हनुमान जी ने रखी भक्तों की लाज और चमत्कार कर ही दिया!

ईश्वर अपने भक्तों की लाज रखने के लिए ऐसे-ऐसे चमत्कार कर देते हैं कि नास्तिक से नास्तिक का भी सर श्रद्धा से झुक जाता हैं।


सीढ़िया
घटना 9 दिसम्बर,1997 की हैं। शेगांव से 55 कि.मी. की दूरी पर वारी में दुर्गम पहाडियों पर हनुमान जी का मंदिर हैं। ऐसा कहा जाता हैं कि हनुमान जी की इस मुर्ति को रामदास स्वामी जी ने पत्थरों को तराशकर स्वयं बनाया था। इस मंदिर में जाने के लिए एक पहाडी उतरकर नदी को पार कर कर दुसरी पहाड़ी पर जाना पड़ता हैं। पहली पहाड़ी का रास्ता ज्यादा उबड़-खाबड़ होने से ये पहाड़ी उतरने में बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता था। खासकर बुजूर्गों और बच्चों को तो बहुत ही परेशानी होती थी। मेरे पापाजी के मन में हनुमान जी के लिए अपार श्रद्धा होने से इतना दुर्गम रास्ता होने के बावजूद, हम सपरिवार कई बार वारी के उस हनुमान मंदिर में जाते थे। रास्ते की दुर्गमता से आनेवाले भक्तों की कठिनाइयों को देखते हुए पापाजी ने पहली पहाड़ी पर सीढ़िया बनवाई।

बाएं से पहले पापाजी और तिसरे हैं अनुप जलोटा जी
इन सीढ़ियों के लोकार्पण कार्यक्रम हेतु भजन सम्राट अनुप जलोटा जी को बुलाया था। यह अनुप जलोटा जी का पहला कार्यक्रम था जो बिना टिकट और पहाड़ी पर खुले मैदान में था। लगभग 16-17 हजार लोग कार्यक्रम हेतु आए थे। कार्यक्रम के पहले दिन अचानक मुसलाधार बारिश शूरू हो गई। इंद्र देवता अपना रोद्र रूप दिखा रहे थे! सभी ओर पानी ही पानी! फ़िर भी मन में आशा थी की सुबह तक पानी रूक जाएगा। लेकिन इंद्र देवता तो अपने पानी का नल चालू कर कर बंद करना ही भूल गए। हम सब की पुकार उन के कानों तक पहूंच ही नहीं रही थी। सुबह हो गई लेकिन मुसलाधार पानी भी शुरू और लोगों का आना भी शुरू...ऐसा लग रहा था कि पानी और लोगों के बीच एक तरह की स्पर्धा चालू हैं कि पानी ज्यादा बरसता हैं कि लोग ज्यादा आते हैं? सभी आसपास के गांवो से स्पेशल सरकारी बसों का इंतजाम किया गया था लेकिन पानी इतना था कि बस स्टैंड तक आने में भी सभी को नानी याद आ रही थी। फ़िर भी वारी के हनुमान जी के प्रति श्रद्धा एवं अनुप जलोटा जी जैसे भजन सम्राट के भजन प्रत्यक्ष सुनने मिलेंगे और वो भी मुफ़्त में इस आशा से लोगो का अनवरत आना शुरू था। सुबह 6 बजे मंदिर में पहुंचने के बाद मम्मी-पापा ने हनुमान जी को हाथ जोड़ कर विनंती की, “हे हनुमान जी, अब सब कुछ आपके हाथ में हैं। यह कार्यक्रम हमारा नहीं हैं। यह आपका कार्यक्रम हैं और इसे पार भी आपको ही लगाना पड़ेगा!’’

हम सभी के मन आंशकित थे कि अब पहाड़ी पर खुले में कार्यक्रम कैसे लेंगे? पिताजी समेत हम सभी बूरी तरह घबरा रहे थे कि इतनी भारी भीड़ को कैसे संभालेंगे? इतने पानी में, जंगल में इतने सारे लोगों की व्यवस्था कैसे करेंगे? किसी के भी कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। ऐसे दुर्गम स्थान पर इतना बड़ा हॉल आदि होने का तो सवाल ही नहीं था कि कार्यक्रम वहां पर लिया जा सके। क्या करे किसी के कुछ भी समझ में न आने के बावजूद हर कोई अपने-अपने हिस्से का काम पूरी लगन और इमानदारी से किए जा रहा था। पापाजी एवं मम्मी सभी को एक ही बात बोल रहे थे कि कार्यक्रम हमारा नहीं हैं; कार्यक्रम हनुमान जी का हैं और हनुमान जी ही अपने कार्यक्रम की लाज रखेंगे! सभी अंदर ही अदंर डरे-सहमे होने के बावजूद उपर से सामान्य दिखने की कोशिश कर रहे थे। बारिश का अपना रोद्र रुप दिखाना पुर्ववत चालु था। ऐसे में ही मम्मी-पापा सुबह 8 बजे हवन में बैठे और जैसे ही हवन की अग्नि प्रज्वलित हुई चमत्कार हो गया। मुसलाधार बरसने वाली बारिश अचानक रुक गई और सुरज भगवान ने भी अपने पूरे तेज के साथ दर्शन दे दिए! जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल प्रतित हो रहा था वो चमत्कार हो गया!! सही में उस वक्त एक नास्तिक से नास्तिक भी ईश्वर की कृपा के आगे नतमस्तक हो जाए...ऐसा मंजर था! जैसे सब कुछ रिमोट कंट्रोल से संचालित हो गया! विज्ञान चाहे जितनी भी तरक्की कर ले...लेकिन जितना बड़ा, असरदार और मजबूत रिमोट कंट्रोल ईश्वर के पास हैं उतना असरदार रिमोट कंट्रोल विज्ञान नहीं बना सकता!!

बारिश तो रुक गई थी लेकिन अब सवाल था कि मैदान पर जो पानी जमा हो गया था वो कैसे निकाले? इतने किचड़ में लोग कहां और कैसे बैठेंगे? लोगों ने स्वयंस्फुर्त होकर अंजुली में पानी भर-भर कर बाल्टियों मे डाला फ़िर वो पानी पहाडी पर से निचे डाला। तब उस नदी पर नजदीक में ही बांध बनाने का कार्य शुरू था। वान प्रकल्प वालों ने अपने मजदूर लगा कर ट्रक भर-भर कर रेती लाकर मैदान पर डाली। कार्यक्रम दोपहर 1 बजे शुरु हुआ तो बिना रुके शाम 6 बजे तक चला। अनुप जलोटा जी के भजनों ने ऐसा समा बांधा की कोई भी अपनी जगह से हिला भी नहीं।

आखिरकार हनुमान जी ने भक्तों की लाज रख ली और चमत्कार कर ही दिया! सचमुच ईश्वर की लीला ईश्वर ही जाने!!!

Keywords: Hanuman ji, God, Vari Hanuman, Miracle, Anup Jalota, Memories

COMMENTS

BLOGGER: 9
Loading...
नाम

15 अगस्त अंकुरित अनाज अंगदान अंगुठी अंग्रेजी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस अंधविश्वास अंधश्रद्धा अंधश्रध्दा अंश अग्रवाल अचार अच्छे काम अजब-गजब अतित अनमोल वचन अनुदान अनुप जलोटा अन्न अन्य अन्याय अपेक्षा अमीरी अमेजन अरुणा शानबाग अरुनाचलम मुरुगनांथम अवार्ड असली हीरो आंवला आंवला लौंजी आइसक्रीम आज के जमाने की अच्छाइयां आजादी आज़ादी आतंकवादी आत्महत्या आत्मा आदित्य तिवारी आम आम का मुरब्बा आरक्षण आलू इंसान इंस्टंट डोसा इंस्टंट स्नैक्स इंस्टट ढोकला इडली इन्डियन टाइम इमली इरोम शर्मिला ईद ईश्वर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना उपमा उपवास ऋषि पंचमी एक सवाल ऐनी दिव्या ऐश ट्रे कंघा कद्दु कद्दु के गुलगुले कन्यादान करवा-चौथ कल्याणी श्रीवास्तव कहानी कांजी कानून कामवाली बाई कालीन किचन टिप्स कुंडली मिलान कुरकुरे केईएम् अस्पताल कॉर्न इडली कौए क्षमा खजूर खत खबर खरबूजा खांडवी खाना खारक खुले में शौच खुशी खेल गर्भाशय गलती गाजर गाजर-मूली के दही बडे गाय गुजरात गुलगुले गोल्फ गौरी पराशर घंटी घी की नदी चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति चकली चटनी चाय चाय मसाला चूर्ण छोटी बाते छोटे लेकिन काम के टिप्स छोटे-छोटे काम के टिप्स जनसंख्या जन्माष्टमी जमाना जाट आंदोलन जात-पात जीएसटी जीरो ऑइल रेसिपी जोक्स जोयिता मंडल ज्वेलरी झाले-वारणे झूठ टिप्स कॉर्नर टी.व्ही. और सिनेमा ठेचा डॉक्टर डॉटर्स डे ढोकले तरबूज तिल के लड्डू दक्षिणा दवा दही दहेज दिपावली बधाई संदेश दिशा दीपावली शुभकामना संदेश दुध पावडर दुल्हा दुश्मन दूध देहदान दोस्त धर्म धर्मग्रंध धार्मिक नदी में पैसे नन्ही परी नवरात्र स्पेशल नववर्ष नववर्ष की शुभकामनाएं नाइंसाफी नानी नारी नारी अत्याचार नारी शिक्षा नाश्ता निंबु का अचार निचली जाती निर्णयक्षमता निर्भया निवाला नेत्रदान नेपाल त्रासदी नेल आर्ट पक्षी पढ़ा-लिख़ा कौन? पढ़ाई पति का अहं पत्र पपीता परंपरा पल्ली उत्सव पवित्र पवित्रता पसंदीदा शिक्षक को पत्र पाश्चात्य संस्कृति पिता पुण्य पैड्मैन पैरेंटीग पोर्न मूवी पोषण पोहा पोहे के कुरकुरे प्याज प्यार प्यासा कौआ प्रत्यूषा प्रद्युम्न प्राणियों से सीख फलाहार फादर्स डे फूल गोभी के परांठे फैशन फ्रेंडशीप डे बकरीद बची हुई सामग्री का उपयोग बच्चे बच्चें बछबारस बड़ा कौन? बढ़ती उम्र बदला बधाई संदेश बरबादी बलात्कार बहू बिल्ली के गले में घंटी बुलंदशहर गैंगरेप बेटी बेटी बचाओ अभियान बेसन ब्रेड ब्रेड की रसमलाई ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड ब्लॉगिंग ब्ल्यू व्हेल गेम भगवान भजिए भरवां मिर्च भाई दूज शायरी भाभी भारत भुट्टे के पकोड़े भूकंप भोजन भ्रुण हत्या मंत्र मंदिर मंदिरों में ड्रेस कोड़ मंदिरों में दक्षिणा मकई उपमा मकई पकोडे मदर्स डे महानता महाराजा अग्रसेन जी महिला आजादी महिला आरक्षण महिलाओं का पहनावा माँ माता यशोदा मारवाड़ी माला मासिक धर्म माहवारी मिठाई मित्र मुक्ति मुबारकपुर कला मुस्लिम मंच मूंगफली की सूखी चटनी मूली मेंस्ट्रुअल कप मेंहदी मेथी दाना चुर्ण मेनु मेरा मंत्र मेरी बात मैनर्स रंग रजस्वला नारी रवा इडली रसोई रांगोली राजस्थानी समाज राशी-भविष्य रिती-रिवाज रुपया-पैसा रोटी लघुकथा लाइटर लीव इन रिलेशनशिप लेसुए लॉटरी लोकल ट्रेन लोग क्या कहेंगे? लौकी वक्त वटसावित्री व्रत वर वर्तमान वारी के हनुमान विधवा विवाह वृंदावन वेजिटेबल डोसा वैलेंटाइन डे व्यंग व्रत व्हेजिटेबल पैनकेक शनि देव शब्द शर्बत शर्म शादी शादी की खरेदी शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल शादी-ब्याह शिक्षक दिन शिक्षा शुभ-अशुभ शुभम जगलान श्राद्ध श्रीकृष्ण श्रेष्ठता संक्रात संस्कार संस्मरण सपना सफेद बाल सब्जियों का अचार सब्जियों की कांजी समाजसेवा सर के बाल सलाद सहित्य सांवला या काला रंग साउथ इंडियन डिश सागर में ज्वार साफ-सफाई साबुदाने और नारियल के लड्डू सामाजिक सालगिरह सास साहित्य सिंगल पैरेंट सिंदूर सीख-सुहानी सुखी सुजी सेनेटरी नेपकिन सेब सेलिब्रेटी सेवई उपमा सेहत सौतेली माता स्त्री स्नैक्स स्वतंंत्रता दिन स्वतंत्रता दिन स्वर्ग और नर्क स्वाभिमान हंस हनुमान जी हरी मटर के पैनकेक हरी मिर्च हरी मिर्च का अचार हाथी हिंदी उखाणे हिंदी उखाने हिंदी शायरी हैंडल होममेकर
false
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: हनुमान जी ने रखी भक्तों की लाज और चमत्कार कर ही दिया!
हनुमान जी ने रखी भक्तों की लाज और चमत्कार कर ही दिया!
ईश्वर अपने भक्तों की लाज रखने के लिए ऐसे-ऐसे चमत्कार कर देते हैं कि नास्तिक से नास्तिक का भी सर श्रद्धा से झुक जाता हैं।
https://2.bp.blogspot.com/--NAfNhcpj6c/WciDt3mwqhI/AAAAAAAAFHo/WsJzSxSuArQ_ReAa8FZVsrQ5uIRx_Q8swCLcBGAs/s320/vari%2Bhanuman.jpg
https://2.bp.blogspot.com/--NAfNhcpj6c/WciDt3mwqhI/AAAAAAAAFHo/WsJzSxSuArQ_ReAa8FZVsrQ5uIRx_Q8swCLcBGAs/s72-c/vari%2Bhanuman.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
http://www.jyotidehliwal.com/2017/09/Hanumanji-ne-rakhi-bhakto-ki-laj-aur-chamtakar-kar-hi-diya.html
http://www.jyotidehliwal.com/
http://www.jyotidehliwal.com/
http://www.jyotidehliwal.com/2017/09/Hanumanji-ne-rakhi-bhakto-ki-laj-aur-chamtakar-kar-hi-diya.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy