब,2,अतित,1,अदरक,1,अदरक का चूर्ण,1,अदरक-लहसुन पेस्ट,1,अनमोल वचन,10,अनुदान,1,अनुप जलोटा,1,अन्न,1,अन्य,25,अन्याय,1,अपेक्षा,1,अप्पे,4,अमरुद,1,अमरूद की खट्टी-मीठी चटनी,1,अमीरी,1,अमेजन,1,अरुणा शानबाग,1,अरुनाचलम मुरुगनांथम,1,अवार्ड,2,असली हीरो,15,अस्पतालों में बच्चों की मौत,1,आंवला,6,आंवला कैंडी,1,आंवला चटनी,1,आंवला लौंजी,1,आंवले का शरबत,1,आंवले की गटागट,1,आइसक्रीम,1,आईसीयू ग्रेंडपा,1,आग,1,आज के जमाने की अच्छाइयां,1,आजादी,2,आज़ादी,1,आतंकवादी,2,आत्महत्या,3,आत्मा,1,आदित्य तिवारी,1,आम,9,आम का अचार,1,आम का पना,2,आम का मुरब्बा,2,आम की बर्फी,1,आम पापड़,1,आरक्षण,3,आलू,1,आलू पोहा अप्पे,1,इंसान,2,इंस्टंट डोसा,1,इंस्टंट मावा,1,इंस्टंट स्नैक्स,1,इंस्टट ढोकला,1,इंस्टेंट कुल्फी,1,इडली,3,इन्डियन टाइम,1,इमली,1,इरोम शर्मिला,1,ईद,1,ईश्वर,6,ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,1,उटी,1,उपमा,2,उपवास,1,उपवास की इडली,1,उपहार,2,उमा शर्मा,1,ऋषि पंचमी,1,एक सवाल,1,ऐनी दिव्या,1,ऐश ट्रे,1,ऑनलाइन,1,और इज्जत बच गई,1,कंघा,1,कंसन्ट्रेट आम पना,1,कच्चे आम,1,कच्चे आम का चटपटा पापड़,1,कटलेट्स,1,कद्दु,1,कद्दु के गुलगुले,1,कद्दू,1,कद्दू का बेसन,1,कन्यादान,3,कबीर सिंह मूवी,1,करवा चौथ,1,करवा चौथ शायरी,1,करवा-चौथ,4,कल्याणी श्रीवास्तव,1,कहानी,21,कांजी,1,कानून,1,कामवाली बाई,4,कालीन,1,किचन टिप्स,14,किटी पार्टी,1,कियारा आडवानी,1,किराए पर बीवियां,1,कुंडली मिलान,1,कुरकुरे,1,कुल्फी,1,कुल्फी प्रीमिक्स,1,कूकर,1,केईएम् अस्पताल,1,कैंडी,1,कॉर्न,4,कॉर्न इडली,1,कौए,1,क्षमा,2,खजूर,1,खत,5,खबर,3,खरबूजा,2,खरबूजे का शरबत,1,खरेदी,1,खांडवी,1,खाद्य पदार्थ,1,खाना,1,खारक,1,खारी गरम,1,खुले में शौच,1,खुशी,2,खेल,1,खोया,1,गणतंत्र दिवस,1,गणेश चतुर्थी पर शायरी,1,गणेश चतुर्थी प्रसाद रेसिपी,1,गणेश जी,1,गरम मसाला,1,गर्दन दर्द,1,गर्भावस्था,1,गर्भाशय,1,गलत व्यवहार,1,गलती,2,गाजर,4,गाजर अप्पे,1,गाजर के लड्डू,1,गाजर-मूली के दही बडे,1,गाय,1,गुजरात,1,गुजराती डिश,1,गुड टच और बैड टच,2,गुरु पूर्णिमा,1,गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं,1,गुलगुले,1,गुस्सा,1,गृहस्वामिनी,1,गेहूं का आटा,1,गैस बर्नर,1,गोरखपुर,1,गोरा रंग,1,गोल्फ,1,गौरी पराशर,1,घंटी,1,घिया,1,घी,1,घी की नदी,1,चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति,1,चकली,1,चटनी,7,चना दाल,1,चाँद पर जमीन,1,चाय,1,चाय मसाला,1,चावल,2,चावल के पापड़,1,चाशनी,1,चींटी,1,चीज,1,चीला,2,चूर्ण,6,छाछ,1,छींक,1,छोटी बाते,1,छोटे लेकिन काम के टिप्स,2,छोटे-छोटे काम के टिप्स,2,जज्बा,2,जनसंख्या,1,जन्मदिन,3,जन्मदिन की शुभकामनाएं,2,जन्माष्टमी,2,जमाना,1,जलेबी,1,जाट आंदोलन,1,जात-पात,1,जाति,2,जाम,1,जिंदगी,1,जीएसटी,1,जीरो ऑइल रेसिपी,5,जोक्स,5,जोयिता मंडल,1,ज्वार की रोटी,1,ज्वेलरी,1,झारखंड,1,झाले-वारणे,2,झूठ,1,टिप्स कॉर्नर,32,टी.व्ही. और सिनेमा,1,ठंडे पेय,6,ठेचा,1,डर,1,डैंड्रफ,1,डॉक्टर,2,डॉटर्स डे,2,ढाबा स्टाइल सब्जी,1,ढोकले,1,तरबूज,2,तरबूज के छिलके का हलवा,1,तलाक,1,ताजे नारियल की बर्फी,1,तिल,2,तिल की कुरकुरी चिक्की,1,तिल के लड्डू,1,तेलंगाना,1,तोहफ़ा,1,त्यौहार,1,थंडा पानी,1,दक्षिणा,1,दर्द का रिश्ता,1,दवा,1,दशहरा,1,दशहरा की शुभकामनाएं,1,दशहरा शायरी फोटो,1,दही,5,दही वाली लौकी की सब्जी,1,दही सैंडविच,1,दहेज,3,दाग-धब्बे,1,दान,1,दासी,1,दिपावली बधाई संदेश,3,दिवाली,1,दिशा,1,दीपावली शुभकामना संदेश,1,दीवाली रेसिपी,1,दुध पावडर,1,दुबई,1,दुबई यात्रा,1,दुर्गा माता,1,दुल्हा,1,दुश्मन,1,दूध,2,देशभक्ति,3,देशभक्ति शायरी,2,देहदान,1,दोस्त,2,धनिया,1,धर्म,3,धर्मग्रंध,1,धार्मिक,30,नजर,1,नजर कैसे उतारु,1,नदी में पैसे,1,नन्ही परी,1,नमक पारे,1,नमकीन,1,नवरात्र,1,नवरात्र स्पेशल,2,नवरात्रि,3,नवरात्रि की शुभकामनाएं,1,नवरात्रि शायरी फोटो,1,नवरात्री रेसिपी,6,नववर्ष,2,नववर्ष की शुभकामनाएं,2,नाइंसाफी,1,नानी,1,नारियल बर्फ़ी,1,नारी,49,नारी अत्याचार,11,नारी शिक्षा,1,नाश्ता,1,निंबु का अचार,1,निचली जाती,1,निर्णयक्षमता,1,निर्भया,2,निवाला,1,नींबू,1,नीडल थ्रेडर,1,नेत्रदान,1,नेपाल त्रासदी,1,नेल आर्ट,1,न्याकिम गैटवेच,1,न्यूजीलैंड,1,पकोडे,2,पक्षी,1,पढ़ा-लिख़ा कौन?,1,पढ़ाई,1,पति,1,पति का अहं,1,पति-पत्नी,1,पत्ता गोभी,2,पत्ता गोभी और चना दाल के बडे,1,पत्ता गोभी की मुठिया,1,पत्नी,1,पत्र,1,पपीता,1,परंपरा,2,परवरिश,6,पराठे,1,परीक्षा,2,परेशानी,1,पल्ली उत्सव,1,पवित्र,1,पवित्रता,2,पसंदीदा शिक्षक को पत्र,1,पानी,1,पानी कैसे पीना चाहिए,1,पापड़,3,पालक,1,पालक के नमक पारे,1,पालक बडी,1,पाश्चात्य संस्कृति,1,पिता,2,पुण्य,2,पुरानी मान्यताएं,1,पुलवामा हमला,1,पूडी,1,पूरी,1,पेढे,1,पैड्मैन,1,पैनकेक,1,पैरेंटीग,1,पोर्न मूवी,1,पोषण,1,पोहा,2,पोहे के कुरकुरे,1,प्याज,3,प्याज की चटनी,1,प्यार,1,प्यासा कौआ,1,प्रत्यूषा,1,प्रद्युम्न,1,प्रसन्न,1,प्राणियों से सीख,1,प्रियंका रेड्डी,1,प्री वेडिंग फोटोशूट,1,फर्रुखाबाद,1,फल,1,फल और सब्जी खरीदने से पहले,1,फलाहार,1,फल्लिदाने,1,फादर्स डे,2,फूल गोभी के परांठे,1,फेसबुक,2,फैशन,1,फ्रिज,1,फ्रिज में सब्जी,1,फ्रेंडशीप डे,1,फ्रेंडशीप डे शायरी,1,बकरीद,1,बची हुई सामग्री का उपयोग,1,बच्चे,8,बच्चे की ज़िद,1,बच्चें,1,बछबारस,1,बटर,1,बड़ा कौन?,1,बढ़ती उम्र,1,बदला,1,बधाई संदेश,4,बरबादी,1,बर्फी,2,बलात्कार,9,बहू,2,बाजरा,1,बाल दिवस,1,बाल शोषण,2,बाहर का खाना,1,बिमारियों की असली वजह,1,बिल्ली के गले में घंटी,1,बिस्किट,1,बिस्कुट,1,बुढ़ापा,1,बुर्ज अल-अरब,1,बुर्ज खलीफा,1,बुलंदशहर गैंगरेप,1,बेटा,1,बेटा पढाओ,1,बेटी,7,बेटी बचाओ अभियान,2,बेमेल आहार,1,बेसन,2,बेसन के लड्डू,1,बैंगन,1,बोझ,1,ब्रेकअप,1,ब्रेड,4,ब्रेड की रसमलाई,1,ब्रेड पकोडा,1,ब्रेड पिस्ता पेढे,1,ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी,1,ब्लॉगर ऑफ द इयर 2019,1,ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड,1,ब्लॉगिंग,5,ब्ल्यू व्हेल गेम,1,भक्ति,1,भगर,3,भगर की इडली,1,भगर के उत्तपम,1,भगर के कटलेट,1,भगवान,3,भजिए,1,भरवां मिर्च,1,भरवां शिमला मिर्च,1,भाई दूज शायरी,1,भाकरवड़ी,1,भाभी,1,भारत,1,भारतीय नारी,1,भारतीय मसाले,1,भुट्टे के पकोड़े,1,भूकंप,1,भोजन,1,भ्रुण हत्या,1,मंदसौर गैंग रेप,1,मंदिर,2,मंदिरों में ड्रेस कोड़,1,मंदिरों में दक्षिणा,1,मकई,4,मकई उपमा,1,मकई चीला,1,मकई पकोडे,1,मकर संक्रांति,2,मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,1,मकर संक्राति,1,मखाना,1,मखाने के लड्डू,1,मटर,3,मटर के अप्पे,1,मठरी,1,मठ्ठा,1,मदर्स डे,3,मम्मी,1,मलाई,2,मलाई फ्रूट सलाद,1,मसाला छाछ,1,मसाला मठरी,1,महात्मा गांधी जी,1,महानता,1,महाराजा अग्रसेन जी,1,महाराष्ट्र में आरक्षण,1,महिला आजादी,1,महिला आरक्षण,1,महिला सशक्तिकरण,4,महिला सुरक्षा,1,महिलाओं का पहनावा,1,माँ,3,माता यशोदा,1,मातृभाषा,1,मायका,2,मारवाड़ी,1,मार्केट जैसे साबूदाना पापड़,1,माला,1,मावा,1,मावा कुल्फी,1,मासिक धर्म,2,माहवारी,3,मिठाई,21,मित्र,2,मिलावट,1,मिलावट पहचानने के घरेलू तरीके,1,मिल्क पाउडर,1,मिस इंडिया 2019,1,मुक्ति,1,मुबारकपुर कला,1,मुरब्बा,1,मुस्लिम,1,मुस्लिम मंच,1,मुहूर्त,1,मूंग की सूखी दाल का हलवा,1,मूंगफली,1,मूंगफली की सूखी चटनी,1,मूली,3,मूली का अचार,1,मूली के पत्तों के कुरकुरे कटलेट्स,1,मेंस्ट्रुअल कप,1,मेंहदी,7,मेडिसिन बाबा,1,मेथी,1,मेथी दाना चुर्ण,1,मेथी मटर मलाई,1,मेनु,1,मेरा मंत्र,3,मेरा सपना,1,मेरी बात,15,मैंगो फ्रूटी,1,मैंगो श्रीखंड,1,मैनर्स,1,यू ए ई,1,रंग,1,रंग पंचमी,1,रक्तदान,1,रक्तदान के फायदे,1,रक्षा बंधन,1,रक्षाबंधन,1,रक्षाबंधन शायरी,1,रजस्वला नारी,3,रवा इडली,1,रसोई,109,रांगोली,3,राखी,2,राज की बात,1,राजभाषा,1,राजस्थानी समाज,2,राम रहीम,1,राशी-भविष्य,1,राष्ट्रगान,1,राष्ट्रगीत,1,राष्ट्रभाषा,1,रिती-रिवाज,1,रीतिरिवाज,1,रुपया-पैसा,1,रेणुका मिश्रा,1,रोटी,3,रोस्टेड मूंगफली,1,लघुकथा,12,लड्डू,3,लहसुन,1,लाइटर,1,लाइफ स्किल्स,1,लाल मिर्च की सूखी चटनी,1,लिव इन,1,लिव इन रिलेशनशिप,1,लीव इन रिलेशनशिप,1,लेसुए,1,लैंगिक समानता,1,लॉटरी,1,लोकल ट्रेन,1,लोकसभा चुनाव,1,लोग क्या कहेंगे?,1,लौंजी,1,लौकी,3,लौकी का हलवा,1,लौकी की बड़ी,1,लौकी की सब्जी,1,वक्त,1,वटसावित्री व्रत,1,वर,1,वर्जिनिटी टेस्ट,1,वर्तमान,1,वायरल फोटो,1,वारी के हनुमान,1,विधवा,1,विधवा ने किया कन्यादान,1,विधवा विवाह,1,विरुद्ध आहार,1,विशाखापट्टनम रेप कांड,1,वृंदावन,1,वृद्धावस्था,1,वेजिटेबल डोसा,1,वेजिटेबल पैनकेक,1,वैलेंटाइन डे,1,वोट,1,वोट की किंमत,1,व्यंग,11,व्यायाम,1,व्रत,3,व्रत रेसिपी,16,व्रत स्पेशल,2,शकरकंद,2,शकरकंद की जलेबी,1,शकरकंद को कैसे भुने,1,शकुन-अपशकुन,1,शक्करपारे,1,शनि देव,1,शब्द,1,शरबत,5,शर्बत,1,शर्म,2,शादी,6,शादी की खरेदी,1,शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल,1,शादी के सालगिरह की शुभकामनाएं,1,शादी-ब्याह,3,शायरी,9,शाहिद कपूर,1,शिक्षक दिन,1,शिक्षा,6,शिमला मिर्च,1,शिवपुरी,1,शुभ मुहूर्त,1,शुभ-अशुभ,3,शुभम जगलान,1,श्राद्ध,3,श्राद्ध का खाना,1,श्रीकृष्ण,2,श्रेष्ठता,1,संसद,1,संस्कार,1,संस्मरण,9,सकारात्मक पहल,2,सच बोलने की प्रेरणा,1,सतबीर ढिल्लो,1,सपना,1,सफेद बाल,1,सब्जियों का अचार,1,सब्जियों की कांजी,1,सब्जी,9,समय,1,समाजसेवा,2,समाजिक,1,समाधान,1,समावत चावल,2,सर के बाल,1,सलाद,1,ससुराल,2,सहशिक्षा,1,सांवला या काला रंग,1,साउथ इंडियन डिश,2,साक्षात्कार,4,सागर में ज्वार,1,साफ-सफाई,1,साबुदाना,2,साबुदाना के अप्पे,1,साबुदाना पापड़,2,साबुदाने लड्डू,1,साबूदाना,2,सामाजिक,66,सामाजिक कार्यकर्ता,1,सालगिरह,5,सास,2,साहित्य,86,सिंगल पैरेंट,1,सिंदूर,1,सीख-सुहानी,1,सीनू कुमारी,1,सुंदरता,1,सुई,1,सुखी,1,सुजी,1,सूजी,1,सूजी के लड्डू,1,सेनेटरी नेपकिन,1,सेब,1,सेलिब्रेटी,1,सेव मेरिट सेव नेशन,1,सेवई उपमा,1,सेहत,1,सैंडविच,1,सौंफ,1,सौंफ का शरबत,1,सौंफ प्रीमिक्स,1,सौतेली माता,1,स्कूल,1,स्त्री,2,स्नैक्स,34,स्वतंंत्रता दिन,1,स्वतंत्रता दिन,2,स्वर्ग और नर्क,1,स्वाभिमान,1,स्वास्थ,2,स्वास्थ्य,11,हंस,1,हनुमान जी,2,हरी मटर के पैनकेक,1,हरी मिर्च,3,हरी मिर्च का अचार,1,हलवा,3,हांडवो,1,हाउसवाइफ,1,हाथी,1,हिंदी उखाणे,1,हिंदी उखाने,1,हिंदी दिवस,1,हिंदी शायरी,25,हिंदु,1,हैंडल,1,हैसियत,1,होटल,1,होममेकर,1,होली की शुभकामनाएं,1,
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: कहानी- … तो लॉटरी खुल जाएगी!
कहानी- … तो लॉटरी खुल जाएगी!
जब तक इस घर की कोई लड़की मरेगी नहीं तब तक लॉटरी कैसे खुलेगी? लॉटरी खुलने के लिए कम से कम एक लड़की का मरना जरूरी है।'
https://1.bp.blogspot.com/-xK5hhUW-NBk/VDJzFTcedyI/AAAAAAAAAaI/qi4OGuSjO30/s640/girl%2Breling.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-xK5hhUW-NBk/VDJzFTcedyI/AAAAAAAAAaI/qi4OGuSjO30/s72-c/girl%2Breling.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
https://www.jyotidehliwal.com/2014/10/blog-post_12.html
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/
https://www.jyotidehliwal.com/2014/10/blog-post_12.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy