अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: स्त्री होने के बावजूद...!!!

मैं एक स्त्री हूं इसलिए मैं आगे नहीं बढ़ सकती इस सोच से खुद को मुक्त करें। आप स्त्री होने के बावजूद भी बहुत कुछ कर सकती है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: स्त्री होने के बावजूद...!!!
8 मार्च के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सभी सहेलियों को असीम शुभकामनाएं...। आज इक्किसवी सदी में भी महिलाओं को उसके संघर्ष और उपलब्धियों में “स्त्री होने के बावजूद” वाले भाव का दंश झेलना पड़ता है। आपने कभी सुना है कि कोई ‘पुरुष होने की वजह’ से नाकामयाब हुआ? पुरुषों को केवल परिस्थितिजन्य अवरोध रोकते है। स्त्री को कामयाबी, पुरुषजन्य अवरोधो को पार करके ही मिलती है। इसलिए स्त्री की उपलब्धियों में ‘स्त्री होने के बावजूद’ जुड जाता है। हम आज भी पुरुषप्रधान समाज में जी रहे है इसका कटू संकेत यह है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' की कहानी को 'स्त्री उन्मुख' बताते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया है। और लगभग 30 देशों की महिलाएं स्त्री व्देष, लिंग आधारित हिंसा और ट्रंप के लैंगिक भेदभाव के विरोध में आज ही के दिन अंतरराष्ट्रीय हड़ताल कर रही है। 

असल में महिलाओं का संघर्ष तो कोख से ही शुरु हो जाता है। घरवाले की अनुमति मिलने पर ही वो इस दुनिया में आ सकती है। कन्या-भ्रूण होने के बावजूद जन्म लेकर, महिलाएं अपने जीवन की पहली लड़ाई जीतती है। फ़िर महिलाओं का पालन-पोषण, पढ़ाई, नौकरी, सपने और लक्ष्य... मतलब जीवन के हर मोड पर उसे किसी न किसी के मर्ज़ी के मोहर की आवश्यकता होती है।

मैं अपने सभी सहेलियों से कहना चाहती हूं कि ‘स्त्री होने के बावजूद’ भी हम किसी भी तरह से पुरुषों से कम नहीं है। वास्तव में कम होना, कम मानने पर निर्भर है। कम समझा जाना पहले खुद के दिमाग में उपजता है और फ़िर दूसरे की सोच में शामिल होता है। स्त्री-पुरुष असमानता की जड़े बचपन में ही पनपती है। बच्चे जो देखते है, वही सीखते है। जैसे आ की मात्रा सिखाने के लिए याद कराया जाता है,"राधा आ खाना बना, राजा आ खाना खा..." इससे बच्चों की धारणा बनती है कि राधा (याने स्त्री) का काम खाना बनाना है। शिक्षा के इस तरह के पारम्पारिक उदाहरण बदलने की जरुरत है। अब समय आ गया है कि हम उपदेश देना बंद करें और अपने स्तर पर कुछ शुरवात करें। लोगों की दोहरी मानसिकता सिर्फ़ अच्छी पढ़ाई से नहीं बदल सकती। अच्छी शिक्षा नौकरी दिला सकती है, लेकिन मानसिकता बदलने के लिए हमें खुद की सोच बदलनी होगी। संसार की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फ़तह करनेवाली पहली विकलांग महिला अरुणिमा सिन्हा को चोटी पर शेरपा ने कहा अब वापस चलो। अरुणिमा ने उसे तस्वीर खिंचने और वीडियो बनाने कहा। तो वो कहने लगा, ''जिंदा चलो, यह ज्यादा ज़रुरी है।'' अरुणिमा ने कहा, ''अगर मैं मर भी जाऊँ, तो ये वीडियो आप भारत के युवाओं तक पहुंचा दें, कि मैं उन्हें संदेश देना चाहती हूं कि आप से बढ़कर कोई और आपको प्रेरित नहीं कर सकता। जो आप ठान लें, अपने लक्ष्य का जुनून बना लें, तो कोई आपको रोक नहीं सकता।'' इसी तरह यदि हम महिलाएं कुछ अच्छा करने की ठान लें, तो दुनिया की कोई ताकत हमें रोक नहीं सकती। संयुक्त राष्ट्र संघ का भी कहना है कि यदि महिलाओं को कामकाज के बेहतर मौके मिलें तो भारतीय अर्थव्यवस्था में 4.2 प्रतिशत का बड़ा उछाल आ सकता है। 

इसलिए ...
• मैं एक स्त्री हूं इसलिए मैं आगे नहीं बढ़ सकती इस सोच से खुद को मुक्त करें। आप स्त्री होने के बावजूद भी बहुत कुछ कर सकती है।

• यदी आपके पति या सास आपको पसंद नहीं करते है, तो यह उनकी अपनी समस्या है। आप जैसी है, वैसी ही बने रहिए। मूलत: आप में जो गुण है...उन्हीं गुणों के सहारे आप और बेहतर कर सकती है, न कि दूसरों की अपेक्षाओं के अनुरुप अपने आप को बदल कर।

• कुछ नया और अच्छा सीखने के लिए अपने आप को तैयार रखें। कम से कम कोई भी एक हुनर ऐसा ज़रुर सीखें जिससे वक्त आने पर आप अपना एवं अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

• यदि आप घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारियां निभा रही है, तो फ़ालतू की बातों का तनाव या कुंठा मन में न पालें। जैसे क्या करुं...नौकरी की वजह से मैं अपने परिवार को ज्यादा समय नहीं दे पाती या अपनी सहेली की तरह अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाने का मेरे पास वक्त नहीं है। अपने परिवार के साथ क्वालिटी वक्त बिताए और यह तभी संभव है जब आप तनावमुक्त रहेंगी।

• अपने आप को दुनिया की सबसे खुबसुरत स्त्री माने। क्योंकि खुबसुरती सिर्फ़ शारीरिक नहीं होती। अच्छा दिखने के लिए न जीए बल्कि अच्छा बनने के लिए जीएं।

• घर के सभी लोगों का ख्याल रखते हुए कभी-कभी थोड़ा सा ख्याल अपना भी रखें।

• एक खुश इंसान ही किसी और को खुशी दें सकता है और आप तो किसी एक नहीं, पूरे घर की खुशी और हँसी का कारण है इसलिये अगर आप अपने घरवालों से प्यार करती हैं तो खुद से इश्क करना ना भूलें।

• आदर्श बेटी, पत्नी, बहु और माँ बनने के चक्कर में खुद की छोटी-छोटी इच्छाओं का गला न घोटें। आप भी एक इंसान है...अत: आपकी अपनी भी कुछ इच्छायें हो सकती है। जहां तक संभव हो छोटी-छोटी इच्छाएं पूरी करें। जिससे आपका तनाव कम होगा और इसका फायदा आपके पूरे परिवार को मिलेगा।

इक्किसवी सदी की स्त्री के मनोभाव, एक कविता के माध्यम से पढ़िए...

मैं स्त्री होने के बावजूद...एक इंसान भी हूं...
मैं कोई माल नहीं… जो बिकती रहूँगी चुपचाप रहकर।
मैं चेतना हूं कोई जड़ नहीं… जो निलाम हो जाऊंगी बोलीयों पर।
मैं सीता नहीं हूं...जिसकी राम द्वारा अग्निपरिक्षा ली जाएगी।
मैं द्रोपदी नहीं हूं...जो युधिष्ठिर द्वारा दांव पर लगा दी जाऊंगी।
मैं गांधारी नहीं हूं...जो अंधे के पिछे चलती रहुंगी पट्टी बांधकर।
मैं नारी अर्धांगिनी हूं...अंधे के संग चलूंगी ज्योति बनकर।
मैं ऐसी शक्ति हूं… ठोकर अगर लगाओगे,खुद गिरोगे पलटकर।
मैं प्रेम की भुखी हूं...फ़िर भी नहीं जिऊंगी अपनी अस्मिता खोकर।
मैं आज की नारी हूं...जिऊंगी अपनी आन पर, मरुंगी अपनी शान पर।
बहुत सह चुकी...अब न सहूंगी जुल्मों-सितम।
मैं स्त्री होने के बावजूद...एक इंसान भी हूं...!!!

Keywords: International Women's Day, Women

COMMENTS

BLOGGER: 14
Loading...
नाम

15 अगस्त अंकुरित अनाज अंगदान अंग्रेजी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस अंधविश्वास अंधश्रद्धा अंधश्रध्दा अंश अग्रवाल अचार अच्छे काम अजब-गजब अतित अनमोल वचन अनुदान अन्न अन्य अन्याय अपेक्षा अमीरी अमेजन अरुणा शानबाग अवार्ड असली हीरो आंवला आंवला लौंजी आज के जमाने की अच्छाइयां आजादी आज़ादी आतंकवादी आत्महत्या आत्मा आदित्य तिवारी आम आम का मुरब्बा आरक्षण आलू इंसान इंस्टंट डोसा इंस्टंट स्नैक्स इंस्टट ढोकला इडली इन्डियन टाइम इमली इरोम शर्मिला ईश्वर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना उपमा ऋषि पंचमी एक सवाल ऐश ट्रे कन्यादान करवा-चौथ कहानी कांजी कानून कामवाली बाई किचन टिप्स कुंडली मिलान कुरकुरे केईएम् अस्पताल कॉर्न इडली कौए क्षमा खजूर खत खबर खरबूजा खांडवी खाना खारक खुले में शौच खुशी खेल गर्भाशय गलती गाजर गाजर-मूली के दही बडे गाय गोल्फ घंटी चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति चकली चटनी चाय चाय मसाला चूर्ण छोटी बाते छोटे लेकिन काम के टिप्स जनसंख्या जन्माष्टमी जमाना जाट आंदोलन जात-पात जीएसटी जीरो ऑइल रेसिपी जोक्स झाले-वारणे झूठ टिप्स कॉर्नर टी.व्ही. और सिनेमा ठेचा डॉक्टर डॉटर्स डे ढोकले तरबूज तिल के लड्डू दक्षिणा दही दहेज दिपावली बधाई संदेश दिशा दुल्हा दुश्मन देहदान दोस्त धर्म धर्मग्रंध धार्मिक नदी में पैसे नन्ही परी नवरात्र स्पेशल नववर्ष नववर्ष की शुभकामनाएं नाइंसाफी नानी नारी नारी अत्याचार नारी शिक्षा नाश्ता निंबु का अचार निचली जाती निर्णयक्षमता निर्भया निवाला नेत्रदान नेपाल त्रासदी नेल आर्ट पक्षी पढ़ा-लिख़ा कौन? पढ़ाई पति का अहं पपीता परंपरा पवित्र पवित्रता पाश्चात्य संस्कृति पिता पुण्य पैरेंटीग पोर्न मूवी पोषण पोहा पोहे के कुरकुरे प्याज प्यार प्यासा कौआ प्रत्यूषा प्राणियों से सीख फलाहार फादर्स डे फूल गोभी के परांठे फैशन फ्रेंडशीप डे बची हुई सामग्री का उपयोग बच्चे बच्चें बछबारस बड़ा कौन? बढ़ती उम्र बदला बधाई संदेश बरबादी बलात्कार बहू बिल्ली के गले में घंटी बुलंदशहर गैंगरेप बेटी बेटी बचाओ अभियान बेसन ब्रेड ब्रेड की रसमलाई ब्लॉगअद्दा एक्टिविटी ब्लॉगर्स रिकोग्निशन अवार्ड ब्लॉगिंग ब्ल्यू व्हेल गेम भगवान भजिए भरवां मिर्च भाभी भारत भुट्टे के पकोड़े भूकंप भोजन भ्रुण हत्या मंत्र मंदिर मंदिरों में ड्रेस कोड़ मंदिरों में दक्षिणा मकई उपमा मकई पकोडे मदर्स डे महानता महाराजा अग्रसेन जी महिला आजादी महिला आरक्षण महिलाओं का पहनावा माँ माता यशोदा मारवाड़ी माला मासिक धर्म माहवारी मिठाई मित्र मुक्ति मुबारकपुर कला मूंगफली की सूखी चटनी मूली मेंहदी मेथी दाना चुर्ण मेरा मंत्र मेरी बात मैनर्स रजस्वला नारी रवा इडली रसोई रांगोली राजस्थानी समाज राशी-भविष्य रिती-रिवाज रुपया-पैसा रोटी लघुकथा लीव इन रिलेशनशिप लेसुए लॉटरी लोकल ट्रेन लोग क्या कहेंगे? लौकी वक्त वटसावित्री व्रत वर वर्तमान विधवा विवाह वृंदावन वेजिटेबल डोसा वैलेंटाइन डे व्यंग व्रत व्हेजिटेबल पैनकेक शनि देव शब्द शर्बत शर्म शादी शादी की खरेदी शादी की फ़िजूलखर्ची का बिल शादी-ब्याह शिक्षा शुभ-अशुभ शुभम जगलान श्राद्ध श्रीकृष्ण श्रेष्ठता संक्रात संस्कार संस्मरण सपना सफेद बाल सब्जियों का अचार सब्जियों की कांजी समाजसेवा सर के बाल सलाद सांवला या काला रंग साउथ इंडियन डिश सागर में ज्वार साफ-सफाई साबुदाने और नारियल के लड्डू सामाजिक सालगिरह सास साहित्य सिंगल पैरेंट सिंदूर सीख-सुहानी सुखी सुजी सेलिब्रेटी सेवई उपमा सेहत सौतेली माता स्त्री स्नैक्स स्वतंंत्रता दिन स्वतंत्रता दिन स्वर्ग और नर्क स्वाभिमान हंस हरी मटर के पैनकेक हरी मिर्च हरी मिर्च का अचार हाथी हिंदी उखाणे हिंदी उखाने हिंदी शायरी होममेकर
false
ltr
item
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: स्त्री होने के बावजूद...!!!
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: स्त्री होने के बावजूद...!!!
मैं एक स्त्री हूं इसलिए मैं आगे नहीं बढ़ सकती इस सोच से खुद को मुक्त करें। आप स्त्री होने के बावजूद भी बहुत कुछ कर सकती है।
https://4.bp.blogspot.com/-UF4wQx3I5bc/WLFjkI23KVI/AAAAAAAADBg/JkkMFzMEg_EmW-h1JwAR5vbswRWHObqmgCLcB/s320/mahila%2Bdivas_Fotor.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-UF4wQx3I5bc/WLFjkI23KVI/AAAAAAAADBg/JkkMFzMEg_EmW-h1JwAR5vbswRWHObqmgCLcB/s72-c/mahila%2Bdivas_Fotor.jpg
आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल
http://www.jyotidehliwal.com/2017/03/antarrashtriy-mahila-divas-par-vishesh-stri-hone-ke-bavjud.html
http://www.jyotidehliwal.com/
http://www.jyotidehliwal.com/
http://www.jyotidehliwal.com/2017/03/antarrashtriy-mahila-divas-par-vishesh-stri-hone-ke-bavjud.html
true
7544976612941800155
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy